आयुर्वेद और योग में बढ़ा एआई का इस्तेमाल: 'योग सारथी' देगा सुझाव, 22 भाषाओं में मिलेंगी सेवाएं

नई दिल्ली। आयुष मंत्रालय आयुर्वेद समेत सभी आयुष पद्धतियों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई का दायरा तेजी से बढ़ा रहा है। यह काम मंत्रालय के डिजिटल मंच 'आयुष ग्रिड' के आधार पर किया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवा, शोध, शिक्षा, सूचना सेवाओं और निवेश से जुड़े क्षेत्रों में एआई आधारित नए उपकरण तैयार किए गए हैं।
मंत्रालय के अनुसार अब लक्ष्य केवल स्थिर पोर्टल चलाना नहीं, बल्कि ऐसी सेवाएं उपलब्ध कराना है जो संवादात्मक हों, बुद्धिमान हों और उपयोगकर्ता की जरूरत के अनुसार जवाब दें।
योग सारथी और निवेश सारथी
तैयार किए गए उपकरणों में 'योग सारथी' नाम का एआई चैटबॉट शामिल है, जो उपयोगकर्ता को उसकी जरूरत के अनुसार योग से जुड़े सुझाव देता है। वहीं 'निवेश सारथी' आयुष क्षेत्र में निवेश करने के इच्छुक लोगों की मदद के लिए बनाया गया है।
इनके अलावा मंत्रालय के डिजिटल तंत्र में एमएआईएसपी, ई-एलएमएस, ई-चरक और एआरपी रिसर्च असिस्टेंट जैसी सेवाएं भी शामिल की गई हैं। इनका लाभ अलग-अलग वर्गों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है —
- आम नागरिक
- शोधकर्ता और विद्यार्थी
- औषधीय पौधों के कारोबार से जुड़े लोग
- योग का अभ्यास और प्रशिक्षण देने वाले
- आयुष क्षेत्र में निवेश करने के इच्छुक
22 भाषाओं में उपलब्ध होंगे पोर्टल
मंत्रालय राष्ट्रीय स्तर की एआई पहलों के साथ भी साझेदारी कर रहा है। इंडियाएआई और भाषिणी के सहयोग से आयुष ग्रिड के पोर्टल संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल 22 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराए जाएंगे।
भाषा की बाधा दूर होने से गांव और कस्बों तक के लोग इन सेवाओं का इस्तेमाल अपनी ही भाषा में कर सकेंगे। आयुष पद्धतियों की जानकारी और परामर्श तक पहुंच आसान बनाने की दिशा में इसे अहम कदम माना जा रहा है।
मंत्रालय के मुताबिक एआई आधारित इन सेवाओं का विस्तार आगे भी जारी रहेगा और इन्हें शोध से लेकर आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों तक जोड़ा जाएगा।
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