पितृ पक्ष 2026 शुरू होने से पहले तुरंत निपटा लें ये 4 जरूरी काम: अनदेखी करने पर लग सकता है पितृ दोष; जानिए क्या कहता है शास्त्र

धर्म डेस्क (TV10 INDIA):
सनातन धर्म में पूर्वजों (पितरों) को समर्पित 'पितृ पक्ष' का समय अत्यंत पवित्र और संवेदनशील माना जाता है। इस वर्ष 26 सितंबर से 16 दिवसीय श्राद्ध पक्ष शुरू होने जा रहा है। शास्त्रों के अनुसार, पितृ पक्ष के दौरान हमारे पूर्वज सूक्ष्म रूप में धरती पर आते हैं और अपने परिजनों से सम्मान, तर्पण और जल-अन्न की अपेक्षा रखते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, पितृ पक्ष शुरू होने के बाद कई तरह के कार्यों पर पूरी तरह पाबंदी लग जाती है। यदि इन नियमों का पालन न किया जाए, तो कुंडली में 'पितृ दोष' बनने की संभावना रहती है, जिससे परिवार की तरक्की, स्वास्थ्य और सुख-शांति में बाधाएं आती हैं। इसलिए श्राद्ध कर्म शुरू होने से ठीक पहले 4 महत्वपूर्ण कार्यों को हर हाल में निपटा लेना चाहिए।
श्राद्ध शुरू होने से पहले निपटा लें ये 4 बड़े काम:
1. शुभ और मांगलिक कार्यों को पहले ही पूरा करें
शास्त्रों के अनुसार, पितृ पक्ष का समय पूर्वजों के प्रति शोक, वैराग्य और श्रद्धा प्रकट करने का होता है। इसलिए इन 16 दिनों में शादी-ब्याह, सगाई, रोका, गृह प्रवेश, मुंडन या किसी नए व्यापार/वाहन की खरीदारी जैसे मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। यदि आपके परिवार में ऐसा कोई जरूरी आयोजन या खरीदारी प्रस्तावित है, तो उसे पितृ पक्ष शुरू होने से पहले ही संपन्न कर लें, ताकि कार्य में कोई विघ्न न आए।
2. घर की डीप क्लीनिंग और कबाड़ को बाहर करें
श्राद्ध पक्ष में घर के अंदर गहरी साफ-सफाई करना, छत से झाड़ू लगाना या टूटी-फूटी चीजों को हटाना अशुभ माना गया है। इसलिए श्राद्ध लगने से पहले ही:
पूजा घर, मुख्य द्वार और रसोई की अच्छी तरह सफाई कर लें।
घर में पड़ा अनुपयोगी कबाड़, टूटे शीशे, टूटे बर्तन और खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान को बाहर निकाल दें।
ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और पितरों का आगमन सुखद वातावरण में होता है।
3. बाल कटवाना, शेविंग और ग्रूमिंग से जुड़े काम निपटाएं
धार्मिक नियमों के अनुसार, पितृ पक्ष के दौरान शरीर की साज-सज्जा पूरी तरह वर्जित मानी गई है। इन 16 दिनों में बाल कटवाना, दाढ़ी बनाना और नाखून काटना अशुभ माना जाता है। शास्त्रों में इसे आचरण की मर्यादा के विरुद्ध बताया गया है। अतः यदि आपको हेयरकट, शेविंग या ग्रूमिंग से जुड़ा कोई भी काम कराना है, तो उसे श्राद्ध पक्ष के आरंभ होने से पहले ही करा लें।
4. सूखे पौधों और सूखी तुलसी का सम्मानजनक विसर्जन
घर के आंगन या बालकनी में लगे गमलों में यदि कोई पौधा सूख चुका है, तो उसे तुरंत हटा दें। विशेष रूप से यदि आपके घर में तुलसी का पौधा सूख गया है, तो उसे श्राद्ध शुरू होने से पहले श्रद्धापूर्वक किसी पवित्र नदी, नहर या बहते जल में विसर्जित कर दें। सूखे और मुरझाए पौधे घर में नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देते हैं, जिससे पितृ पक्ष के दौरान घर का वातावरण दूषित हो सकता है।
पितृ पक्ष के 16 दिन इन बातों का भी रखें विशेष ध्यान:
- खान-पान में शुद्धता: घर में केवल सात्विक भोजन बनाएं। तामसिक भोजन जैसे—मांस, मछली, अंडा, प्याज, लहसुन और मदिरा (शराब) का पूरी तरह त्याग करें।
- संयमित दिनचर्या: इन दिनों घर में लड़ाई-झगड़ा, कटु वचन और किसी का अनादर करने से बचें।
- जीव-जंतुओं की सेवा: प्रतिदिन पंचबलि कर्म (गाय, कुत्ता, कौवा, चींटी और देवताओं के लिए भोजन) निकालें।
- दान-पुण्य: जरूरतमंदों और ब्राह्मणों को यथाशक्ति अन्न, वस्त्र और दक्षिणा दान करें।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए TV10 INDIA उत्तरदायी नहीं है।
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