
नई दिल्ली | रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि रूस वैश्विक ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने में हरसंभव योगदान देने के लिए पूरी तरह तैयार है। 'ब्रिक्स बिजनेस फोरम' (BRICS Business Forum) को संबोधित करते हुए पुतिन ने कहा कि दुनिया इस समय बड़े संरचनात्मक और व्यापक बदलावों के दौर से गुजर रही है। आर्थिक विकास के पुराने मॉडलों की जगह अब विकास के नए इंजन ले रहे हैं और ब्रिक्स देश इसमें सबसे आगे हैं।
अपने संबोधन के दौरान रूसी राष्ट्रपति ने पश्चिमी देशों का सीधा नाम लिए बिना उन पर तीखा हमला बोला और कहा कि अपनी 'प्रतिस्पर्धी बढ़त' बनाए रखने के लिए पश्चिमी देश गैस पाइपलाइनों को नष्ट करने और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक गलियारों को अवरुद्ध करने जैसे भद्दे हथकंडे अपना रहे हैं।
भाषण की 5 बड़ी बातें:
G7 पर भारी ब्रिक्स: पिछले 5 वर्षों में वैश्विक जीडीपी का 40% से अधिक हिस्सा ब्रिक्स देशों ने तैयार किया, जबकि जी7 देशों की हिस्सेदारी घटकर सिर्फ 29% रह गई।
खाद्य व ऊर्जा सुरक्षा का भरोसा: रूस अपने सहयोगी देशों के साथ मिलकर दुनिया में अनाज और ऊर्जा की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने को तैयार।
नए लॉजिस्टिक्स रूट्स: 'नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर' और 'आर्कटिक कॉरिडोर' जैसे सुरक्षित वैकल्पिक व्यापारिक मार्गों के विकास पर जोर।
पश्चिमी देशों पर हमला: पाइपलाइनों में तोड़फोड़, लॉजिस्टिक्स ब्लॉकेज और एकतरफा प्रतिबंधों को बताया प्रतिस्पर्धा का "भद्दा रूप"।
हाई-टेक में साझेदारी: ड्राइवरलेस ट्रांसपोर्ट, स्मार्ट टेक्नोलॉजी, व्यक्तिगत ट्रेनिंग और व्यावहारिक अनुसंधान में ब्रिक्स सहयोग बढ़ाने का आह्वान।
'पुराने इंजनों की जगह ले रहे नए केंद्र, ब्रिक्स का घरेलू बाजार मजबूत'
पुतिन ने कहा कि ब्रिक्स देशों के पास विशाल, गतिशील और तेजी से बढ़ते घरेलू बाजार हैं। उन्होंने कहा:
"दुनिया लगातार बदल रही है। पिछले पांच वर्षों के आंकड़े देखें तो वैश्विक जीडीपी में ब्रिक्स देशों का योगदान 40 फीसदी से अधिक रहा है, जबकि जी7 देशों की हिस्सेदारी महज 29 फीसदी के आसपास सिमट गई है। आर्थिक विकास के पुराने आधारों की जगह अब नए आर्थिक केंद्र उभर रहे हैं।"
उन्होंने कहा कि रूस ब्रिक्स साझेदारों के साथ पर्यटन, विनिर्माण, उद्योग और व्यापार में नई व दिलचस्प पहलों के लिए पूरी तरह खुला है।
नॉर्थ-साउथ और आर्कटिक कॉरिडोर से बदलेंगे वैश्विक व्यापारिक मार्ग
वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को मजबूत करने का खाका पेश करते हुए राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि रूस अपने साझेदारों के साथ मिलकर ऐसे लॉजिस्टिक्स रूट तैयार कर रहा है जिन पर किसी तीसरे का दबाव न हो।
उन्होंने विशेष रूप से 'इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर' (INSTC) और 'आर्कटिक ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर' का उल्लेख किया। इसके अलावा, उन्होंने भविष्य की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि ब्रिक्स देशों को स्मार्ट टेक्नोलॉजी, चालक रहित (Driverless) परिवहन और उच्च स्तरीय व्यावहारिक शोध (Applied Research) में एक-दूसरे के साथ सहयोग को और गहरा करना चाहिए।
पाइपलाइन नष्ट करने पर बरसे पुतिन: 'प्रतिस्पर्धा का यह रूप बेहद घिनौना'
यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच पुतिन ने बिना नाम लिए अमेरिका और यूरोपीय देशों की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा अब अवांछित और भौतिक हमलों तक पहुंच गई है:
"कभी-कभी प्रतिस्पर्धा बहुत बुरा रूप ले लेती है। यह गिरावट हम राज्य और सरकारी स्तरों पर भी देख रहे हैं। अपनी बढ़त हासिल करने के लिए पाइपलाइनों को उड़ा देना, अंतरराष्ट्रीय परिवहन गलियारों को बाधित करना और मनमाने प्रतिबंध थोपना प्रतिस्पर्धा का बेहद भद्दा रूप है।"
पुतिन ने साफ किया कि इन तमाम वैश्विक दबावों और एकतरफा प्रतिबंधों के बावजूद ब्रिक्स देशों की एकता और आर्थिक संप्रभुता भविष्य की वैश्विक अर्थव्यवस्था की मुख्य दिशा तय करेगी।
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