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डिजिटल सेवाओं के निर्यात में भारत चौथे स्थान पर पहुंचा, 2025 में 317 अरब डॉलर का कारोबार

tv10 india news desk
By tv10 india news deskNewsroom21 September 2026

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डिजिटल सेवाओं के निर्यात में भारत चौथे स्थान पर पहुंचा, 2025 में 317 अरब डॉलर का कारोबार

नई दिल्ली। डिजिटल सेवाओं के निर्यात में भारत ने जर्मनी को पीछे छोड़ते हुए दुनिया में चौथा स्थान हासिल कर लिया है। वर्ष 2025 में भारत से डिजिटल सेवाओं का निर्यात 317 अरब डॉलर रहा, जो 2024 के 277 अरब डॉलर के मुकाबले 15 प्रतिशत अधिक है। वैश्विक बाजार में भारत की हिस्सेदारी 5.8 प्रतिशत से बढ़कर 6 प्रतिशत हो गई है।

दस साल पहले यानी 2015 में यह आंकड़ा करीब 92 अरब डॉलर था। इस लिहाज से देखा जाए तो एक दशक में निर्यात तीन गुना से अधिक बढ़ा है।

प्रतिस्पर्धियों से तेज वृद्धि

वर्ष 2024 से 2025 के बीच प्रमुख देशों की वृद्धि दर इस प्रकार रही:

  • भारत: 15 प्रतिशत
  • ब्रिटेन: 11 प्रतिशत
  • चीन: 10 प्रतिशत
  • अमेरिका: 10 प्रतिशत
  • जर्मनी: 9 प्रतिशत

यानी भारत की वृद्धि दर इन सभी बड़े प्रतिस्पर्धियों से ऊंची रही, जिसके चलते रैंकिंग में सुधार हुआ।

किस क्षेत्र का कितना हिस्सा

वर्ष 2025 में कुल डिजिटल सेवा निर्यात में विभिन्न श्रेणियों की हिस्सेदारी इस प्रकार रही:

  • कारोबारी सेवाएं: 54.6 प्रतिशत
  • कंप्यूटर सेवाएं: 39.2 प्रतिशत
  • वित्तीय सेवाएं: 2.4 प्रतिशत
  • व्यक्तिगत, सांस्कृतिक और मनोरंजन सेवाएं: 1.2 प्रतिशत
  • बीमा और पेंशन: 1.1 प्रतिशत
  • दूरसंचार: 0.8 प्रतिशत
  • बौद्धिक संपदा शुल्क: 0.5 प्रतिशत
  • सूचना सेवाएं: 0.1 प्रतिशत

आंकड़ों से साफ है कि कारोबारी सेवाएं और कंप्यूटर सेवाएं मिलकर कुल निर्यात का लगभग 94 प्रतिशत हिस्सा बनाती हैं।

नीति आयोग ने इस क्षेत्र को और मजबूत करने के लिए कुछ सुझाव दिए हैं। इनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़ी सेवाओं, क्लाउड, साइबर सुरक्षा, इंजीनियरिंग तथा अनुसंधान एवं विकास पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही गई है। इन क्षेत्रों में मूल्य संवर्धन अधिक होता है और प्रतिस्पर्धा में टिके रहने के लिए कुशल कर्मचारियों की मांग भी लगातार बनी रहती है।