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चार वर्षीय बीएससी ऑनर्स के बाद अब एमटेक की राह खुली, तकनीकी शिक्षा परिषद ने बदले नियम

tv10 india news desk
By tv10 india news deskNewsroom20 September 2026

AI News Reader

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चार वर्षीय बीएससी ऑनर्स के बाद अब एमटेक की राह खुली, तकनीकी शिक्षा परिषद ने बदले नियम

नई दिल्ली। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद ने एमई और एमटेक पाठ्यक्रमों में दाखिले की पात्रता में बदलाव किया है। अब चार वर्षीय बीएससी ऑनर्स और बीएससी ऑनर्स विद रिसर्च की डिग्री रखने वाले विद्यार्थी भी परिषद से मान्यता प्राप्त संस्थानों में एमटेक में दाखिला ले सकेंगे।

अब तक इन पाठ्यक्रमों में मुख्य रूप से इंजीनियरिंग और तकनीकी पृष्ठभूमि वाले विद्यार्थियों को ही मौका मिलता था। नए प्रावधान से विज्ञान विषयों की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए तकनीकी शिक्षा का दरवाजा खुल गया है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत हुआ बदलाव

यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत किया गया है, जिसमें शैक्षणिक गतिशीलता और अंतरविषयी अध्ययन को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। जिन विषयों में अब तक एमएससी डिग्रीधारकों को प्रवेश मिलता था, उन्हें भी अनुमत विशेषज्ञताओं की सूची में शामिल कर लिया गया है।

किन बातों का रखना होगा ध्यान

  • विद्यार्थी को ऐसा विषय चुनना होगा जो उसकी स्नातक डिग्री से मेल खाता हो
  • संस्थान न्यूनतम अंक या सीजीपीए की शर्त रख सकते हैं
  • प्रवेश परीक्षा या संबंधित विषय का मूल्यांकन भी लिया जा सकता है
  • कुछ मामलों में पूर्व-आवश्यक या ब्रिज कोर्स करना पड़ सकता है

परिषद की ओर से यह नहीं बताया गया है कि नया प्रावधान किस शैक्षणिक सत्र से लागू होगा। विद्यार्थियों को सलाह दी गई है कि वे दाखिले से पहले संबंधित संस्थान की विवरणिका और पात्रता शर्तें ध्यान से पढ़ लें।

चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति की अहम पहल रही है। इसमें विद्यार्थी शोध के साथ स्नातक की पढ़ाई पूरी कर सकते हैं। एमटेक में प्रवेश का रास्ता खुलने से ऐसे विद्यार्थियों के लिए आगे की पढ़ाई और शोध के अवसर बढ़ेंगे।

जानकारों का मानना है कि इस बदलाव से भौतिकी, रसायन, गणित और कंप्यूटर विज्ञान जैसे विषयों के विद्यार्थियों को सबसे ज्यादा लाभ होगा, क्योंकि इन विषयों की पढ़ाई कई तकनीकी विशेषज्ञताओं से सीधे जुड़ी हुई है।