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चारधाम यात्रा: बदरीनाथ और केदारनाथ में वीआईपी दर्शन शुल्क व्यवस्था स्थगित, अगले साल नई गाइडलाइन के साथ होगी लागू

tv10 india news desk
By tv10 india news deskNewsroom14 September 2026

AI News Reader

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चारधाम यात्रा: बदरीनाथ और केदारनाथ में वीआईपी दर्शन शुल्क व्यवस्था स्थगित, अगले साल नई गाइडलाइन के साथ होगी लागू

देहरादून। चारधाम यात्रा के दूसरे चरण को लेकर श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने एक बड़ा निर्णय लिया है। मंदिर समिति ने बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में वीआईपी अतिथियों के प्राथमिक (सुगम) दर्शन के लिए लागू की गई 1100 रुपये की शुल्क व्यवस्था को फिलहाल स्थगित कर दिया है। समिति अब इसके लिए एक विस्तृत गाइडलाइन (SOP) तैयार कर रही है और अगले यात्रा वर्ष से इसे अधिक पारदर्शी व प्रभावी तरीके से लागू करने की तैयारी है।

क्यों लागू किया गया था 1100 रुपये का शुल्क?

बीकेटीसी की व्यवस्था के अनुसार, शासन के प्रोटोकॉल के अधीन आने वाले वीआईपी और विशिष्ट अतिथियों को प्राथमिक दर्शन कराए जाते हैं। हालांकि, इस यात्रा सीजन की शुरुआत से ही दोनों धामों में वीआईपी अतिथियों की संख्या में बेतहाशा बढ़ोतरी देखने को मिली थी।

अत्यधिक वीआईपी आवाजाही के कारण घंटों कतार में खड़े रहने वाले आम श्रद्धालुओं को दर्शन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इसी असुविधा को नियंत्रित करने और सामान्य श्रद्धालुओं के दर्शन को प्राथमिकता देने के उद्देश्य से मंदिर समिति ने वीआईपी प्राथमिक दर्शन के लिए 1100 रुपये प्रति यात्री का शुल्क निर्धारित किया था।

वीआईपी दर्शन से हुई सवा दो करोड़ रुपये से अधिक की आय

यात्रा के पहले चरण में लागू की गई इस शुल्क व्यवस्था से मंदिर समिति को रिकॉर्ड आय भी प्राप्त हुई है:

  • बदरीनाथ धाम: 1,63,11,900 रुपये (लगभग 1.63 करोड़ रुपये)
  • केदारनाथ धाम: 67,37,500 रुपये (लगभग 67.37 लाख रुपये)
  • कुल आय: दोनों धामों से वीआईपी दर्शन शुल्क के रूप में अब तक 2.30 करोड़ रुपये से अधिक की राशि समिति के कोष में जमा हुई है।

मुख्यमंत्री धामी ने खुद पेश की थी सादगी की मिसाल

उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस वर्ष केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के पावन अवसर पर खुद वीआईपी व्यवस्था से दूरी बनाई थी। सीएम धामी ने मुख्य द्वार से सामान्य श्रद्धालुओं की कतार में शामिल होकर बाबा केदार के दर्शन किए और कुछ ही मिनटों में गर्भगृह से दर्शन कर बाहर आ गए थे, जिससे श्रद्धालुओं के बीच एक सकारात्मक संदेश गया था।

"सामान्य श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन कराना ही प्राथमिकता": बीकेटीसी अध्यक्ष

शुल्क व्यवस्था को स्थगित करने की जानकारी देते हुए बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा:

"चारधाम यात्रा के दूसरे चरण में वीआईपी अतिथियों के प्राथमिक दर्शन के लिए निर्धारित शुल्क व्यवस्था को फिलहाल स्थगित रखने का निर्णय लिया गया है। मंदिर समिति की सर्वोच्च प्राथमिकता देश-विदेश से आने वाले सामान्य श्रद्धालुओं को बिना किसी व्यवधान के सुगम दर्शन कराना है। इस व्यवस्था को भविष्य में और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश (गाइडलाइन) तैयार किए जा रहे हैं, जिसके बाद इसे अगले वर्ष विधिवत लागू किया जाएगा।"