🔴 Latest
🔴 सीएम धामी ने खास अंदाज में दी पीएम को बधाई: बोले- 'आप आधुनिक भारत के राष्ट्र-शिल्पी'; पहली मुलाकात का डर और संबल भी पत्र में किया साझा🔴 तकलामकान की रेत के नीचे खुला रहस्य, रेगिस्तान में मिले पानी के दो बड़े भंडार🔴 उत्तराखंड के राज्य पक्षी मोनाल की बदल रही आवाज, गढ़वाल विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों की शोध रिपोर्ट में खुलासा🔴 उत्तराखंड के होमस्टे को मिलेगी हरी पहचान, दस मानकों पर परखकर दिया जाएगा इको फ्लावर बैज🔴 कानपुर के पनकी में श्रमिकों के लिए नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर, तीन दिन में दस हजार मजदूरों की होगी जांच🔴 सीएम धामी ने खास अंदाज में दी पीएम को बधाई: बोले- 'आप आधुनिक भारत के राष्ट्र-शिल्पी'; पहली मुलाकात का डर और संबल भी पत्र में किया साझा🔴 तकलामकान की रेत के नीचे खुला रहस्य, रेगिस्तान में मिले पानी के दो बड़े भंडार🔴 उत्तराखंड के राज्य पक्षी मोनाल की बदल रही आवाज, गढ़वाल विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों की शोध रिपोर्ट में खुलासा🔴 उत्तराखंड के होमस्टे को मिलेगी हरी पहचान, दस मानकों पर परखकर दिया जाएगा इको फ्लावर बैज🔴 कानपुर के पनकी में श्रमिकों के लिए नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर, तीन दिन में दस हजार मजदूरों की होगी जांच

वैश्विक एमबीए रैंकिंग में भारत की मजबूत मौजूदगी: दुनिया के शीर्ष 100 संस्थानों में तीन आईआईएम, बेंगलुरु देश में पहले स्थान पर

tv10 india news desk
By tv10 india news deskNewsroom17 September 2026

AI News Reader

खबर सुनें (Listen Now)

वैश्विक एमबीए रैंकिंग में भारत की मजबूत मौजूदगी: दुनिया के शीर्ष 100 संस्थानों में तीन आईआईएम, बेंगलुरु देश में पहले स्थान पर

नई दिल्ली: प्रबंधन शिक्षा की नई वैश्विक रैंकिंग में भारत के तीन भारतीय प्रबंधन संस्थान दुनिया के शीर्ष 100 संस्थानों में जगह बनाने में सफल रहे हैं। देश के भीतर भारतीय प्रबंधन संस्थान बेंगलुरु को पहला स्थान मिला है, जबकि वैश्विक सूची में पहले पायदान पर अमेरिका का एमआईटी स्लोन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट रहा है।

इस बार सूची में शामिल होने वाले भारतीय प्रबंधन संस्थानों की कुल संख्या बढ़कर 19 हो गई है। यह आंकड़ा बताता है कि देश के अधिक से अधिक बिजनेस स्कूल अब अंतरराष्ट्रीय मूल्यांकन के दायरे में आ रहे हैं और वैश्विक मानकों पर खुद को परख रहे हैं।

संख्या बढ़ी, कुछ संस्थानों की रैंक फिसली

रिपोर्ट में एक और पहलू सामने आया है। सूची में भारतीय संस्थानों की संख्या बढ़ने के बावजूद शीर्ष संस्थानों की रैंकिंग पिछले वर्ष की तुलना में कुछ नीचे खिसकी है। शिक्षा क्षेत्र से जुड़े जानकार इसे वैश्विक प्रतिस्पर्धा के तेज होने का संकेत मानते हैं, क्योंकि दुनिया भर के बिजनेस स्कूल शोध, प्लेसमेंट और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी पर तेजी से काम कर रहे हैं।

इस तरह की रैंकिंग आमतौर पर कई पैमानों पर आधारित होती है। इनमें स्नातकों की रोजगार क्षमता, उद्यमिता, निवेश पर मिलने वाला प्रतिफल, विविधता और शोध की गुणवत्ता जैसे बिंदु शामिल रहते हैं। किसी एक पैमाने पर मामूली बदलाव भी अंतिम स्थान को प्रभावित कर देता है।

रैंकिंग की खास बातें

  • दुनिया के शीर्ष 100 में भारत के तीन प्रबंधन संस्थान
  • देश में पहले स्थान पर भारतीय प्रबंधन संस्थान बेंगलुरु
  • सूची में शामिल भारतीय संस्थानों की संख्या बढ़कर 19
  • वैश्विक सूची में पहले पायदान पर एमआईटी स्लोन

भारतीय प्रबंधन संस्थानों की साख का अंदाजा इससे भी लगता है कि यहां से निकले स्नातक दुनिया की बड़ी कंपनियों में शीर्ष पदों पर पहुंचे हैं। प्रवेश परीक्षा की कठिनाई और चयन की प्रतिस्पर्धा इन संस्थानों को शुरुआत से ही गुणवत्ता का आधार देती है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले वर्षों में भारतीय संस्थानों को शोध प्रकाशन और विदेशी संकाय तथा विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने पर ध्यान देना होगा। इन्हीं मोर्चों पर बढ़त हासिल कर वैश्विक सूची में और ऊपर पहुंचा जा सकता है।