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दिल्ली की सड़कों पर रात में अभ्यास कर हीरल साधु ने जीते चार स्वर्ण, वर्ल्ड स्केट गेम्स के लिए चुनी गईं

tv10 india news desk
By tv10 india news deskNewsroom21 September 2026

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दिल्ली की सड़कों पर रात में अभ्यास कर हीरल साधु ने जीते चार स्वर्ण, वर्ल्ड स्केट गेम्स के लिए चुनी गईं

नई दिल्ली। बीस साल की स्पीड स्केटर हीरल साधु ने भारतीय टीम के चयन ट्रायल में चार स्वर्ण पदक जीतकर वर्ल्ड स्केट गेम्स के लिए जगह पक्की कर ली है। ट्रायल 1 से 5 सितंबर के बीच हुए, जिनमें उन्होंने 500 मीटर, 1000 मीटर, 10 किलोमीटर प्वाइंट रोड रेस और 15 किलोमीटर एलिमिनेशन रोड रेस में पहला स्थान हासिल किया।

हीरल की सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्केटिंग ट्रैक उपलब्ध नहीं है। अभ्यास के लिए उन्हें रात में खाली सड़कों का सहारा लेना पड़ता था। सुरक्षा के लिहाज से उनके पिता कार लेकर पीछे-पीछे चलते थे। कई बार उन्हें अभ्यास के लिए करीब तीन सौ किलोमीटर दूर तक जाना पड़ा।

लगातार दस साल राष्ट्रीय चैंपियन

हीरल 2016 से 2025 तक लगातार राष्ट्रीय चैंपियन रही हैं। उनके कोच राहुल कौशिक हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके प्रदर्शन का ब्योरा इस प्रकार है:

  • हांगझोउ एशियाई खेल 2023: महिला 3000 मीटर स्पीड स्केटिंग रिले में कांस्य पदक
  • एशियाई चैंपियनशिप 2023: रजत पदक
  • वर्ल्ड स्केट यूरोपियन सीरीज 2024: रजत और कांस्य पदक
  • वर्ल्ड स्केट गेम्स 2024, इटली: विश्व रैंकिंग में पांचवां स्थान

एशियाई खेलों में कांस्य जीतने वाली रिले टीम में उनके साथ संजना बथुला, कार्तिका जगदीश्वरन और आरती कस्तूरी राज शामिल थीं।

सुविधाओं की कमी के बीच तैयारी

स्पीड स्केटिंग में प्रतिस्पर्धा का स्तर बेहद ऊंचा है और अभ्यास के लिए बैंक्ड ट्रैक की जरूरत होती है, जिस पर मोड़ लेते समय गति बनाए रखी जा सके। ऐसे ट्रैक देश में गिनती के हैं। सड़क पर अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को सतह, रोशनी और यातायात तीनों की चुनौती से जूझना पड़ता है।

इसके बावजूद हीरल का प्रदर्शन लगातार बेहतर होता गया है। ट्रायल में चारों स्पर्धाओं में पहला स्थान हासिल करना इस बात का संकेत है कि वे छोटी दूरी की तेज दौड़ और लंबी दूरी की रणनीतिक रेस, दोनों में सहज हैं। वर्ल्ड स्केट गेम्स में उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।