🔴 Latest
🔴 सीएम धामी ने खास अंदाज में दी पीएम को बधाई: बोले- 'आप आधुनिक भारत के राष्ट्र-शिल्पी'; पहली मुलाकात का डर और संबल भी पत्र में किया साझा🔴 तकलामकान की रेत के नीचे खुला रहस्य, रेगिस्तान में मिले पानी के दो बड़े भंडार🔴 उत्तराखंड के राज्य पक्षी मोनाल की बदल रही आवाज, गढ़वाल विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों की शोध रिपोर्ट में खुलासा🔴 उत्तराखंड के होमस्टे को मिलेगी हरी पहचान, दस मानकों पर परखकर दिया जाएगा इको फ्लावर बैज🔴 कानपुर के पनकी में श्रमिकों के लिए नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर, तीन दिन में दस हजार मजदूरों की होगी जांच🔴 सीएम धामी ने खास अंदाज में दी पीएम को बधाई: बोले- 'आप आधुनिक भारत के राष्ट्र-शिल्पी'; पहली मुलाकात का डर और संबल भी पत्र में किया साझा🔴 तकलामकान की रेत के नीचे खुला रहस्य, रेगिस्तान में मिले पानी के दो बड़े भंडार🔴 उत्तराखंड के राज्य पक्षी मोनाल की बदल रही आवाज, गढ़वाल विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों की शोध रिपोर्ट में खुलासा🔴 उत्तराखंड के होमस्टे को मिलेगी हरी पहचान, दस मानकों पर परखकर दिया जाएगा इको फ्लावर बैज🔴 कानपुर के पनकी में श्रमिकों के लिए नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर, तीन दिन में दस हजार मजदूरों की होगी जांच

भारत में 5 अरब डॉलर का निवेश करेगी एप्लाइड मैटेरियल्स, अगले दस वर्षों के लिए बनाई योजना

tv10 india news desk
By tv10 india news deskNewsroom17 September 2026

AI News Reader

खबर सुनें (Listen Now)

भारत में 5 अरब डॉलर का निवेश करेगी एप्लाइड मैटेरियल्स, अगले दस वर्षों के लिए बनाई योजना

नई दिल्ली: सेमीकंडक्टर उपकरण बनाने वाली प्रमुख कंपनी एप्लाइड मैटेरियल्स ने भारत में अगले दस वर्षों के दौरान पांच अरब डॉलर निवेश करने की योजना का ऐलान किया है। देश के चिप क्षेत्र के लिए यह अब तक की बड़ी घोषणाओं में गिनी जा रही है और इसे भारत के सेमीकंडक्टर मिशन पर बढ़ते वैश्विक भरोसे के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

यह घोषणा ऐसे समय आई है जब राजधानी में सेमीकंडक्टर उद्योग का बड़ा वैश्विक आयोजन चल रहा है और दुनिया भर की कंपनियां भारत में मौजूद अवसरों को परख रही हैं। चिप निर्माण की पूरी शृंखला में उपकरण बनाने वाली कंपनियों की भूमिका निर्णायक होती है, क्योंकि उनके बिना कोई भी संयंत्र चल नहीं सकता।

उपकरण उद्योग की अहमियत

सेमीकंडक्टर चिप सिलिकॉन के पतले वेफर पर परत दर परत बनाई जाती है। इस प्रक्रिया में जमाव, नक्काशी और सफाई जैसे दर्जनों चरण होते हैं और हर चरण के लिए अलग तरह की विशेष मशीन चाहिए होती है। ये मशीनें दुनिया में गिनी-चुनी कंपनियां ही बनाती हैं और इनकी कीमत करोड़ों में होती है।

ऐसे में यदि उपकरण बनाने वाली कंपनियां भारत में अपनी मौजूदगी बढ़ाती हैं, तो इसका असर पूरी शृंखला पर पड़ता है। इंजीनियरिंग, अनुसंधान, आपूर्तिकर्ता नेटवर्क और कुशल कार्यबल, सब में विस्तार की गुंजाइश बनती है। यही वजह है कि इस तरह के निवेश को केवल पूंजी नहीं, बल्कि तकनीकी क्षमता के हस्तांतरण के रूप में भी देखा जाता है।

घोषणा एक नजर में

  • भारत में पांच अरब डॉलर निवेश की योजना
  • निवेश अगले दस वर्षों की अवधि में किया जाएगा
  • चिप निर्माण उपकरण के क्षेत्र की प्रमुख कंपनी है एप्लाइड मैटेरियल्स
  • भारत के सेमीकंडक्टर मिशन के लिए बड़ा भरोसा

भारत में चिप से जुड़ी इकाइयों की स्थापना का काम कई राज्यों में आगे बढ़ रहा है। संयंत्रों के साथ-साथ असेंबली, परीक्षण और पैकेजिंग की इकाइयां भी तैयार की जा रही हैं। इस पूरी प्रक्रिया में हजारों प्रत्यक्ष और उससे कई गुना अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने का अनुमान है।

उद्योग जगत के जानकार मानते हैं कि इस क्षेत्र में सफलता एक-दो वर्ष में नहीं मिलती। संयंत्र लगाने, उत्पादन स्थिर करने और गुणवत्ता के अंतरराष्ट्रीय मानक हासिल करने में लंबा समय लगता है। लेकिन लगातार आ रही बड़ी घोषणाएं बताती हैं कि दीर्घकालिक दिशा तय हो चुकी है।