मातृशक्ति को सीएम धामी की सौगात: लखपति के बाद अब 'करोड़पति दीदी' बनाने का लक्ष्य, रक्षाबंधन पर प्रदेश की बहनों को मिला घोषणाओं का पिटारा

रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री धामी की बड़ी सौगात: महिलाओं के लिए फ्री बस यात्रा की उम्र घटी, स्वरोजगार ऋण और पिंक ई-बसों का ऐलान
खटीमा/देहरादून: रक्षाबंधन के पावन पर्व पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह
धामी ने प्रदेश की 'मातृशक्ति' को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए घोषणाओं की
झड़ी लगा दी। चकरपुर स्टेडियम में आयोजित भव्य रक्षाबंधन समारोह में मुख्यमंत्री ने
महिलाओं की सुविधा, सुरक्षा और आर्थिक आजादी को केंद्र में रखते हुए कई महत्वपूर्ण
निर्णय लिए।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश की महिलाओं के लिए रोडवेज बसों में निशुल्क
यात्रा की सुविधा का दायरा बढ़ाया जाएगा। वर्तमान में 65 वर्ष से अधिक आयु की
महिलाओं को मिलने वाली यह सुविधा अब 60 वर्ष की आयु से ही लागू होगी। सरकार का
मानना है कि इस कदम से बड़ी संख्या में बुजुर्ग महिलाओं को सुरक्षित सार्वजनिक
परिवहन का लाभ मिलेगा।
देहरादून में चलेंगी 'पिंक ई-बसें' और बनेंगे हाईटेक टॉयलेट
महिलाओं की सुरक्षा और निजता को ध्यान में रखते हुए सीएम धामी ने कहा कि राज्य के
प्रमुख बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और पर्यटन केंद्रों पर आधुनिक सुविधाओं से लैस
हाईटेक टॉयलेट बनाए जाएंगे। इसके अलावा, केंद्र सरकार की ई-बस सेवा के तहत देहरादून
को मिलने वाली 100 इलेक्ट्रिक बसों में से 10 बसें 'पिंक ई-बस' के रूप में केवल
महिलाओं के लिए संचालित की जाएंगी।
स्वरोजगार के लिए अब ₹2.50 लाख तक का ऋण
महिलाओं को उद्यमी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री ने 'महिला
स्वरोजगार योजना' के तहत मिलने वाले रियायती ऋण की सीमा को ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹2.50
लाख करने का ऐलान किया। धामी ने कहा, "हमारा लक्ष्य है कि हमारी बहनें केवल रोजगार
पाने वाली न बनें, बल्कि दूसरों को रोजगार देने वाली उद्यमी बनें।"
'लखपति दीदी' के बाद अब 'करोड़पति' बनने का लक्ष्य
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में अब तक 3.09 लाख महिलाएं 'लखपति
दीदी' बन चुकी हैं। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे अब लखपति से आगे बढ़कर
'करोड़पति दीदी' बनने का लक्ष्य रखें। स्वयं सहायता समूहों को ₹5 लाख तक का
ब्याजमुक्त ऋण देने के साथ ही, उनके उत्पादों को बाजार देने के लिए देहरादून में 13
जिलों के 13 समर्पित विक्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
सुरक्षा और सम्मान सरकार की प्राथमिकता
कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी, जिस पर भावुक होते हुए
धामी ने कहा कि बहनों का यह स्नेह उन्हें जनसेवा के लिए निरंतर ऊर्जा देता है।
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की नंदा गौरा, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट और 30
प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार महिलाओं के
सम्मान और आत्मनिर्भरता के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने अंत में दोहराया कि उत्तराखंड की हर महिला को समान अवसर और सुरक्षा
प्रदान करना उनका कर्तव्य ही नहीं, बल्कि गर्व का विषय है।
