राहुल गांधी पर दर्ज मुकदमे के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, FIR निरस्त करने की मांग

देहरादून: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर उत्तराखंड में सियासी घमासान तेज हो गया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इस मामले को लेकर पुलिस प्रशासन और सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
सोमवार को प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना के नेतृत्व में पार्टी प्रतिनिधिमंडल पुलिस मुख्यालय पहुंचा और पुलिस महानिदेशक (DGP) को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने राहुल गांधी पर दर्ज मुकदमे को राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताते हुए इसे तत्काल निरस्त करने की मांग की है।
3 बड़ी बातें:
राहुल गांधी पर FIR का विरोध: एससी/एसटी एक्ट समेत दर्ज मुकदमे को कांग्रेस ने झूठा और राजनीति से प्रेरित बताया।
DGP से 3 मांगें: राहुल गांधी पर एफआईआर रद्द करने, मैदान का कथित 'शुद्धिकरण' करने वालों की गिरफ्तारी और शिकायतकर्ता के राजनीतिक संबंधों की जांच की मांग।
सड़क पर उतरने की चेतावनी: कांग्रेस ने कहा- मांगें नहीं मानी गईं तो पूरे प्रदेश में व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा।
'सत्ता के दबाव में पुलिस ने 24 घंटे में दर्ज कर लिया मुकदमा'
DGP को ज्ञापन सौंपने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि 8 अगस्त को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी के रामलीला मैदान में रैली हुई थी। रैली समाप्त होने के बाद कुछ हिंदूवादी संगठनों ने मैदान में जाकर कथित रूप से शुद्धिकरण और धार्मिक अनुष्ठान किया।
धस्माना ने आरोप लगाया— "हमारे पास इस घटना के पुख्ता वीडियो साक्ष्य मौजूद हैं, लेकिन पुलिस ने उन लोगों के खिलाफ आज तक कोई कार्रवाई नहीं की। दूसरी ओर, शिकायत मिलते ही सत्ता के दबाव में राहुल गांधी के खिलाफ महज 24 घंटे के भीतर एससी/एसटी एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। यह पुलिस की दोहरी कार्यप्रणाली को दर्शाता है।"
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, 29 अगस्त को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुए सफाई और शुद्धिकरण के घटनाक्रम को लेकर बयान दिया था। इसके बाद शिकायतकर्ता अमित कुमार की तहरीर पर उत्तराखंड पुलिस ने राहुल गांधी के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
कांग्रेस ने DGP के सामने रखीं ये 3 प्रमुख मांगें:
एफआईआर निरस्त हो: राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज झूठे मुकदमे की निष्पक्ष जांच कर उसे तुरंत खारिज किया जाए।
शुद्धिकरण करने वालों पर कार्रवाई: 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान का शुद्धिकरण करने वाले गिरीश पांडेय और उनके साथियों पर वीडियो साक्ष्यों के आधार पर केस दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए।
शिकायतकर्ता की जांच: शिकायतकर्ता अमित कुमार के राजनीतिक बैकग्राउंड और संबंधों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
मांग पूरी न होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
सूर्यकांत धस्माना ने दो टूक कहा कि यदि पुलिस प्रशासन ने राहुल गांधी पर दर्ज एफआईआर को निरस्त नहीं किया और वास्तविक उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की, तो उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस खामोश नहीं बैठेगी और पूरे प्रदेश में सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी।
