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सीएम धामी का पीएम मोदी को भावुक पत्र: लिखा- 'राष्ट्र-शिल्पी मोदीजी, जीवेम शरदः शतम्'; राम-सुग्रीव प्रसंग से की तुलना, विपक्ष पर भी साधा निशाना

tv10 india news desk
By tv10 india news deskNewsroom17 September 2026

AI News Reader

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सीएम धामी ने खास अंदाज में दी पीएम को बधाई: बोले- 'आप आधुनिक भारत के राष्ट्र-शिल्पी'; पहली मुलाकात का डर और संबल भी पत्र में किया साझा

देहरादून: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिवस के अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक भावपूर्ण और विस्तृत खुला पत्र लिखा है। पत्र में सीएम धामी ने जहां पीएम मोदी के जीवन संघर्ष, वैचारिक दृढ़ता और वैश्विक उपलब्धियों को रेखांकित किया, वहीं अपनी पहली मुलाकात के संकोच और भय को साझा करते हुए पीएम मोदी की तुलना भगवान राम से की।

धामी ने लिखा कि जिस तरह भगवान राम ने सुग्रीव को संरक्षण देकर किष्किंधा के शिखर पर प्रतिष्ठित किया था, उसी तरह पीएम मोदी ने मुझ जैसे साधारण कार्यकर्ता को संबल प्रदान कर राज्य की सेवा का दायित्व सौंपा। इसके साथ ही सीएम ने विपक्षी दलों और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की राजनीति को 'डिस्पोजल सोच' करार देते हुए तीखा हमला बोला।

पत्र की 4 बड़ी बातें:

  • पहली मुलाकात का डर: सीएम बनने के बाद जब धामी पहली बार पीएमओ पहुंचे, तो मन में संकोच और डर था, लेकिन पीएम मोदी ने बरगद की तरह विशाल हृदय से गले लगाया।
  • राम-सुग्रीव का प्रसंग: धामी ने लिखा कि पीएम मोदी ने साधारण पृष्ठभूमि के कार्यकर्ताओं को उसी तरह शिखर पर पहुंचाया, जैसे प्रभु श्रीराम ने सुग्रीव को संबल दिया था।
  • राहुल और विपक्ष पर प्रहार: विपक्ष तात्कालिक स्वार्थ के लिए देश के भविष्य से खिलवाड़ कर रहा है; उन्हें डर है कि सामान्य घरों के लोग आगे आए तो उनकी 'दुकानें' बंद हो जाएंगी।
  • माहभर का अभियान: पीएम के जन्मदिन पर उत्तराखंड में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक 'सेवा संकल्प अभियान' चलाया जाएगा।
पहली मुलाकात का संस्मरण: 'मन में उत्साह के साथ थोड़ा डर भी था'

सीएम धामी ने पत्र में संगठन द्वारा उन्हें पहली बार मुख्यमंत्री बनाए जाने के पलों को याद किया। उन्होंने लिखा—
"मुझे भली-भांति याद है जब संगठन ने मुझे पहली बार उत्तराखंड के मुख्य सेवक का दायित्व सौंपा था। दिल्ली स्थित पीएमओ में जब मैं पहली भेंट के लिए पहुंचा, तो मन में उत्साह के साथ थोड़ा संकोच और डर भी था। परंतु मोदी जी ने अत्यंत आत्मीयता से मुझे अपने पास बिठाया। उनका हृदय बरगद की भांति विशाल और सागर की तरह गहरा है, जिसमें प्रत्येक नागरिक के लिए समान करुणा और कर्तव्य का भाव है।"

राहुल गांधी पर निशाना: 'विपक्ष तात्कालिक स्वार्थ वाली डिस्पोजल सोच का शिकार'

सीएम धामी ने पत्र में देश की वर्तमान राजनीति और विपक्ष पर सीधा प्रहार किया। उन्होंने लिखा कि जब हम विपक्षी दलों और उनके 'युवराज' राहुल गांधी की राजनीति को देखते हैं, तो अत्यंत चिंताजनक और गैर-जिम्मेदाराना परिदृश्य उभरता है। आज विपक्ष एक 'डिस्पोजल सोच' से ग्रसित हो चुका है, जो तात्कालिक राजनीतिक स्वार्थ के लिए देश के स्वर्णिम इतिहास और भविष्य को नष्ट करने पर आमादा है। वंशवादी राजनीति के अहंकार में डूबे दलों को भय है कि आम घरों के लोग सशक्त हो गए, तो उनका राजनीतिक अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।

सांस्कृतिक पुनरुत्थान से आर्थिक मजबूती: 'भारत अब याचक नहीं, ग्लोबल लीडर'

धामी ने लिखा कि वर्ष 2014 के बाद भारत याचक की भूमिका से बाहर निकलकर ग्लोबल लीडर बन चुका है। जी-20, ब्रिक्स, क्वाड, चंद्रयान और रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता इसका उदाहरण हैं। वहीं अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल कॉरिडोर और नालंदा विश्वविद्यालय का पुनरुद्धार सांस्कृतिक पुनर्जागरण के प्रतीक हैं। आज देश 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और जल्द ही टॉप-3 में शामिल होने जा रहा है।

उत्तराखंड के लिए संकल्प: यूसीसी लागू, महीने भर चलेगा 'सेवा संकल्प अभियान'

पीएम के विजन "21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा" का उल्लेख करते हुए धामी ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं:

  • सख्त कानून और नौकरियां: समान नागरिक संहिता (UCC), देश का सबसे सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, मदरसा सुधार और नकल विरोधी कानून से 35 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी नौकरियां दी गईं।
  • विकास दर: नीति आयोग की SDG रैंकिंग में उत्तराखंड पहले स्थान पर रहा और प्रति व्यक्ति आय में 11% से अधिक की वृद्धि दर्ज हुई।
  • 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक अभियान: पीएम के 76वें जन्मदिन पर राज्यभर में स्वास्थ्य शिविर, रोजगार-स्वरोजगार मेले, ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर और महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) को बाजार से जोड़ने के लिए माहभर 'सेवा संकल्प अभियान' चलेगा।

अंत में मुख्यमंत्री ने वैदिक ऋचा 'जीवेम शरदः शतम्' के साथ प्रधानमंत्री के 100 वर्ष तक स्वस्थ, सुदीर्घ और ओजस्वी जीवन की मंगलकामना की।