कड़वाहट छोड़ बाबा रामदेव ने निभाया भाई का फर्ज: कंगना को भेजा राखी का उपहार, बोले- 'बैर भाव मिटाना ही सच्चा पर्व'

- हालिया तीखी बयानबाजी के बाद बाबा रामदेव ने की सुलह की पहल, फोन पर देंगे शुभकामनाएं
पतंजलि में मनाया रक्षाबंधन पर्व, बोले- 'वेद की दृष्टि अभेद है, जाति-वर्ग का भेदभाव खत्म हो'
नेपाल की भीषण प्राकृतिक त्रासदी पर भी योग गुरु ने जताया गहरा शोक
हरिद्वार
योग गुरु स्वामी रामदेव और भाजपा सांसद व फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत के बीच पिछले कुछ दिनों से जारी तीखी जुबानी जंग अब खत्म होने की कगार पर है। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर स्वामी रामदेव ने सारे गिले-शिकवे भुलाते हुए कंगना रनौत के लिए राखी का उपहार और मिठाई भेजी है।
हरिद्वार स्थित पतंजलि योगपीठ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान स्वामी रामदेव ने कहा कि समाज और देश में किसी भी कारण से नफरत या बैर भाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मतभेदों और कड़वाहट को भुलाकर रिश्तों में प्रेम, सद्भाव और मिठास बनाए रखना ही रक्षाबंधन का सच्चा संदेश है।
स्वामी रामदेव ने कहा कि वह जल्द ही कंगना रनौत को फोन करके रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देंगे। उन्होंने कहा, "किसी भी मतभेद को बातचीत के जरिए सुलझाया जा सकता है। विवाद को संवाद से ही खत्म करना चाहिए और समाज में नफरत की जगह प्रेम व भाईचारे को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।"
बता दें कि हाल ही में स्वामी रामदेव की एक टिप्पणी के बाद कंगना रनौत ने उन पर पलटवार किया था, जिसके बाद रामदेव की तरफ से भी बयान सामने आए थे और दोनों के बीच विवाद काफी गरमा गया था। हालांकि, अब रक्षाबंधन पर रामदेव द्वारा उपहार भेजे जाने के बाद माना जा रहा है कि यह तल्खी जल्द ही समाप्त हो जाएगी।
पतंजलि में बंधी राखी, दिया सामाजिक समरसता का संदेश
रक्षाबंधन के अवसर पर स्वामी रामदेव ने पतंजलि योगपीठ में साध्वी बहनों और अनुयायियों से रक्षासूत्र बंधवाया। इस मौके पर उन्होंने सामाजिक एकता पर जोर देते हुए कहा:
वेद की दृष्टि अभेद दृष्टि है: समाज में स्त्री-पुरुष, जाति, वर्ग या समुदाय के आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए।
संवैधानिक मर्यादा: चाहे कोई दलित, शोषित, वंचित हो या अगड़ी जाति से—किसी का भी अपमान करना लोकतांत्रिक, संवैधानिक और सामाजिक मूल्यों के खिलाफ है।
पक्ष-विपक्ष को नसीहत: उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि सत्ता पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे को राखी बांधें और संसद से लेकर सड़क तक देश के लोकतंत्र, एकता और अखंडता को सर्वोपरि रखें।
नेपाल त्रासदी पर व्यक्त की गहरी संवेदना
कार्यक्रम के दौरान स्वामी रामदेव ने नेपाल में हाल ही में आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नेपाल में हुई भारी तबाही के दृश्य हृदयविदारक हैं, जिसमें कई लोगों ने अपनों को खो दिया। उन्होंने कहा कि प्रकृति किसी देश की सीमाओं—भारत, नेपाल या चीन में बंटी नहीं है, बल्कि यह पूरी मानवता की साझी धरोहर है। आपदा की इस घड़ी में हर संभव मानवीय सहयोग की जरूरत है।
