🔴 Latest
🔴 उत्तराखंड में जड़ी-बूटियों को मिलेगा नया बाजार, 47 हजार किसानों को बढ़ावा देने की तैयारी🔴 नकली पनीर पर देशभर में बैन की तैयारी: FSSAI का ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी; वेज ऑयल और स्टार्च वाले प्रोडक्ट्स पर 'पनीर' लिखना होगा गैरकानूनी🔴 खुद से पहले जरूरतमंद साथियों की सोची, मुरीद हुए सीएम धामी: हरिद्वार की छात्रा लवप्रीत के घर पहुंचा टैबलेट; संवेदनशील सोच को मिला सम्मान🔴 पितृ पक्ष 2026 शुरू होने से पहले तुरंत निपटा लें ये 4 जरूरी काम: अनदेखी करने पर लग सकता है पितृ दोष; जानिए क्या कहता है शास्त्र🔴 पितृ पक्ष 26 सितंबर से शुरू: 16 दिनों तक चलेगा पूर्वजों के तर्पण का महापर्व; देखें संपूर्ण श्राद्ध कैलेंडर और जानें पितृ दोष के लक्षण🔴 उत्तराखंड में जड़ी-बूटियों को मिलेगा नया बाजार, 47 हजार किसानों को बढ़ावा देने की तैयारी🔴 नकली पनीर पर देशभर में बैन की तैयारी: FSSAI का ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी; वेज ऑयल और स्टार्च वाले प्रोडक्ट्स पर 'पनीर' लिखना होगा गैरकानूनी🔴 खुद से पहले जरूरतमंद साथियों की सोची, मुरीद हुए सीएम धामी: हरिद्वार की छात्रा लवप्रीत के घर पहुंचा टैबलेट; संवेदनशील सोच को मिला सम्मान🔴 पितृ पक्ष 2026 शुरू होने से पहले तुरंत निपटा लें ये 4 जरूरी काम: अनदेखी करने पर लग सकता है पितृ दोष; जानिए क्या कहता है शास्त्र🔴 पितृ पक्ष 26 सितंबर से शुरू: 16 दिनों तक चलेगा पूर्वजों के तर्पण का महापर्व; देखें संपूर्ण श्राद्ध कैलेंडर और जानें पितृ दोष के लक्षण

सेवा तीर्थ में दो दिवसीय चिंतन शिविर संपन्न, पीएम मोदी ने मंत्रियों को दिया जमीनी स्तर पर काम का मंत्र

tv10 india news desk
By tv10 india news deskNewsroom24 September 2026

AI News Reader

खबर सुनें (Listen Now)

सेवा तीर्थ में दो दिवसीय चिंतन शिविर संपन्न, पीएम मोदी ने मंत्रियों को दिया जमीनी स्तर पर काम का मंत्र

नई दिल्ली :प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रियों का दो दिवसीय 'चिंतन शिविर' नई दिल्ली स्थित सेवा तीर्थ में संपन्न हो गया। 'विकसित भारत @ 2047' के विजन को ध्यान में रखते हुए आयोजित इस शिविर का मुख्य जोर सुशासन, प्रशासनिक सुधार, मंत्रालयों के बीच आपसी तालमेल और कल्याणकारी योजनाओं की शत-प्रतिशत जमीनी डिलीवरी पर रहा।

सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने सभी मंत्रियों को सख्त संदेश देते हुए कहा कि वे खुद को केवल फाइलों और दफ्तरों तक सीमित न रखें, बल्कि फील्ड में उतरकर योजनाओं का वास्तविक असर देखें।

सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने मंत्रियों की कार्यशैली को लेकर एक अहम नसीहत दी। उन्होंने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि कुछ मंत्री सिर्फ अपने विभाग के सचिव (सेक्रेटरी) के साथ ही चर्चा करते हैं और बाकी प्रशासनिक तंत्र से उनका संवाद नहीं रहता।

पीएम ने स्पष्ट किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन (इम्प्लीमेंटेशन) की असली जमीनी तस्वीर तभी सामने आती है, जब मंत्री पूरे प्रशासनिक ढांचे और संबंधित अधिकारियों से लगातार संपर्क में रहें।

चिंतन शिविर में एक अनूठा प्रयोग भी देखने को मिला। शिविर में मौजूद सभी केंद्रीय मंत्रियों को एक-एक पेज का फॉर्म दिया गया। इसमें उनसे दो अहम सवाल पूछे गए—

  • उन्होंने अपने सहयोगी मंत्रियों के काम और अनुभव से क्या नया सीखा?
  • उन्होंने खुद अपने विभाग की 'बेस्ट प्रैक्टिस' से दूसरों को क्या सिखाया?
    इसका मुख्य उद्देश्य अलग-अलग मंत्रालयों के बीच साइलो (दीवारें) तोड़ना और गवर्नेंस के बेहतर अनुभवों का आदान-प्रदान करना था।

मंथन के दौरान केंद्र सरकार की करीब 40 से 45 प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि इन योजनाओं में जहां भी कोई खामी या अड़चन सामने आ रही है, उसे तुरंत दूर किया जाए। सरकार का लक्ष्य 'सैचुरेशन' हासिल करना है, यानी कोई भी पात्र लाभार्थी योजना से वंचित न रहे। साथ ही जन-शिकायत निवारण (Grievance Redressal) व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी व त्वरित बनाने पर बल दिया गया।

दो दिवसीय मंथन के पहले दिन सभी मंत्रियों को अलग-अलग समूहों (ग्रुप्स) में बांटा गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद हर टेबल पर जाकर मंत्रियों के साथ ग्रुप डिस्कशन में हिस्सा लिया। इस दौरान जन-विश्वास, समयबद्ध डिलीवरी और मंत्रालयों के आपसी समन्वय जैसे विषयों पर गहन मंथन हुआ।

समीक्षा और आगामी प्राथमिकताओं को अंतिम रूप देने के लिए इस चिंतन शिविर का अगला चरण 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा।