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वामन जयंती 23 सितंबर को, जानिए भगवान विष्णु के पांचवें अवतार की पूजा विधि

tv10 india news desk
By tv10 india news deskNewsroom21 September 2026

AI News Reader

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वामन जयंती 23 सितंबर को, जानिए भगवान विष्णु के पांचवें अवतार की पूजा विधि

वामन जयंती इस वर्ष बुधवार, 23 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी। इसे वामन द्वादशी भी कहा जाता है। पंचांग के अनुसार भाद्रपद शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि 22 सितंबर की रात 9 बजकर 43 मिनट पर शुरू होगी और 23 सितंबर की रात 10 बजकर 50 मिनट पर समाप्त होगी।

इस दिन श्रवण नक्षत्र का संयोग भी बन रहा है। श्रवण नक्षत्र 22 सितंबर की सुबह 7 बजकर 6 मिनट से शुरू होकर 23 सितंबर की सुबह 9 बजकर 9 मिनट तक रहेगा। पंचांग में इस दिन के लिए कोई अलग से शुभ मुहूर्त नहीं बताया गया है।

पूजा की विधि

वामन जयंती पर पूजा इस क्रम में की जाती है:

  • सुबह स्नान के बाद व्रत का संकल्प लें
  • चौकी पर पीला या लाल वस्त्र बिछाकर भगवान वामन की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें
  • ओम नमो भगवते वामनाय नमः मंत्र का जाप करें
  • पंचामृत से अभिषेक करें
  • पीले वस्त्र, चंदन, अक्षत, पीले पुष्प और तुलसी अर्पित करें
  • धूप और दीप जलाएं
  • सात्विक भोग लगाएं
  • वामन अवतार की कथा पढ़ें और उसके बाद आरती करें

पांचवें अवतार की कथा

भगवान विष्णु के दस अवतारों में वामन पांचवें हैं। इनसे पहले मत्स्य, कूर्म, वराह और नृसिंह अवतार हुए थे। पौराणिक कथा के अनुसार वामन का जन्म माता अदिति और ऋषि कश्यप के यहां हुआ था।

कथा के अनुसार वामन रूप में भगवान विष्णु राजा बलि के यज्ञ में पहुंचे और उनसे तीन पग भूमि मांगी। राजा बलि अपने दान के लिए प्रसिद्ध थे और उन्होंने यह याचना स्वीकार कर ली। इसके बाद वामन ने अपना विराट रूप प्रकट किया।

यह अवतार विष्णु के उन अवतारों में गिना जाता है जिनमें बल के स्थान पर विनम्रता और संकल्प को प्रमुखता दी गई। इसी कारण इस दिन दान का विशेष महत्व माना जाता है।

श्रद्धालु इस दिन व्रत रखते हैं और सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं। मंदिरों में विष्णु सहस्रनाम का पाठ और भजन-कीर्तन के आयोजन होते हैं। परिवार के सदस्य साथ बैठकर कथा सुनते हैं और प्रसाद वितरित करते हैं।