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दर्शन से पहले मिलेगा आध्यात्मिक सुकून: तिरुमला में शुरू हुआ AI आधारित हीलिंग सेंटर, तनावमुक्त होंगे श्रद्धालु

tv10 india news desk
By tv10 india news deskNewsroom14 September 2026

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दर्शन से पहले मिलेगा आध्यात्मिक सुकून: तिरुमला में शुरू हुआ AI आधारित हीलिंग सेंटर, तनावमुक्त होंगे श्रद्धालु

तिरुमला (आंध्र प्रदेश):
तिरुपति बालाजी (श्रीवारी) के दर्शन के लिए घंटों कतारों में खड़े रहने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) ने एक अभूतपूर्व पहल की है। दर्शन के लिए कतारों में लगने वाले लंबे समय को बोरियत या थकान के बजाय आध्यात्मिक शांति और सुकून में बदलने के लिए टीटीडी ने वैकुंठम क्यू कॉम्प्लेक्स-1 में ₹4 करोड़ की लागत से एक अत्याधुनिक 'डिवोशनल एक्सपीरियंस सेंटर' (हीलिंग सेंटर) तैयार किया है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और वर्चुअल रियलिटी (VR) जैसी आधुनिक तकनीकों से लैस इस केंद्र का औपचारिक उद्घाटन आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू इसी महीने की 16 तारीख को करेंगे।

प्रमुख बिंदु (Key Highlights):

हाई-टेक सेंटर: 340 इंच की विशाल स्क्रीन, AI और VR के जरिए भक्त अनुभव करेंगे श्रीवारी की महिमा।

क्षमता: एक बार में कुल 160 श्रद्धालु (मुख्य हॉल में 120 और विशेष कक्षों में 40) ध्यान और साधना कर सकेंगे।

भव्य वास्तुकला: वैकुंठ की हरियाली, पीतल के शंख, कलमकारी कला और दशावतारों पर आधारित विशेष लाइटिंग।

विस्तार योजना: वैकुंठम क्यू कॉम्प्लेक्स-1 के कम्पार्टमेंट 17 से पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत; आगे चलकर सभी 66 कम्पार्टमेंट्स में लगेगा सिस्टम।

सीएम चंद्रबाबू नायडू के सुझाव से तैयार हुआ प्रोजेक्ट

पिछले साल ब्रह्मोत्सव के दौरान जब मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू तिरुमला आए थे, तब उन्होंने सुझाव दिया था कि मंदिरों में दर्शन की प्रतीक्षा कर रहे भक्तों को मानसिक तनाव से राहत और आंतरिक शांति देने के लिए 'हीलिंग सेंटर' बनाए जाने चाहिए। इसी विचार को धरातल पर उतारते हुए टीटीडी ने वैकुंठम क्यू कॉम्प्लेक्स में इस अभिनव केंद्र का निर्माण किया है।

अत्याधुनिक तकनीक और अलौकिक डिजाइन का संगम

इस आध्यात्मिक केंद्र को भक्तों को दिव्य अनुभव कराने के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है:

विशाल स्क्रीन: हॉल में 340 इंच (8.4 मीटर लंबी और 2.025 मीटर चौड़ी) की एक मेगा स्क्रीन लगाई गई है।

वैकुंठ जैसी अनुभूति: हॉल के इंटीरियर को वैकुंठ की याद दिलाने वाली हरियाली (Green Landscape), पीतल पर तराशे गए दिव्य शंख और ब्रह्मांडीय ऊर्जा को दर्शाते गोलाकार फर्श से सजाया गया है।

दशावतार और कलमकारी कला: आंध्र की प्रसिद्ध कलमकारी कला और आधुनिक लाइटिंग के जरिए भगवान विष्णु के 10 अवतारों (दशावतार) के दर्शन-शास्त्र को खूबसूरती से उकेरा गया है।

इस हाई-टेक सेंटर के 4 मुख्य उद्देश्य:

  • इतिहास और चमत्कारों का सजीव चित्रण: 12वीं सदी से लेकर आज तक के तिरुमला के गौरवशाली इतिहास और भगवान के चमत्कारों को AI और VR तकनीक की मदद से मनमोहक कहानियों के रूप में दिखाया जाएगा।
  • तनाव मुक्ति और मेडिटेशन: घंटों लाइन में खड़े रहने से होने वाली मानसिक और शारीरिक थकान को दूर करने के लिए भक्तों को 'गाइडेड मेडिटेशन' (ध्यान) और 'गोविंदा नामस्मरण' कराया जाएगा।
  • मानसिक संतुलन (Mental Healing): आधुनिक तकनीक और शांत वातावरण का उपयोग करके इसे एक 'हीलिंग स्पेस' बनाया गया है ताकि मंदिर में प्रवेश करते समय भक्त शांत और एकाग्र चित्त रहें।
  • कर्मचारियों की ट्रेनिंग: इस केंद्र का इस्तेमाल सिर्फ श्रद्धालुओं के लिए ही नहीं, बल्कि टीटीडी के कर्मचारियों को एआई-आधारित सॉफ्ट-स्किल और सेवा प्रशिक्षण देने के लिए भी किया जाएगा।

'उम्मीद ही ध्यान है'... सुप्रभातम से जुड़ी सोच

इस केंद्र की मूल अवधारणा 'श्रीवारी सुप्रभातम' के गहरे आध्यात्मिक दर्शन से प्रेरित है— "उम्मीद ही ध्यान है... ध्यान एक अभ्यास है... और अभ्यास ही भक्ति है।"
जिस तरह पौराणिक मान्यताओं के अनुसार स्वयं ब्रह्मा जी पुष्करिणी तट पर भगवान के सबसे पहले दर्शन की प्रतीक्षा करते हैं, ठीक उसी तरह भक्तों को यह संदेश दिया जाएगा कि भगवान के दर्शन के लिए किया जाने वाला इंतजार व्यर्थ नहीं है, बल्कि यह साधना और भक्ति का ही एक अंग है।

आगे क्या? सभी 66 कम्पार्टमेंट्स में होगा विस्तार

वर्तमान में इसे वैकुंठम क्यू कॉम्प्लेक्स-1 के 17वें कम्पार्टमेंट में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जा रहा है। टीटीडी की योजना इसे भविष्य में वैकुंठम क्यू कॉम्प्लेक्स 1 और 2 के सभी 66 कम्पार्टमेंट्स के साथ-साथ 'नारायणगिरि गार्डन' तक विस्तारित करने की है। इन सभी जगहों पर बड़ी स्क्रीनें लगाई जाएंगी, जो मुख्य केंद्र से जुड़कर भक्तों को वैदिक मंत्रोच्चार, गाइडेड मेडिटेशन और पौराणिक कथाओं के सीधे दर्शन कराएंगी।