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राधा अष्टमी पर भक्ति में डूबा ब्रज, बरसाना के श्री राधा रानी मंदिर में उमड़े श्रद्धालु

tv10 india news desk
By tv10 india news deskNewsroom19 September 2026

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राधा अष्टमी पर भक्ति में डूबा ब्रज, बरसाना के श्री राधा रानी मंदिर में उमड़े श्रद्धालु

बरसाना। राधा अष्टमी के अवसर पर शनिवार को ब्रज क्षेत्र भक्ति के रंग में डूबा रहा। उत्तर प्रदेश के बरसाना स्थित श्री राधा रानी मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मथुरा, वृंदावन और पूरे ब्रज क्षेत्र के मंदिरों में दिन भर पूजा-अर्चना का क्रम चलता रहा।

राधा अष्टमी उत्तर भारत के प्रमुख धार्मिक पर्वों में से एक है। इस दिन श्रद्धालु व्रत रखते हैं और विधि-विधान से राधा रानी तथा भगवान कृष्ण की पूजा करते हैं। मान्यता है कि इस दिन की आराधना से जीवन में प्रेम, सुख और शांति आती है।

बरसाना में हुआ था राधा रानी का प्राकट्य

परंपरा के अनुसार राधा रानी का जन्म बरसाना में हुआ था। यही कारण है कि इस पर्व को राधा रानी के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है और बरसाना का मंदिर इस दिन आस्था का सबसे बड़ा केंद्र बन जाता है।

सुबह से ही मंदिरों में दर्शन के लिए कतारें लगनी शुरू हो गईं। श्रद्धालुओं ने दर्शन कर मंगलकामना की। कई श्रद्धालु दिन भर उपवास रखकर मंदिरों में होने वाले विशेष अनुष्ठानों में शामिल हुए।

उत्तर भारत के अलग-अलग हिस्सों में यह पर्व अलग-अलग परंपराओं के साथ मनाया जाता है, लेकिन ब्रज क्षेत्र में इसका उत्साह सबसे अधिक दिखाई देता है। यहां यह केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पहचान से भी जुड़ा हुआ है।

राधा अष्टमी को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष आस्था रहती है। मान्यता के अनुसार इस दिन की पूजा-अर्चना से भक्तों को राधा और कृष्ण, दोनों की कृपा प्राप्त होती है। यही कारण है कि ब्रज के अलावा उत्तर भारत के अन्य हिस्सों के मंदिरों में भी इस दिन श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है।

काशी में सोरहिया मेले की भी शुरुआत

राधाष्टमी के साथ ही काशी में सोरहिया मेले की शुरुआत भी हुई। लक्ष्मीकुंड स्थित महालक्ष्मी मंदिर में राधाष्टमी से पितृपक्ष की अष्टमी तक चलने वाले इस 16 दिवसीय मेले में महिलाएं व्रत रखकर पूजन करती हैं।

इस तरह राधा अष्टमी का दिन उत्तर भारत में कई स्थानों पर लंबे धार्मिक आयोजनों की शुरुआत का अवसर भी बनता है, जो आगे कई दिनों तक चलते रहते हैं।