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भारत का विकास अनुमान बढ़ाकर 7 प्रतिशत किया गया, जी-20 देशों में सबसे तेज वृद्धि की उम्मीद

tv10 india news desk
By tv10 india news deskNewsroom19 September 2026

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भारत का विकास अनुमान बढ़ाकर 7 प्रतिशत किया गया, जी-20 देशों में सबसे तेज वृद्धि की उम्मीद

नई दिल्ली। वैश्विक रेटिंग संस्था मूडीज ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि दर का अनुमान बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया है। पहले यह अनुमान 6 प्रतिशत रखा गया था। संस्था का मानना है कि इस दौरान भारत जी-20 की हर दूसरी अर्थव्यवस्था से तेज गति से बढ़ेगा।

अनुमान बढ़ाने की सबसे बड़ी वजह भारतीय अर्थव्यवस्था का मजबूत प्रदर्शन रही। वर्ष 2026 की पहली छमाही में देश की वृद्धि दर सालाना आधार पर 8.2 प्रतिशत रही, जबकि वर्ष 2025 में यह 7.3 प्रतिशत थी।

मजबूती की वजहें

आकलन के अनुसार पश्चिम एशिया में संघर्ष के चलते वैश्विक स्तर पर झटका लगने के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने लचीलापन दिखाया। वृद्धि को गति देने वाले प्रमुख कारण इस प्रकार बताए गए हैं —

  • निजी उपभोग में मजबूती
  • निवेश की ठोस स्थिति
  • सरकार का बुनियादी ढांचे पर खर्च
  • निजी निवेश में वापसी
  • सेवा क्षेत्र की निरंतर रफ्तार

इन कारकों के चलते घरेलू मांग बनी रही और उत्पादन गतिविधियों को सहारा मिला। बुनियादी ढांचे पर सरकारी खर्च ने रोजगार और उससे जुड़े उद्योगों को भी सक्रिय रखा।

किन बातों से बढ़ सकता है जोखिम

आकलन में कुछ जोखिमों की ओर भी ध्यान दिलाया गया है। अल नीनो के असर से खाद्य कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे घरेलू खर्च पर दबाव पड़ेगा। ऊर्जा और उर्वरक के आयात बिल में इजाफा भी चिंता का विषय बताया गया है।

इसके अलावा बाहरी मांग में नरमी और पश्चिम एशिया से आने वाले धन प्रेषण में कमी से चालू खाते का घाटा बढ़ सकता है, जिसका असर वृद्धि दर पर पड़ने की आशंका है।

हालांकि समग्र आकलन में भारत की स्थिति अन्य बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में बेहतर बताई गई है। घरेलू मांग पर आधारित होने के कारण अर्थव्यवस्था बाहरी झटकों को अपेक्षाकृत बेहतर तरीके से सहन कर पा रही है।