विश्वकर्मा पूजा पर मशीनों की आराधना: कारखानों और वर्कशॉप में गूंजे मंत्र, जमालपुर रेल कारखाने में उमड़ी भीड़

जमालपुर: विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर देश भर के कारखानों, वर्कशॉप और सेवा केंद्रों में औजारों और मशीनों की विधिवत पूजा की गई। बिहार के जमालपुर रेल कारखाने में इस मौके पर हजारों लोग पहुंचे और मशीनों की उस दुनिया को करीब से देखा, जो सामान्य दिनों में आम लोगों की पहुंच से बाहर रहती है।
मान्यता है कि भगवान विश्वकर्मा सृष्टि के प्रथम शिल्पी और वास्तुकार हैं। शास्त्रों में उन्हें निर्माण, शिल्प और तकनीक का अधिष्ठाता देवता माना गया है। यही वजह है कि इस दिन कारीगर, इंजीनियर, मैकेनिक, बुनकर, बढ़ई, लोहार और तकनीशियन अपने औजारों को साफ कर उनकी पूजा करते हैं और साल भर काम में सफलता की कामना करते हैं।
सजी मशीनें, गूंजे मंत्र
सुबह से ही कारखानों में सफाई और सजावट का काम चला। मशीनों पर फूलमालाएं चढ़ाई गईं, औजारों को रंग-बिरंगे कपड़ों से सजाया गया और पूजा के बाद प्रसाद बांटा गया। कई जगह सामूहिक भोज का आयोजन भी हुआ, जिसमें कर्मचारियों के परिवार शामिल हुए। शोभा यात्राएं निकालकर भी श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था प्रकट की।
पूर्वी भारत में यह पर्व खास उत्साह के साथ मनाया जाता है। बंगाल, बिहार, झारखंड और ओडिशा के औद्योगिक इलाकों में इसे किसी बड़े त्योहार की तरह देखा जाता है। छोटी दुकानों से लेकर बड़े संयंत्रों तक, हर जगह इस दिन काम रोककर पूजा की परंपरा निभाई जाती है।
पर्व की खास बातें
- निर्माण, शिल्प और तकनीक के अधिष्ठाता माने जाते हैं भगवान विश्वकर्मा
- कारखानों, वर्कशॉप और सेवा केंद्रों में औजारों की पूजा
- जमालपुर रेल कारखाने में मशीनों की दुनिया देखने पहुंचे हजारों लोग
- कई शहरों में निकाली गईं शोभा यात्राएं
इस पर्व का एक सामाजिक पहलू भी है। यह उस श्रम को सम्मान देता है जो आमतौर पर पर्दे के पीछे रहता है। जिस मिस्त्री ने मशीन ठीक की, जिस बढ़ई ने दरवाजा गढ़ा और जिस तकनीशियन ने बिजली का काम संभाला, इस दिन उन सबके हुनर को केंद्र में रखा जाता है।
रेल कारखानों में इस दिन आम लोगों के प्रवेश की परंपरा को लेकर उत्साह हर साल दिखता है। बच्चों और युवाओं के लिए विशाल मशीनों, इंजनों और तकनीकी प्रक्रियाओं को नजदीक से देखना किसी रोमांच से कम नहीं होता। कई परिवार अपने बच्चों को इसी उद्देश्य से लेकर पहुंचते हैं, ताकि वे उस काम को समझ सकें जिससे उनके घर का चूल्हा जलता है।
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