🔴 Latest
🔴 नैनीताल में नंदा देवी महोत्सव का समापन: नैनी झील में डोला विसर्जन के साथ मां नंदा-सुनंदा कैलाश विदा; छोलिया नृत्य और जयकारों से गूंजी सरोवर नगरी🔴 केदारनाथ हेली टिकट के नाम पर 5 लाख की साइबर ठगी, ऋषिकेश से आरोपी गिरफ्तार; जेल भेजा गया🔴 ज्योलिकोट में दूषित पानी से मौत के बाद बदलेगी उत्तराखंड की पेयजल निगरानी व्यवस्था, GIS मैपिंग से होगी पूरे नेटवर्क की निगरानी🔴 उत्तराखंड हाईकोर्ट: जस्टिस सुभाष उपाध्याय बनेंगे स्थायी जज, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने दी मंजूरी🔴 हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2026: गौतम अडानी फिर बने भारत के सबसे अमीर व्यक्ति; मुकेश अंबानी दूसरे नंबर पर फिसले🔴 नैनीताल में नंदा देवी महोत्सव का समापन: नैनी झील में डोला विसर्जन के साथ मां नंदा-सुनंदा कैलाश विदा; छोलिया नृत्य और जयकारों से गूंजी सरोवर नगरी🔴 केदारनाथ हेली टिकट के नाम पर 5 लाख की साइबर ठगी, ऋषिकेश से आरोपी गिरफ्तार; जेल भेजा गया🔴 ज्योलिकोट में दूषित पानी से मौत के बाद बदलेगी उत्तराखंड की पेयजल निगरानी व्यवस्था, GIS मैपिंग से होगी पूरे नेटवर्क की निगरानी🔴 उत्तराखंड हाईकोर्ट: जस्टिस सुभाष उपाध्याय बनेंगे स्थायी जज, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने दी मंजूरी🔴 हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2026: गौतम अडानी फिर बने भारत के सबसे अमीर व्यक्ति; मुकेश अंबानी दूसरे नंबर पर फिसले

विश्व आयुर्वेद दिवस पर हरिद्वार को सौगात: CM धामी और स्वामी रामदेव ने किया पहले 'पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम' का उद्घाटन

tv10 india news desk
By tv10 india news deskNewsroom23 September 2026

AI News Reader

खबर सुनें (Listen Now)

विश्व आयुर्वेद दिवस पर हरिद्वार को सौगात: CM धामी और स्वामी रामदेव ने किया पहले 'पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम' का उद्घाटन

हाइलाइट्स:

  • विश्व आयुर्वेद दिवस पर पतंजलि वेलनेस 'योगग्राम' में खुला पहला पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम।
  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और योग गुरु स्वामी रामदेव ने संयुक्त रूप से किया शुभारंभ।
  • 'भारतीय शिक्षा बोर्ड' से संबद्ध गुरुकुलम में कक्षा 4 से 12वीं तक दी जाएगी वैदिक और आधुनिक शिक्षा।
  • भगवान धन्वंतरि की पूजा-अर्चना कर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की।

हरिद्वार:
धर्मनगरी हरिद्वार स्थित पतंजलि वेलनेस 'योगग्राम' में विश्व आयुर्वेद दिवस के पावन अवसर पर पहले 'पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम' का भव्य उद्घाटन किया गया। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पतंजलि योगपीठ के संस्थापक योग गुरु स्वामी रामदेव ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संयुक्त रूप से इस अनूठे शैक्षणिक संस्थान का लोकार्पण किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज का दिन बेहद शुभ और ऐतिहासिक है। एक ओर भगवान धन्वंतरि की जयंती और विश्व आयुर्वेद दिवस का पावन पर्व है, तो दूसरी ओर पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम की शुरुआत भारतीय ज्ञान परंपरा, प्राचीन आयुर्वेद और योग की समृद्ध विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में एक युगांतरकारी कदम है।

'पूर्वजों की जीवन पद्धति और ज्ञान को जन-जन तक ले जाना जरूरी'

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, "जिस प्रकार योग को वैश्विक पटल और घर-घर तक पहुंचाने में स्वामी रामदेव और पतंजलि ने भगीरथ प्रयास किए हैं, उसी प्रकार हमें अपनी प्राचीन चिकित्सा और ज्ञान परंपराओं को भी हर नागरिक तक पहुंचाना होगा। हमारे पूर्वजों ने जिन जीवन पद्धतियों, सात्विक संस्कारों और आयुर्वेद को अपनाया, उन्हें आधुनिक संदर्भों में नई पीढ़ी के संस्कारों से जोड़ना आज समय की सबसे बड़ी मांग है।"

क्या है पतंजलि गुरुकुलम की खासियत? (वैदिक व आधुनिक शिक्षा का संगम)

पतंजलि संस्थान के अनुसार, यह गुरुकुलम केंद्र सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त 'भारतीय शिक्षा बोर्ड' (BSB) से संबद्ध है।

समग्र पाठ्यक्रम: यहाँ विद्यार्थियों को प्राचीन सनातन संस्कृति, उपनिषद, वेद और आयुर्वेद के गूढ़ ज्ञान के साथ-साथ आधुनिक विज्ञान, गणित और तकनीकी शिक्षा भी प्रदान की जाएगी।

कक्षाएं: संस्थान के आधिकारिक विवरण के अनुसार, हरिद्वार स्थित इस गुरुकुलम परिसर में कक्षा 4 से लेकर 12वीं तक के छात्रों के लिए उत्कृष्ट आवासीय और शैक्षणिक व्यवस्था की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाकर राष्ट्र निर्माण के लिए तैयार करना है।

भगवान धन्वंतरि की पूजा कर मांगी आरोग्य और समृद्धि

विश्व आयुर्वेद दिवस और धनतेरस के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री धामी ने आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने मुख्यमंत्री आवास और कार्यक्रम स्थल पर आयोजित अनुष्ठान में भाग लेते हुए समस्त प्रदेशवासियों के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु, सुख, शांति और राज्य की निरंतर समृद्धि की प्रार्थना की।

उद्घाटन समारोह में साधु-संतों, पतंजलि के वरिष्ठ आचार्यों, शिक्षकों और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया।