🔴 Latest
🔴 सीएम धामी ने खास अंदाज में दी पीएम को बधाई: बोले- 'आप आधुनिक भारत के राष्ट्र-शिल्पी'; पहली मुलाकात का डर और संबल भी पत्र में किया साझा🔴 तकलामकान की रेत के नीचे खुला रहस्य, रेगिस्तान में मिले पानी के दो बड़े भंडार🔴 उत्तराखंड के राज्य पक्षी मोनाल की बदल रही आवाज, गढ़वाल विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों की शोध रिपोर्ट में खुलासा🔴 उत्तराखंड के होमस्टे को मिलेगी हरी पहचान, दस मानकों पर परखकर दिया जाएगा इको फ्लावर बैज🔴 कानपुर के पनकी में श्रमिकों के लिए नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर, तीन दिन में दस हजार मजदूरों की होगी जांच🔴 सीएम धामी ने खास अंदाज में दी पीएम को बधाई: बोले- 'आप आधुनिक भारत के राष्ट्र-शिल्पी'; पहली मुलाकात का डर और संबल भी पत्र में किया साझा🔴 तकलामकान की रेत के नीचे खुला रहस्य, रेगिस्तान में मिले पानी के दो बड़े भंडार🔴 उत्तराखंड के राज्य पक्षी मोनाल की बदल रही आवाज, गढ़वाल विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों की शोध रिपोर्ट में खुलासा🔴 उत्तराखंड के होमस्टे को मिलेगी हरी पहचान, दस मानकों पर परखकर दिया जाएगा इको फ्लावर बैज🔴 कानपुर के पनकी में श्रमिकों के लिए नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर, तीन दिन में दस हजार मजदूरों की होगी जांच

दिल्ली बनेगी सौर ऊर्जा की राजधानी: 2.30 लाख घरों की छतों पर मुफ्त लगेंगे सोलर पैनल, मेंटेनेंस भी सरकार के जिम्मे

tv10 india news desk
By tv10 india news deskNewsroom17 September 2026

AI News Reader

खबर सुनें (Listen Now)

दिल्ली बनेगी सौर ऊर्जा की राजधानी: 2.30 लाख घरों की छतों पर मुफ्त लगेंगे सोलर पैनल, मेंटेनेंस भी सरकार के जिम्मे

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली को सौर ऊर्जा की राजधानी बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। नई सौर नीति के तहत करीब 2.30 लाख घरों की छतों पर मुफ्त सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इस पर छह महीने की अवधि में लगभग 2,700 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई गई है।

योजना का सबसे बड़ा आकर्षण यह है कि पात्र उपभोक्ताओं को तीन किलोवाट तक का रूफटॉप सोलर सिस्टम शून्य लागत पर मिलेगा। यानी पैनल लगवाने के लिए घर के मालिक को अपनी जेब से कोई रकम नहीं देनी होगी। शुरुआती वर्षों के रखरखाव का खर्च भी सरकार वहन करेगी, जिससे उपभोक्ता को तकनीकी झंझट से राहत मिलेगी।

किन्हें मिलेगा सीधा लाभ

नीति में उन घरेलू उपभोक्ताओं पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिनकी मासिक खपत 400 यूनिट तक रहती है। यह वर्ग राजधानी के घरेलू उपभोक्ताओं का बड़ा हिस्सा है और बिजली बिल का बोझ इसी पर सबसे ज्यादा महसूस होता है। कम खपत वाले उपभोक्ताओं के लिए ऊर्जा बचत प्रोत्साहन की अलग व्यवस्था भी रखी गई है।

सोलर पैनल लगने के बाद घरों को नेट मीटरिंग की सुविधा मिलेगी। इसका मतलब है कि दिन में जो बिजली घर में इस्तेमाल नहीं होगी, वह ग्रिड में चली जाएगी और उसका समायोजन उपभोक्ता के बिल में हो जाएगा। इससे कई घरों का बिजली बिल शून्य तक पहुंच सकता है और कुछ मामलों में अतिरिक्त आमदनी भी बन सकती है।

योजना एक नजर में

  • करीब 2.30 लाख घरों की छतों पर मुफ्त सोलर सिस्टम
  • तीन किलोवाट तक की क्षमता शून्य लागत पर
  • 400 यूनिट तक मासिक खपत वाले परिवारों पर विशेष ध्यान
  • छह महीने में लगभग 2,700 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना
  • नेट मीटरिंग और शुरुआती वर्षों का मुफ्त रखरखाव

दिल्ली की यह पहल केंद्र की पीएम सूर्य घर योजना के साथ जोड़कर आगे बढ़ाई जा रही है, जिसके तहत देश भर में घरों की छतों पर सौर ऊर्जा को बढ़ावा दिया जा रहा है। दोनों को मिलाकर लाभार्थी परिवारों पर आने वाला खर्च लगभग समाप्त हो जाता है।

पर्यावरण के लिहाज से भी यह कदम महत्वपूर्ण है। राजधानी में बिजली की मांग गर्मियों में तेजी से बढ़ती है और उसका बड़ा हिस्सा पारंपरिक स्रोतों से पूरा होता है। छतों पर बड़े पैमाने पर सौर उत्पादन शुरू होने से इस निर्भरता में कमी आ सकती है।