हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2026: गौतम अडानी फिर बने भारत के सबसे अमीर व्यक्ति; मुकेश अंबानी दूसरे नंबर पर फिसले

नई दिल्ली: गौतम अडाणी और उनका परिवार एक बार फिर भारत के सबसे अमीर परिवारों की सूची में शीर्ष पर पहुंच गया है। M3M हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2026 के अनुसार, अडाणी परिवार की कुल संपत्ति 13 प्रतिशत बढ़कर 9.23 लाख करोड़ रुपये हो गई है। वहीं, मुकेश अंबानी और परिवार की संपत्ति 10 प्रतिशत घटकर 8.63 लाख करोड़ रुपये रह गई है। दोनों परिवारों की संपत्ति में अब 59,400 करोड़ रुपये का अंतर है।
हुरुन के मुताबिक, पिछले पांच वर्षों में गौतम अडाणी और मुकेश अंबानी परिवार कई बार शीर्ष स्थान पर रहे हैं। अडाणी परिवार 2022 में पहले स्थान पर था, 2023 में दूसरे स्थान पर खिसका, 2024 में फिर शीर्ष पर पहुंचा और 2025 में दूसरे स्थान पर रहा। अब 2026 की सूची में उसने दोबारा नंबर-1 स्थान हासिल कर लिया है।
अडाणी परिवार की संपत्ति 2024 में 11.62 लाख करोड़ रुपये के शिखर पर पहुंची थी। 2025 में यह घटकर 8.15 लाख करोड़ रुपये रह गई थी, जो अब बढ़कर 9.23 लाख करोड़ रुपये हो गई है। दूसरी ओर, अंबानी परिवार की संपत्ति 2017 में 2.58 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2024 में 10.15 लाख करोड़ रुपये हुई थी, लेकिन इसके बाद घटकर 8.63 लाख करोड़ रुपये रह गई।
टॉप-10 में कौन-कौन?
हुरुन की सूची में लक्ष्मी निवास मित्तल और परिवार 3.39 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ तीसरे स्थान पर रहे। उनकी संपत्ति में 93 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। हुरुन ने इसका संबंध यूरोप में इस्पात की ऊंची कीमतों और व्यापार संरक्षण से जोड़ा है।
इसके बाद:
- गौतम अडाणी एवं परिवार — 9.23 लाख करोड़ रुपये
- मुकेश अंबानी एवं परिवार — 8.63 लाख करोड़ रुपये
- लक्ष्मी निवास मित्तल एवं परिवार — 3.39 लाख करोड़ रुपये
- साइरस पूनावाला एवं परिवार — 3.03 लाख करोड़ रुपये
- रोशनी नादर मल्होत्रा एवं परिवार — 2.79 लाख करोड़ रुपये
- कुमार मंगलम बिड़ला एवं परिवार — 2.69 लाख करोड़ रुपये
- दिलीप सांघवी — 2.65 लाख करोड़ रुपये
- अजीम प्रेमजी एवं परिवार — 2.63 लाख करोड़ रुपये
- अनिल अग्रवाल एवं परिवार — 2.08 लाख करोड़ रुपये
- समीर मेहता एवं परिवार — 1.89 लाख करोड़ रुपये
टोरेंट फार्मास्युटिकल्स से जुड़े समीर मेहता और परिवार पहली बार शीर्ष 10 में शामिल हुए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में कम से कम 1,000 करोड़ रुपये की संपत्ति रखने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 1,810 हो गई है। यह पिछले साल की तुलना में 128 अधिक है। इन धनवान भारतीयों की कुल संपत्ति 12.8 प्रतिशत बढ़कर 187.5 लाख करोड़ रुपये हो गई है।
डॉलर के लिहाज से भारत में अरबपतियों की संख्या भी बढ़ी है। एक साल में 27 की वृद्धि के साथ यह संख्या रिकॉर्ड 391 पर पहुंच गई है। पांच साल पहले भारत में 237 डॉलर अरबपति थे।
2026 की सूची में पहली बार कृत्रिम मेधा (AI) को एक अलग क्षेत्र के रूप में शामिल किया गया है। इस क्षेत्र से 19 लोग सूची में जगह बनाने में सफल रहे, जिनकी संयुक्त संपत्ति 3.07 लाख करोड़ रुपये है।
बेंगलुरु स्थित क्यूपीआईएआई के संस्थापक नागेंद्र नागराजा 1,700 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ सूची में शामिल होने वाले पहले क्वांटम कंप्यूटिंग उद्यमी बने।
शहरों की बात करें तो मुंबई 465 अरबपतियों के साथ भारत का सबसे बड़ा संपत्ति केंद्र बना हुआ है। इसके बाद नई दिल्ली में 236 और बेंगलुरु में 129 लोग सूची में शामिल हैं।
सूची में कुल 131 महिलाएं शामिल हैं, जिनमें 33 डॉलर अरबपति हैं। एचसीएल की रोशनी नादर मल्होत्रा और परिवार 2.79 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ देश की सबसे अमीर महिला बनी हुई हैं।
भारत से बाहर रहने वाले 156 लोग भी सूची में शामिल हैं। इनमें 90 अमेरिका और 31 संयुक्त अरब अमीरात में रहते हैं।
क्यूपिड के आदित्य कुमार हलवासिया की संपत्ति में सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई। उनकी संपत्ति 859 प्रतिशत बढ़कर 18,800 करोड़ रुपये हो गई।
वहीं, जेप्टो के सह-संस्थापक कैवल्य वोहरा 23 वर्ष की उम्र में सूची में शामिल सबसे युवा व्यक्ति रहे। उनके सह-संस्थापक आदित पालिचा, जिनकी उम्र 24 वर्ष है, दूसरे सबसे कम उम्र के व्यक्ति रहे।
हुरुन के अनुसार, 2026 की रैंकिंग में शामिल अवधि के दौरान सूचीबद्ध कंपनियों से जुड़ी संपत्ति में प्रतिदिन औसतन 5,833 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई।
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