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इंस्पायर अवॉर्ड मानक योजना में उत्तर प्रदेश देश में अव्वल, 30 हजार से ज्यादा छात्रों ने भेजे नवाचार के विचार

tv10 india news desk
By tv10 india news deskNewsroom17 September 2026

AI News Reader

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इंस्पायर अवॉर्ड मानक योजना में उत्तर प्रदेश देश में अव्वल, 30 हजार से ज्यादा छात्रों ने भेजे नवाचार के विचार

लखनऊ: स्कूली बच्चों में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने वाली इंस्पायर अवॉर्ड मानक योजना में उत्तर प्रदेश ने देश भर में पहला स्थान हासिल किया है। प्रदेश के 30 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने अपने नवाचार के विचार योजना के तहत भेजे हैं, जो किसी भी राज्य की तुलना में सबसे अधिक हैं।

यह योजना कक्षा छह से दसवीं तक के विद्यार्थियों के लिए चलाई जाती है। इसका मकसद बच्चों को रटने के बजाय अपने आसपास की समस्याओं को पहचानने और उनका व्यावहारिक हल खोजने के लिए प्रेरित करना है। विद्यार्थी अपने विचार स्कूल के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज कराते हैं और चुने गए विचारों को मॉडल के रूप में विकसित करने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है।

गांव के स्कूलों से भी आ रहे विचार

योजना की सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि इसमें बड़े शहरों के निजी विद्यालयों के साथ-साथ कस्बों और गांवों के सरकारी तथा सहायता प्राप्त विद्यालयों की भागीदारी भी लगातार बढ़ रही है। खेती, पानी, बिजली की बचत, दिव्यांगजन की सुविधा और घरेलू कामकाज को आसान बनाने से जुड़े विचार हर साल बड़ी संख्या में सामने आते हैं।

चयनित विद्यार्थियों को पहले जिला स्तर की प्रदर्शनी में अपना मॉडल प्रस्तुत करना होता है। वहां से चुने गए बच्चे राज्य स्तर और फिर राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी तक पहुंचते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में बच्चों को वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के सामने अपना काम रखने का अवसर मिलता है, जो उनके आत्मविश्वास के लिए बड़ी बात साबित होती है।

योजना की खास बातें

  • कक्षा छह से दसवीं तक के विद्यार्थी ले सकते हैं हिस्सा
  • उत्तर प्रदेश से 30 हजार से अधिक विचार दर्ज
  • चयनित विचारों को मॉडल में बदलने के लिए आर्थिक सहायता
  • जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शनी का मंच

शिक्षा से जुड़े लोगों का मानना है कि इस तरह की योजनाएं बच्चों में समस्या सुलझाने की आदत विकसित करती हैं। जो विद्यार्थी अपने गांव की सिंचाई या बिजली की दिक्कत पर सोचकर कोई छोटा उपकरण बनाता है, वह विज्ञान को किताब से निकालकर जीवन में उतारना सीख जाता है।

प्रदेश का पहले स्थान पर आना बताता है कि विद्यालय स्तर पर पंजीकरण और मार्गदर्शन की व्यवस्था मजबूत हुई है। अब चुनौती यह है कि दर्ज हुए विचारों में से ज्यादा से ज्यादा को कार्यशील मॉडल तक पहुंचाया जाए, ताकि संख्या के साथ गुणवत्ता भी दर्ज हो।