नकली पनीर पर देशभर में बैन की तैयारी: FSSAI का ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी; वेज ऑयल और स्टार्च वाले प्रोडक्ट्स पर 'पनीर' लिखना होगा गैरकानूनी

नई दिल्ली: त्योहारी सीजन की शुरुआत से ठीक पहले देश के सबसे बड़े खाद्य नियामक FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण) ने मिलावटखोरों पर नकेल कसने के लिए बड़ा कदम उठाया है। प्राधिकरण ने देशभर में 'एनालॉग पनीर' यानी आर्टिफिशियल/नकली पनीर के निर्माण (मैन्युफैक्चरिंग), भंडारण और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव दिया है। सरकार ने इस संबंध में ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
नए नियमों के लागू होने के बाद वनस्पति तेल (वेजिटेबल ऑयल) और स्टार्च से बने किसी भी उत्पाद को 'पनीर' के नाम से बेचना पूरी तरह गैरकानूनी माना जाएगा।
प्रमुख बिंदु (Key Highlights):
- एनालॉग पनीर पर पाबंदी का प्रस्ताव: वेज ऑयल, स्टार्च और नॉन-डेयरी फैट से तैयार होने वाले नकली पनीर पर देशभर में रोक लगाने की तैयारी।
- 'पनीर' शब्द के इस्तेमाल पर रोक: कंपनियां अब ऐसे उत्पादों के लेबल, पैकेट या विज्ञापनों में 'पनीर' शब्द का कतई इस्तेमाल नहीं कर सकेंगी।
- महाराष्ट्र-गुजरात में पहले से सख्ती: महाराष्ट्र में 35% सैंपल फेल होने के बाद 1 साल का बैन लगाया गया, जबकि गुजरात ने भी नकली डेयरी उत्पादों पर पूर्ण रोक लगाई है।
- 60 दिनों में अंतिम फैसला: आम जनता और स्टेकहोल्डर्स से 60 दिनों में सुझाव व आपत्तियां मांगी गई हैं; इसके बाद नया कानून देश भर में लागू होगा।
ग्राहकों को धोखे से बचाने की बड़ी तैयारी
FSSAI के अनुसार, इस नए नियम का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को मिलावट और धोखे से बचाना है। बाजार में कई कंपनियां और दुकानदार 'डेयरी प्रोडक्ट' बताकर वनस्पति तेल, पाम ऑयल, स्टार्च और नॉन-डेयरी केमिकल से बना नकली पनीर धड़ल्ले से बेच रहे हैं।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि जो कंपनियां 'एनालॉग इन डेयरी कॉन्टेक्स्ट' कैटेगरी के तहत लाइसेंस लेकर उत्पादन कर रही हैं, वे अपने उत्पादों के लिए 'पनीर' नाम का उपयोग नहीं कर सकेंगी। पैकेट के लेबल या विज्ञापनों में 'पनीर' शब्द का प्रयोग पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई और जुर्माना लगाया जाएगा।
महाराष्ट्र और गुजरात में बड़े पैमाने पर हुआ एक्शन
केंद्र सरकार का यह ड्राफ्ट नोटिफिकेशन कई राज्यों में बड़े स्तर पर नकली पनीर पकड़े जाने के बाद सामने आया है:
महाराष्ट्र में 1 साल का बैन: महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) द्वारा हाल ही में की गई लैब टेस्टिंग में 35% से ज्यादा पनीर के सैंपल फेल पाए गए थे। इनमें मिल्क फैट की जगह हानिकारक वनस्पति तेल मिलाया गया था, जिसके बाद राज्य में नकली पनीर पर एक साल का प्रतिबंध लगा दिया गया।
गुजरात में भी पूर्ण रोक: गुजरात सरकार ने भी उपभोक्ताओं की सेहत और असली डेयरी किसानों के हितों की रक्षा के लिए नकली पनीर, बटर और चीज के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी है।
60 दिनों में लागू हो सकता है कानून, राज्यों को अलर्ट
FSSAI ने इस ड्राफ्ट को पब्लिक डोमेन में जारी कर जनता, व्यापारियों और संबंधित संस्थाओं से 60 दिनों के भीतर सुझाव व आपत्तियां मांगी हैं। कंसल्टेशन अवधि पूरी होते ही इसे अंतिम रूप देकर देश भर में लागू कर दिया जाएगा।
इसके साथ ही, आगामी त्योहारों को देखते हुए FSSAI ने सभी राज्यों के खाद्य सुरक्षा विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। त्योहारों के दौरान दूध, खोया, घी और पनीर की दुकानों, गोदामों व डेयरी प्लांट्स पर सघन चेकिंग अभियान चलाकर सैंपलिंग तेज करने को कहा गया है।
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