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आगरा में ओडीओपी योजना को रफ्तार, 30 कारोबारियों को मिला दो करोड़ सोलह लाख का ऋण

tv10 india news desk
By tv10 india news deskNewsroom21 September 2026

AI News Reader

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आगरा में ओडीओपी योजना को रफ्तार, 30 कारोबारियों को मिला दो करोड़ सोलह लाख का ऋण

आगरा। एक जनपद एक उत्पाद योजना के तहत आगरा के कारोबारियों को इस बार अच्छी संख्या में बैंक ऋण मिला है। जिला उद्योग केंद्र ने बैंकों को कुल 36 प्रस्ताव भेजे थे, जिनमें से 30 प्रस्ताव स्वीकृत हो गए। इन स्वीकृत प्रस्तावों पर कुल 2 करोड़ 16 लाख रुपये का ऋण मंजूर किया गया है। यह आंकड़ा चालू वित्त वर्ष की जून तिमाही का है।

योजना का मकसद जिले की पहचान बन चुके उत्पादों से जुड़े छोटे कारोबारियों को पूंजी उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपना काम बढ़ा सकें। आगरा में इस बार जिन कारोबारों को ऋण मिला है, उनमें जूता, पेठा, पराठा और रेस्तरां का काम प्रमुख रूप से शामिल है।

किस बैंक ने कितने प्रस्ताव मंजूर किए

प्रमुख बैंकों का ब्योरा इस प्रकार रहा:

  • बैंक ऑफ बड़ौदा: 11 प्रस्ताव स्वीकृत, नौ कारोबारियों को 70 लाख 30 हजार रुपये वितरित
  • केनरा बैंक: आठ प्रस्ताव स्वीकृत, पांच कारोबारियों को 12 लाख 3 हजार रुपये वितरित
  • सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया: चार प्रस्ताव स्वीकृत, 40 लाख रुपये की राशि मंजूर

उद्योग विभाग के संयुक्त आयुक्त अनुज कुमार के अनुसार स्वीकृति के बाद वितरण की प्रक्रिया लगातार जारी है और शेष प्रस्तावों पर भी बैंकों से बातचीत चल रही है।

जूता और पेठा, दोनों को सहारा

आगरा का जूता उद्योग देश के सबसे बड़े जूता निर्माण केंद्रों में गिना जाता है, जबकि पेठा शहर की सबसे जानी-पहचानी मिठाई है। दोनों ही कारोबारों में बड़ी संख्या में छोटी इकाइयां काम करती हैं, जिनके लिए कच्चा माल खरीदने और मशीनें लगाने के लिए पूंजी सबसे बड़ी अड़चन रहती है। बैंक ऋण मिलने से इन इकाइयों को उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।

विभाग का कहना है कि योजना के तहत आवेदन करने वाले कारोबारियों को परियोजना रिपोर्ट तैयार करने में भी सहायता दी जाती है, क्योंकि कागजी प्रक्रिया अधूरी रहने पर ही ज्यादातर प्रस्ताव अटकते हैं। जिन कारोबारियों के प्रस्ताव इस बार स्वीकृत नहीं हो सके, उन्हें दस्तावेज पूरे कर दोबारा आवेदन करने की सलाह दी गई है।

त्योहारी सीजन नजदीक होने के कारण जूता और पेठा दोनों कारोबारों में मांग बढ़ने की उम्मीद है। कारोबारियों का कहना है कि समय पर ऋण मिलने से वे सीजन की मांग पूरी कर सकेंगे।