एयर इंडिया के नए CEO की कितनी होगी सैलरी? बॉम्बे हाउस में बोर्ड बैठक में हुआ मंथन

मुंबई.
टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयरलाइन ‘एयर इंडिया’ में बड़े नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया तेज हो गई है। मुंबई स्थित टाटा के मुख्यालय 'बॉम्बे हाउस' में मंगलवार को एयर इंडिया के निदेशक मंडल (बोर्ड) की अहम बैठक हुई। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में इस माह के अंत में होने वाले नेतृत्व परिवर्तन और नए प्रबंध निदेशक (MD) एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) टेवोल्डे गेब्रेमरियम के वेतन ढांचे (सैलरी पैकेज) समेत विभिन्न अहम मुद्दों पर चर्चा की गई।
बैठक में मौजूदा एमडी और सीईओ कैंपबेल विल्सन को उनके अहम योगदान के लिए धन्यवाद दिया गया। विल्सन जुलाई 2022 से एयर इंडिया के प्रमुख पद पर हैं और वे इसी महीने पद से हटने जा रहे हैं।
'एयर इंडिया और भारत का अनुभव शानदार रहा': विल्सन
बैठक के बाद बॉम्बे हाउस के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कैंपबेल विल्सन ने कहा, "एयर इंडिया के लंबे और ऐतिहासिक सफर का हिस्सा बनना मेरे लिए गर्व की बात रही। भारत और यहां के लोगों के साथ मेरा अनुभव बेहद शानदार रहा। मैं अपने उत्तराधिकारी टेवोल्डे को जिम्मेदारी सौंपकर बेहद खुश हूं। एयर इंडिया को वैश्विक स्तर की एयरलाइन बनने के लिए मेरी ढेर सारी शुभकामनाएं।"
विल्सन के कार्यकाल के दौरान टाटा समूह ने एयर इंडिया के आधुनिकीकरण और ऐतिहासिक बदलाव (ट्रांसफॉर्मेशन) का बड़ा खाका तैयार किया था।
नए बॉस का विजन: 'एयर इंडिया को फिर से महान बनाएंगे'
इथियोपियन एयरलाइंस ग्रुप को वैश्विक पहचान दिलाने वाले पूर्व प्रमुख टेवोल्डे गेब्रेमरियम को एयर इंडिया की कमान संभालने के लिए अब केवल सुरक्षा मंजूरी (Security Clearance) का इंतजार है। औपचारिकताएं पूरी होते ही वह औपचारिक रूप से कामकाज संभाल लेंगे।
इससे पहले 7 सितंबर को एयरलाइन कर्मचारियों के साथ अपने पहले टाउनहॉल संबोधन में गेब्रेमरियम ने स्पष्ट किया था कि उनका लक्ष्य ‘मेक एयर इंडिया ग्रेट अगेन’ (एयर इंडिया को फिर से महान बनाना) है। उन्होंने कर्मचारियों से परिचालन में व्यवधान कम करने और हर दिन बुनियादी चीजों को सही ढंग से लागू करने का आह्वान किया था।
नई कमान के सामने हैं कई बड़ी चुनौतियां
घाटे से उबरने की कोशिश कर रही एयर इंडिया के सामने आने वाले दिनों में कई गंभीर चुनौतियां हैं:
सुरक्षा और परिचालन: पिछले साल अहमदाबाद में हुए एआई171 (AI171) हादसे के बाद सुरक्षा मानकों को मजबूत करना एयरलाइन की शीर्ष प्राथमिकता है।
वैश्विक अनिश्चितता: भू-राजनीतिक तनाव, विदेशी एयरस्पेस का बंद होना और विमान ईंधन (ATF) की कीमतों में उतार-चढ़ाव कंपनी के मुनाफे पर दबाव बना रहे हैं।
टाटा और सिंगापुर एयरलाइंस का भरोसा: जनवरी 2022 में टाटा समूह ने एयर इंडिया का अधिग्रहण किया था, जिसमें अब सिंगापुर एयरलाइंस की भी 25.1% हिस्सेदारी है। बोर्ड की बैठक में चेयरमैन चंद्रशेखरन ने सुरक्षा, लागत नियंत्रण और ग्राहकों का भरोसा जीतने वाली कार्यसंस्कृति विकसित करने पर जोर दिया।
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