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पैरा निशानेबाजी विश्व चैंपियनशिप में भारत का सुनहरा दिन, महिला टीम ने जीता स्वर्ण, अवनि और मोना को व्यक्तिगत पदक

tv10 india news desk
By tv10 india news deskNewsroom17 September 2026

AI News Reader

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पैरा निशानेबाजी विश्व चैंपियनशिप में भारत का सुनहरा दिन, महिला टीम ने जीता स्वर्ण, अवनि और मोना को व्यक्तिगत पदक

चांगवोन: दक्षिण कोरिया के चांगवोन में चल रही पैरा निशानेबाजी विश्व चैंपियनशिप में भारत के लिए दिन सुनहरा रहा। महिलाओं की दस मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग स्पर्धा में भारतीय टीम ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। टीम में मिली, मोना अग्रवाल और अवनि लेखरा शामिल रहीं।

व्यक्तिगत स्पर्धा में भी भारतीय निशानेबाजों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। मोना अग्रवाल ने रजत पदक जीता, जबकि अवनि लेखरा के खाते में कांस्य पदक आया। एक ही स्पर्धा में टीम स्वर्ण के साथ दो व्यक्तिगत पदक आना भारतीय पैरा निशानेबाजी की गहराई को दर्शाता है।

राइफल में मजबूत होती भारतीय पकड़

पैरा निशानेबाजी में भारत बीते कुछ वर्षों में लगातार मजबूत हुआ है। राइफल की टीम स्पर्धा में स्वर्ण और रजत, दोनों का एक साथ भारत के खाते में आना इस क्षेत्र में देश की बढ़ती पकड़ का प्रमाण माना जा रहा है। यह उपलब्धि इसलिए भी अहम है क्योंकि इस स्पर्धा में विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा बेहद कड़ी रहती है।

एयर राइफल स्टैंडिंग वर्ग में निशानेबाज खड़े होकर निशाना लगाते हैं। दस मीटर की दूरी पर रखे लक्ष्य का केंद्र बेहद छोटा होता है, इसलिए सांस पर नियंत्रण, शरीर की स्थिरता और एकाग्रता निर्णायक साबित होते हैं। एक मिलीमीटर का अंतर भी पदक का रंग बदल देता है।

नतीजे एक नजर में

  • महिला दस मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग टीम स्पर्धा में स्वर्ण
  • टीम में मिली, मोना अग्रवाल और अवनि लेखरा
  • व्यक्तिगत स्पर्धा में मोना अग्रवाल को रजत
  • अवनि लेखरा ने जीता कांस्य पदक

पैरा खेलों में भारत की सफलता के पीछे बीते वर्षों में खड़ा किया गया ढांचा भी है। प्रशिक्षण केंद्रों की संख्या बढ़ी है, विशेष उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं और विदेशी प्रतियोगिताओं में भागीदारी नियमित हुई है। इसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पदकों की संख्या में दिखाई देता है।

इस तरह की जीत का असर मैदान से कहीं आगे तक जाता है। दिव्यांग बच्चों और उनके परिवारों के लिए ये खिलाड़ी जीते-जागते उदाहरण बन जाते हैं कि सीमाएं शरीर में नहीं, सोच में होती हैं। यही वजह है कि पैरा खेलों के नतीजे अब देश भर में उत्सुकता से देखे जाते हैं।