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काशी में डेयरी का महाकुंभ: 22 लीटर दूध देकर 'आराधिका' बनी नंबर वन, दो हजार महिला पशुपालक पहुंचीं

tv10 india news desk
By tv10 india news deskNewsroom19 September 2026

AI News Reader

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काशी में डेयरी का महाकुंभ: 22 लीटर दूध देकर 'आराधिका' बनी नंबर वन, दो हजार महिला पशुपालक पहुंचीं

वाराणसी। बीएचयू के हेलीपैड मैदान में शनिवार से शुरू हुए दो दिवसीय ग्रामीण महोत्सव 'रंगीलो काशी' में दुधारू पशुओं की प्रतियोगिता आकर्षण का केंद्र बनी। हरियाणा के जींद से आई तीन साल की गाय 'आराधिका' ने मेले में 22 लीटर दूध देकर पहला स्थान हासिल किया। यह पहला मौका है जब इस स्वरूप में ग्रामीण महोत्सव का आयोजन किया गया है।

आराधिका के मालिक बिट्टू ने बताया कि घर पर यह गाय करीब 27 लीटर दूध देती है, लेकिन लंबी यात्रा के कारण मेले में दूध की मात्रा कुछ घट गई। प्रतियोगिता में 'दिलरुबा' नाम की गाय तीसरे स्थान पर रही। पशु प्रदर्शनी देखने के लिए दिन भर भीड़ जुटी रही।

दो हजार महिला पशुपालकों ने बढ़ाई रौनक

महोत्सव में करीब दो हजार महिला पशुपालक पहुंचीं। आजमगढ़ से महिलाएं पांच बसों में सवार होकर आईं। राजमुनि देवी जैसी कई महिलाएं रोजाना तीन लीटर दूध बेचकर घर की गाड़ी चला रही हैं। इन महिलाओं के लिए यह आयोजन सिर्फ प्रदर्शनी नहीं, बल्कि नई तकनीक समझने और बेहतर कमाई का रास्ता तलाशने का मौका बना।

मेले में ओजोन क्रॉप इनोवेट की मशीनों ने पशुपालकों का ध्यान खींचा। अभिजीत सोमलवार ने फ्यूमीजोन मशीन के बारे में जानकारी दी, जो गोशाला की दूषित हवा को बाहर निकालकर वातावरण को स्वच्छ बनाती है। डॉ. भाग्यश्री भटनागर ने नैनो बबल जनरेटर के बारे में बताया, जो पानी में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाता है और खेती में भी उपयोगी है।

बीएचयू के पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान से जुड़े विशेषज्ञों ने तकनीकी सत्र में पशुपालकों के सवालों के जवाब दिए। डॉ. अमृत, डॉ. पप्पू कुमार, डॉ. अनुज और डॉ. प्रमोद कुमार ने पशुओं के पोषण, स्वास्थ्य, दूध उत्पादन बढ़ाने तथा साइलेज और चारा प्रबंधन पर व्यावहारिक जानकारी दी।

हर जिले में बनेगी डेयरी सहकारी समिति

दुग्ध विकास आयुक्त धनलक्ष्मी के. ने कहा कि हर जिले में डेयरी सहकारी समिति बनाने और ब्लॉक स्तर तक राष्ट्रीय गोकुल मिशन पहुंचाने की दिशा में काम किया जा रहा है। कार्यक्रम में किसानों और लाभार्थियों के मेधावी बच्चों को सम्मानित भी किया गया।

बीएचयू के कुलपति प्रो. अजीत चतुर्वेदी ने कहा कि विश्वविद्यालय गोपालन और दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में सक्रिय है तथा मिर्जापुर परिसर में डेयरी संचालित की जा रही है।

महोत्सव रविवार को भी जारी रहेगा। इसमें कार्यशालाएं, व्यावहारिक प्रदर्शन और डेयरी उपकरणों की प्रदर्शनी शामिल है, जहां पशुपालक नई मशीनों और तकनीक को नजदीक से देख सकेंगे।