उत्तराखंड में अगले 5 दिन भारी बारिश का अनुमान: मौसम विभाग ने जारी किया 'येलो अलर्ट'

देहरादून, चमोली, उत्तरकाशी और नैनीताल समेत कई जिलों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली की चेतावनी
आपदा प्रबंधन विभाग ने पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और नदी-नालों के उफान को लेकर लोगों को किया सतर्क
यात्रियों को पहाड़ी मार्गों पर सफर से पहले मौसम का हाल जांचने की सलाह
देहरादून:
उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश में अगले पांच दिनों (28 अगस्त से 1 सितंबर) तक मौसम खराब रहने की संभावना जताई है। इस दौरान राज्य के अधिकांश पर्वतीय एवं मैदानी इलाकों में तेज गर्जना, आकाशीय बिजली चमकने और भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है।
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद राज्य का आपदा प्रबंधन तंत्र और सभी जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गए हैं।
दिनवार मौसम का पूर्वानुमान:
29 अगस्त: पिथौरागढ़, चमोली और उत्तरकाशी जनपदों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से अत्यधिक तेज बारिश और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी है।
30 अगस्त: देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, पिथौरागढ़, चमोली और नैनीताल जिलों में भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। राज्य के अन्य जिलों में भी तेज बारिश की संभावना है।
31 अगस्त: देहरादून, बागेश्वर और नैनीताल में भारी बारिश का अनुमान है। इसके साथ ही टिहरी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, चंपावत और उधमसिंह नगर में भी तेज बारिश हो सकती है।
1 सितंबर: पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल, हरिद्वार और उधमसिंह नगर के कई क्षेत्रों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
प्रशासन और आपदा प्रबंधन की अपील: 'अनावश्यक यात्रा से बचें'
भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने स्थानीय नागरिकों और तीर्थयात्रियों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है:
भूस्खलन का खतरा: पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश के चलते भूस्खलन और सड़कें अवरुद्ध होने का जोखिम बना रहेगा।
जलस्तर में वृद्धि: नदी-नालों और बरसाती गाड़-गदेरों के किनारे जाने से बचें।
सुरक्षा उपाय: आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों।
यात्रा एडवाइजरी: पर्वतीय मार्गों पर यात्रा करने से पहले मौसम और मार्ग की स्थिति की ताजा जानकारी जरूर लें। अनावश्यक यात्रा टालने की सलाह दी गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून के निदेशक डॉ. सीएस तोमर के अनुसार, "वर्तमान स्थिति को देखते हुए राज्यभर में येलो अलर्ट जारी किया गया है। पर्वतीय जनपदों में भारी से अति तीव्र बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं, जबकि मैदानी जिलों में गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। ऐसे में अगले पांच दिनों तक सभी को सतर्क रहने की आवश्यकता है।"
