7 साल बाद शी जिनपिंग का भारत दौरा: 18वें BRICS सम्मेलन में हिस्सा लेने 12-13 सितंबर को दिल्ली आएंगे चीनी राष्ट्रपति; PM मोदी से द्विपक्षीय वार्ता संभव

नई दिल्ली | 10 सितंबर
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत आएंगे। चीनी विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर राष्ट्रपति जिनपिंग 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित सम्मेलन में शिरकत करेंगे।
साल 2019 के बाद यानी लगभग 7 साल में यह शी जिनपिंग का पहला भारत दौरा होगा। इस ऐतिहासिक दौरे के दौरान ब्रिक्स समिट से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय कूटनीतिक वार्ता होने की प्रबल संभावना है।
इस दौरे से जुड़ी 4 बड़ी बातें:
- 7 साल बाद पहला दौरा: 2019 में चेन्नई के मामल्लापुरम शिखर सम्मेलन के बाद पहली बार भारत की धरती पर कदम रखेंगे जिनपिंग।
- तनाव के बाद बड़ा कूटनीतिक मोड़: 2020 के पूर्वी लद्दाख (गलवान) गतिरोध के बाद दोनों देशों के शीर्ष नेताओं की यह पहली औपचारिक बैठक हो सकती है।
- मोदी-शी की संभावित द्विपक्षीय वार्ता: सीमा प्रबंधन, आपसी विश्वास बहाली, रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया संघर्ष पर मंथन के आसार।
- ब्रिक्स के 20 साल पूरे: भारत चौथी बार ब्रिक्स की मेजबानी कर रहा है, समूह में अब 11 प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं।
लद्दाख गतिरोध के बाद बर्फ पिघलने का संकेत
शी जिनपिंग का यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। 2020 में पूर्वी लद्दाख सीमा पर हुए सैन्य गतिरोध के बाद दोनों देशों के रिश्ते सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए थे।
हाल ही में रिश्तों को सामान्य करने की दिशा में तेजी आई है। पिछले महीने 25 अगस्त को बीजिंग में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच विशेष प्रतिनिधियों (SR) के 25वें दौर की विस्तृत बैठक हुई थी। इसमें दोनों पक्ष सीमा पर शांति बनाए रखने और सीमा प्रबंधन के मुद्दों पर 8-सूत्रीय सहमति पर पहुंचे थे। ऐसे में दिल्ली में मोदी-जिनपिंग की मुलाकात पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी रहेंगी।
2014 से 2019 तक: जिनपिंग के पिछले भारत दौरे
- सितंबर 2014: शी जिनपिंग अपने पहले कार्यकाल में भारत के द्विपक्षीय दौरे पर आए थे, जहां उन्होंने अहमदाबाद और दिल्ली में पीएम मोदी से लंबी चर्चा की थी।
- अक्टूबर 2016: गोवा में आयोजित 8वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे थे।
- अक्टूबर 2019: तमिलनाडु के मामल्लापुरम (महाबलीपुरम) में पीएम मोदी और जिनपिंग के बीच दूसरा अनौपचारिक शिखर सम्मेलन हुआ था।
11 देशों का शक्तिशाली समूह: दुनिया की 40% जीडीपी ब्रिक्स के पास
भारत की अध्यक्षता में हो रहा यह सम्मेलन इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि 2026 में ब्रिक्स अपनी स्थापना के 20 वर्ष पूरे कर रहा है। शुरू में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के साथ शुरू हुआ यह समूह अब 11 देशों का ताकतवर ब्लॉक बन चुका है:
- नए सदस्य: मिस्र, इथियोपिया, ईरान, यूएई, सऊदी अरब और इंडोनेशिया (2025 में शामिल)।
- वैश्विक ताकत: यह समूह दुनिया की कुल आबादी का करीब 49.5%, वैश्विक जीडीपी का 40% और दुनिया के कुल कारोबार का 26% हिस्सा रखता है।
- पार्टनर देश: बेलारूस, मलेशिया, वियतनाम, नाइजीरिया और कजाकिस्तान समेत 10 देश ब्रिक्स पार्टनर देश हैं।
भारत की अध्यक्षता की थीम: 'ह्यूमैनिटी फर्स्ट'
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत की अध्यक्षता का मुख्य विषय 'बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी' (BRICS) है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'ह्यूमैनिटी फर्स्ट' (मानवता सर्वोपरि) के दृष्टिकोण को रेखांकित करता है। सम्मेलन में लोकल करेंसी में पेमेंट सिस्टम को मजबूत करने, ट्रेड बढ़ाने, तकनीकी सहयोग और क्लाइमेट चेंज जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा होगी।
More in National

वायनाड के कॉफी बागानों को मिलेगी नई संजीवनी: कॉफी बोर्ड ने तैयार किया ₹2,500 करोड़ का मेगा प्लान
9/10/2026
जंक फूड पर बड़ा फैसला जल्द: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- पैकेट के सामने लगे चेतावनी का निशान, बच्चों के स्वास्थ्य से समझौता नहीं
9/10/2026
भारतीय रेलवे को मोदी कैबिनेट का बड़ा तोहफा: ₹20,804 करोड़ की 8 रेल परियोजनाओं को मंजूरी, 9 राज्यों में दौड़ेगी विकास की रफ्तार
9/9/2026
PM मोदी के मुंबई कार्यक्रम से पहले बड़ी कार्रवाई: खुद को बताया PMO अधिकारी, फर्जी ID और हथियार के साथ 2 गिरफ्तार
9/8/2026
