केन्याई राष्ट्रपति के अल्टीमेटम पर टाटा केमिकल्स की दो-टूक सफाई: 'सारे नियम माने, सरकार से बातचीत को तैयार'

- केन्या के राष्ट्रपति विलियम रूटो ने टाटा केमिकल्स से 'मगाडी सोडा ऐश' प्लांट छोड़ने को कहा, नए निवेशकों को लाने का ऐलान.
- टाटा केमिकल्स ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी- हम सभी नियमों का कर रहे हैं पूरी तरह पालन, सरकार को सौंपे जरूरी दस्तावेज.
- साल 2005 से केन्या में प्लांट चला रही है भारतीय कंपनी, कांच और ईवी बैटरी बनाने में होता है सोडा ऐश का इस्तेमाल.
नई दिल्ली: भारतीय बहुराष्ट्रीय कंपनी टाटा समूह की कंपनी 'टाटा केमिकल्स' और केन्या सरकार के बीच विवाद गहरा गया है. केन्या के राष्ट्रपति विलियम रूटो द्वारा टाटा को देश के ऐतिहासिक 'मगाडी सोडा ऐश' ऑपरेशन को छोड़ने और कारोबार समेटने के दिए गए अल्टीमेटम पर अब कंपनी का आधिकारिक बयान सामने आया है. टाटा केमिकल्स ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि उसकी केन्याई सब्सिडियरी 'टाटा केमिकल्स मगाडी लिमिटेड' (TCML) सभी स्थानीय और रेगुलेटरी नियमों का शत-प्रतिशत पालन कर रही है और सरकार द्वारा मांगी गई सभी जानकारियां व दस्तावेज पहले ही जमा कराए जा चुके हैं.
काजियाडो काउंटी के दौरे पर पहुंचे केन्याई राष्ट्रपति विलियम रूटो ने एक जनसभा में टाटा पर तीखा हमला बोला. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, रूटो ने कहा, "टाटा के पास करीब 100 साल से माइनिंग राइट्स (खनन अधिकार) हैं, लेकिन उन्होंने काजियाडो क्षेत्र में बुनियादी विकास के लिए कुछ भी नहीं किया. वे हमारे प्राकृतिक संसाधनों को भारत और अन्य देशों में ले जाते हैं. इसलिए टाटा लेक मगाडी साइट से अपना सामान समेटे और यहां से जाए."
राष्ट्रपति ने घोषणा की कि सरकार टाटा की जगह दो नई कंपनियों को खनन अधिकार सौंपेगी—जिनमें से एक कांच (ग्लास) फैक्ट्री लगाएगी और दूसरी केमिकल का उत्पादन करेगी. वहीं, काजियाडो के गवर्नर जोसेफ ओले लेंकू ने दावा किया कि टाटा के माइनिंग अधिकार 2023 में ही समाप्त हो चुके हैं.
टाटा केमिकल्स की दो-टूक सफाई: 'सभी दस्तावेज सौंपे, निर्देशों का इंतजार'
राष्ट्रपति के बयान के बाद टाटा केमिकल्स ने स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में पूरे घटनाक्रम की टाइमलाइन साझा की:
- 28 जुलाई: माइनिंग, ब्लू इकोनॉमी और मैरीटाइम अफेयर्स मिनिस्ट्री से कंपनी को कामकाज सस्पेंड करने का नोटिस मिला, जिसमें रॉयल्टी व कुछ अन्य नियमों का हवाला दिया गया था.
- 11 अगस्त: टाटा केमिकल्स (TCML) ने मंत्रालय द्वारा उठाए गए सभी बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट, आंकड़े और जरूरी दस्तावेज जमा करा दिए.
- वर्तमान स्थिति: कंपनी अब मंत्रालय द्वारा उन दस्तावेजों की समीक्षा और आगे के आधिकारिक निर्देशों की प्रतीक्षा कर रही है.
कंपनी ने कहा, "हम केन्या सरकार के संप्रभु अधिकारों का सम्मान करते हैं और सभी मुद्दों को सुलझाने के लिए कानूनी व पारदर्शी तरीके से बातचीत के लिए तैयार हैं. हमारे कर्मचारियों, स्थानीय मगाडी समुदाय और केन्या की अर्थव्यवस्था की भलाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है."
क्यों इतना अहम है मगाडी प्लांट?
केन्या की लेक मगाडी साइट से साल 1911 से प्राकृतिक सोडा ऐश (सोडियम कार्बोनेट) का खनन हो रहा है.
- टाटा का अधिग्रहण: टाटा केमिकल्स ने साल 2005 में ब्रूनर मोंड लिमिटेड का अधिग्रहण कर इस प्लांट की कमान संभाली थी और पिछले दो दशकों से इसका संचालन कर रही है.
- वैश्विक हिस्सेदारी: यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, प्राकृतिक सोडा ऐश उत्पादन में केन्या दुनिया का चौथा सबसे बड़ा देश है, जिसकी वैश्विक उत्पादन में करीब 1% हिस्सेदारी है.
- औद्योगिक उपयोग: सोडा ऐश का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल ग्लास मैन्युफैक्चरिंग, डिटर्जेंट और आधुनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) बैटरियों के निर्माण में किया जाता है.
