'युवा फॉर स्वच्छता': अब स्कूल और यूनिवर्सिटीज बनेंगे सफाई के नए हब, जानें क्या है केंद्र की 'स्वच्छता पाठशाला'

नई दिल्ली: केंद्र सरकार इस वर्ष ‘स्वच्छता ही सेवा’ (SHS) 2026 अभियान के तहत देश के स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को स्वच्छता का नया केंद्र (हब) बनाने जा रही है। 17 सितंबर से शुरू होने वाले इस राष्ट्रव्यापी अभियान का मुख्य आकर्षण 'स्वच्छता पाठशाला: युवा फॉर स्वच्छता' पहल होगी। बुधवार को नई दिल्ली में अभियान की रूपरेखा साझा करते हुए केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने कहा कि सरकार सफाई को केवल एक आधिकारिक कार्यक्रम तक सीमित न रखकर इसे "पूरे समाज की जिम्मेदारी" (Whole of Society Approach) बनाना चाहती है।
जल शक्ति मंत्रालय तथा आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने देशवासियों से आगामी त्योहारों को 'ग्रीन फेस्टिवल' के रूप में मनाने और जिम्मेदार नागरिक व्यवहार अपनाने की अपील की।
'स्वच्छता पाठशाला': क्लासरूम से समाज तक पहुंचेगी सफाई की आदत
'स्वच्छता पाठशाला' पहल का उद्देश्य युवाओं और विद्यार्थियों को अभियान की धुरी बनाना है। इसके तहत:
- शैक्षणिक संस्थानों में वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन, स्रोत पर कचरा अलग करने (Waste Segregation) और नागरिक कर्तव्यों पर जागरूकता फैलाई जाएगी।
- ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2026 के अनुरूप कचरे को चार अलग-अलग श्रेणियों में अलग करने की आदत विकसित करने पर विशेष बल दिया जाएगा।
- छात्र-छात्राओं के लिए 'स्वच्छता ज्ञान यात्राएं', 'स्वच्छता एवं जल संचय संवाद' और स्वच्छ भारत मिशन की परिसंपत्तियों के कामकाज को समझाने के लिए अनुभवात्मक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
अभियान की थीम और प्रमुख तिथियां
इस वर्ष अभियान की थीम 'स्वच्छता में सहभाग; स्वच्छ भारत, विकसित भारत' रखी गई है। अभियान का कैलेंडर इस प्रकार है:
- 17 सितंबर: 'स्वच्छता ही सेवा 2026' अभियान का देशव्यापी शुभारंभ।
- 27 सितंबर (विश्व पर्यटन दिवस): प्रमुख पर्यटन स्थलों, तीर्थ केंद्रों, ऐतिहासिक धरोहरों और सार्वजनिक शौचालयों की विशेष सफाई पर फोकस।
- 1 अक्टूबर: देशव्यापी स्तर पर "एक दिन, एक घंटा, एक साथ" स्वैच्छिक श्रमदान व वृहद सफाई अभियान।
- 2 अक्टूबर: महात्मा गांधी की जयंती पर राष्ट्रव्यापी 'स्वच्छ भारत दिवस' का आयोजन।
सरकारी कार्यक्रम से आगे 'पूरे समाज की सहभागिता'
केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल ने कहा कि स्वच्छता केवल नगरपालिकाओं का काम नहीं है, बल्कि इसे घरेलू और संस्थागत स्तर पर दैनिक जीवन की आदत बनाना होगा।
युवाओं की भागीदारी के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने बताया कि बीते वर्ष 'स्वच्छता ही सेवा 2025' अभियान में देश के करीब 18 करोड़ नागरिकों ने हिस्सा लिया था, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों से 13.91 करोड़ और शहरी क्षेत्रों से 4.53 करोड़ लोग शामिल थे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि SHS 2026 का मूल संदेश यही है कि अभियान समाप्त होने के बाद भी स्वच्छता का यह सिलसिला निरंतर जारी रहना चाहिए।
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