🔴 Latest
🔴 100 करोड़ के मानहानि मामले में एम एस धोनी को नोटिस, 9 अक्टूबर तक देना होगा जवाब, जानें क्या है पूरा मामला🔴 अनंत चतुर्दशी 2026: 24 या 25 सितंबर कब रखा जाएगा व्रत? जानें सही तारीख, पूजा मुहूर्त और 14 गांठों वाले रक्षासूत्र का महत्व🔴 सीएम धामी ने खास अंदाज में दी पीएम को बधाई: बोले- 'आप आधुनिक भारत के राष्ट्र-शिल्पी'; पहली मुलाकात का डर और संबल भी पत्र में किया साझा🔴 तकलामकान की रेत के नीचे खुला रहस्य, रेगिस्तान में मिले पानी के दो बड़े भंडार🔴 उत्तराखंड के राज्य पक्षी मोनाल की बदल रही आवाज, गढ़वाल विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों की शोध रिपोर्ट में खुलासा🔴 100 करोड़ के मानहानि मामले में एम एस धोनी को नोटिस, 9 अक्टूबर तक देना होगा जवाब, जानें क्या है पूरा मामला🔴 अनंत चतुर्दशी 2026: 24 या 25 सितंबर कब रखा जाएगा व्रत? जानें सही तारीख, पूजा मुहूर्त और 14 गांठों वाले रक्षासूत्र का महत्व🔴 सीएम धामी ने खास अंदाज में दी पीएम को बधाई: बोले- 'आप आधुनिक भारत के राष्ट्र-शिल्पी'; पहली मुलाकात का डर और संबल भी पत्र में किया साझा🔴 तकलामकान की रेत के नीचे खुला रहस्य, रेगिस्तान में मिले पानी के दो बड़े भंडार🔴 उत्तराखंड के राज्य पक्षी मोनाल की बदल रही आवाज, गढ़वाल विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों की शोध रिपोर्ट में खुलासा

कक्षा 6 के लिए अगले शैक्षणिक सत्र से लागू हो ‘तीन भाषा नीति’, सुप्रीम कोर्ट ने CBSE को दिया सुझाव

tv10 india news desk
By tv10 india news deskNewsroom17 September 2026

AI News Reader

खबर सुनें (Listen Now)

कक्षा 6 के लिए अगले शैक्षणिक सत्र से लागू हो ‘तीन भाषा नीति’, सुप्रीम कोर्ट ने CBSE को दिया सुझाव

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) को सुझाव दिया कि वह कक्षा 6 के छात्रों के लिए दो भारतीय भाषाओं सहित कुल तीन भाषाओं के अध्ययन को अनिवार्य करने वाली नीति को 2027 के शैक्षणिक सत्र से लागू करने पर विचार करे। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक सत्र के बीच में अचानक नए नियम थोपने से छात्रों पर बेवजह दबाव बनता है, इसलिए उन्हें मानसिक राहत और तैयारी का समय दिया जाना चाहिए।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की तीन सदस्यीय पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि मौजूदा सत्र में कक्षा 6 के छात्रों को राहत दी जानी चाहिए। पीठ ने रेखांकित किया कि 1 जनवरी 2027 से कक्षा 6 में प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए इसे अनिवार्य किया जा सकता है, ताकि उन्हें पहले से स्पष्ट पता हो कि वे नई नीति के तहत पढ़ रहे हैं।

सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची ने टिप्पणी करते हुए कहा, "छात्रों को भी थोड़ा आराम मिलना चाहिए। इस साल पुरानी नीति जारी रखें ताकि अगले साल से आने वाले छात्रों को स्पष्ट रूप से पता रहे कि नई व्यवस्था शुरू हो चुकी है।"

सीबीएसई की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) ऐश्वर्या भाटी ने दलील दी कि कक्षा 6 के छात्रों को चार साल बाद बोर्ड परीक्षाओं का सामना करना पड़ेगा। हालांकि, अदालत के रुख को देखते हुए भाटी ने कहा कि सीबीएसई शीर्ष अदालत के इस सुझाव पर गंभीरता से विचार करेगा और संबंधित अधिकारियों से निर्देश लेकर इस मुद्दे पर एक नया नोट पेश करेगा।

अदालत ने स्पष्ट किया कि उसके ये सुझाव किसी भी पक्ष के दावों और कानूनी अधिकारों को प्रभावित किए बिना दिए गए हैं और नीति से जुड़े मुख्य संवैधानिक मुद्दों पर फैसला बाद में किया जाएगा।

क्या है सीबीएसई की तीन भाषा नीति?

सीबीएसई के सर्कुलर के मुताबिक:

  • कक्षा 9 और कक्षा 6 के छात्रों के लिए तीन भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य किया गया है, जिनमें से कम से कम दो मूल भारतीय भाषाएं होनी चाहिए।
  • भारतीय भाषाओं में: हिंदी, संस्कृत, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, मराठी, बांग्ला, पंजाबी, गुजराती, उड़िया, असमिया आदि शामिल हैं।
  • गैर-मूल/विदेशी भाषाओं में: अंग्रेजी, फ्रेंच, जर्मन, अरबी, स्पेनिश आदि को रखा गया है।
  • कक्षा 6 के लिए दो भारतीय भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य किया गया है, जबकि कक्षा 7, 8 और 9 के उन विद्यार्थियों को कुछ राहत दी गई है जो पहले से दो गैर-भारतीय भाषाएं पढ़ रहे हैं।

गौरतलब है कि सीबीएसई की इस नई भाषा नीति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 27 मई को विचार करने के लिए सहमत हुआ था। इसके बाद अदालत ने केंद्र सरकार, सीबीएसई और एनसीईआरटी (NCERT) को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था।

अदालत अब इस मामले की अगली सुनवाई अगले बुधवार को करेगी, जहां सीबीएसई अदालत के सुझावों पर अपना रुख स्पष्ट करेगा।