🔴 Latest
🔴 ऋषिकेश में फिर शुरू होगी गंगा में रिवर राफ्टिंग, पांच से छह दिन में उतरेंगी नावें🔴 राजाजी टाइगर रिजर्व में जल्द शुरू होगी पूरे दिन की सफारी, सूर्योदय से सूर्यास्त तक कर सकेंगे जंगल का दीदार🔴 उत्तर प्रदेश में 912 युवाओं को मिले नियुक्ति पत्र, छह महीने में एक लाख भर्तियों का लक्ष्य🔴 बदरीनाथ धाम में देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव, गढ़वाली लोकनृत्य और पांडव नृत्य ने बांधा समां🔴 भारतीय महिला हॉकी टीम की तूफानी शुरुआत, उज्बेकिस्तान को 19-0 से हराया🔴 ऋषिकेश में फिर शुरू होगी गंगा में रिवर राफ्टिंग, पांच से छह दिन में उतरेंगी नावें🔴 राजाजी टाइगर रिजर्व में जल्द शुरू होगी पूरे दिन की सफारी, सूर्योदय से सूर्यास्त तक कर सकेंगे जंगल का दीदार🔴 उत्तर प्रदेश में 912 युवाओं को मिले नियुक्ति पत्र, छह महीने में एक लाख भर्तियों का लक्ष्य🔴 बदरीनाथ धाम में देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव, गढ़वाली लोकनृत्य और पांडव नृत्य ने बांधा समां🔴 भारतीय महिला हॉकी टीम की तूफानी शुरुआत, उज्बेकिस्तान को 19-0 से हराया

सेमीकॉन इंडिया में निवेश की झड़ी, एप्लाइड मैटेरियल्स ने 48 हजार करोड़ रुपये लगाने का ऐलान किया

tv10 india news desk
By tv10 india news deskNewsroom20 September 2026

AI News Reader

खबर सुनें (Listen Now)

सेमीकॉन इंडिया में निवेश की झड़ी, एप्लाइड मैटेरियल्स ने 48 हजार करोड़ रुपये लगाने का ऐलान किया

नई दिल्ली। सेमीकॉन इंडिया 2026 में देश के सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए बड़े निवेश की घोषणाएं हुईं। एप्लाइड मैटेरियल्स ने भारत में 48 हजार करोड़ रुपये निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई, जबकि लैम रिसर्च ने 10 हजार करोड़ रुपये लगाने का ऐलान किया।

टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने गुजरात के धोलेरा और असम में मिलाकर 1.18 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया है। कंपनी इन दोनों जगहों पर सेमीकंडक्टर से जुड़ी इकाइयां तैयार कर रही है।

एएसएमएल ने खोला भारत में दफ्तर

सेमीकंडक्टर उपकरण बनाने वाली कंपनी एएसएमएल ने भारत में अपना दफ्तर खोला है। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स इसकी पहली ग्राहक बनी है। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की 300 मिलीमीटर वाली सेमीकंडक्टर इकाई की क्षमता हर महीने 50 हजार वेफर की होगी।

सेमीकॉन 2.0 योजना का ऐलान

सरकार ने 1.27 लाख करोड़ रुपये की सेमीकॉन 2.0 योजना की घोषणा की है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उम्मीद जताई कि इस आयोजन से करीब 12 अरब डॉलर के निवेश प्रस्ताव मिलेंगे।

आयोजन में 52 देशों की 600 से अधिक कंपनियों ने हिस्सा लिया और 40 हजार से ज्यादा लोग यहां पहुंचे। सेमीकंडक्टर विनिर्माण से जुड़ी कंपनियों, उपकरण निर्माताओं और शोध संस्थानों ने अपनी तकनीक का प्रदर्शन किया।

सेमीकंडक्टर चिप आज मोबाइल फोन, कार, घरेलू उपकरण, चिकित्सा उपकरण और रक्षा प्रणालियों तक हर जगह इस्तेमाल होती है। भारत अभी इनका बड़ा हिस्सा आयात करता है।

देश में विनिर्माण इकाइयां लगने से आयात पर निर्भरता घटने की उम्मीद है। इसके साथ ही इंजीनियरिंग और तकनीकी क्षेत्र में बड़ी संख्या में रोजगार पैदा होने की संभावना है, क्योंकि चिप निर्माण के हर चरण में प्रशिक्षित कर्मियों की जरूरत होती है।

सेमीकंडक्टर उद्योग सिर्फ एक कारखाने तक सीमित नहीं रहता। इसके साथ असेंबली, परीक्षण और पैकेजिंग से जुड़ी इकाइयां, विशेष रसायन और गैस की आपूर्ति करने वाली कंपनियां तथा उपकरणों की देखरेख करने वाली सेवाएं भी विकसित होती हैं। इससे आसपास के इलाकों में छोटे और मझोले उद्योगों को भी काम मिलता है।

इस क्षेत्र में दक्ष कर्मियों की मांग सबसे अहम पहलू मानी जाती है। इसी वजह से इंजीनियरिंग संस्थानों में सेमीकंडक्टर डिजाइन और विनिर्माण से जुड़े पाठ्यक्रमों पर ध्यान बढ़ा है, ताकि आने वाले वर्षों में इकाइयों को प्रशिक्षित कर्मचारी मिल सकें।