गढ़वाल विवि बिड़ला परिसर में छात्रसंघ चुनाव का बिगुल: 11 सितंबर को मतदान

2 और 3 सितंबर को भरे जाएंगे नामांकन, 12 सितंबर को होगा शपथ ग्रहण समारोह
75% अटेंडेंस अनिवार्य, यूजी के लिए 22 और पीजी के लिए 25 वर्ष तय की गई अधिकतम उम्र
लिंगदोह समिति के नियम लागू: बराबर वोट मिलने पर लॉटरी (ड्रॉ) से होगा फैसला
श्रीनगर (गढ़वाल): हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के बिड़ला परिसर (श्रीनगर) में छात्रसंघ चुनाव 2026-27 की चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। मुख्य चुनाव अधिकारी प्रो. एम.सी. सती ने चुनाव की विस्तृत अधिसूचना और पूरा कार्यक्रम जारी कर दिया है।
अधिसूचना के मुताबिक, छात्रसंघ चुनाव के लिए 11 सितंबर को मतदान होगा और उसी दिन मतगणना के बाद परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। चुनाव में लिंगदोह समिति की सभी सिफारिशों और विश्वविद्यालय के नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा।
चुनावी शेड्यूल: कब क्या होगा?
नामांकन पत्र जमा: 2 सितंबर (सुबह 11 से शाम 4 बजे तक) और 3 सितंबर (सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक)
नामांकन पत्रों की जांच: 5 सितंबर (सुबह 11 से शाम 4 बजे तक)
नाम वापसी: 5 सितंबर (सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक)
प्रत्याशियों की अंतिम सूची: 5 सितंबर (शाम 5 बजे)
मतदान: 11 सितंबर (सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक)
मतगणना एवं परिणाम: 11 सितंबर (मतदान समाप्ति के तुरंत बाद)
शपथ ग्रहण समारोह: 12 सितंबर (सुबह 10 बजे, ACL हॉल में)
इन पदों पर होगा निर्वाचन
छात्रसंघ में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, सह-सचिव और कोषाध्यक्ष के साथ-साथ छह कार्यकारिणी सदस्यों का चुनाव होगा। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय छात्रसंघ प्रतिनिधि (यूआर) का भी चुनाव कराया जाएगा।
प्रत्याशियों के लिए तय किए गए कड़े नियम:
उम्र सीमा: 1 जुलाई 2026 को स्नातक (UG) प्रत्याशी की उम्र 17 से 22 वर्ष और परास्नातक (PG) के लिए अधिकतम 25 वर्ष होनी चाहिए। व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए निर्धारित अवधि अनुसार 1 वर्ष की छूट रहेगी।
75% अटेंडेंस जरूरी: चुनाव लड़ने वाले छात्र की कक्षा में न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है।
खर्च की सीमा ₹5,000: कोई भी प्रत्याशी 5 हजार रुपये से अधिक खर्च नहीं कर सकेगा। परिणाम के दो हफ्ते के भीतर खर्च का प्रमाणित ब्यौरा मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय में जमा करना होगा। उल्लंघन पर उम्मीदवारी निरस्त होगी।
नामांकन व पात्रता: प्रत्याशी, प्रस्तावक और अनुमोदक का बिड़ला परिसर का नियमित छात्र होना जरूरी है। नामांकन शुल्क ₹100 तय किया गया है।
अनुशासनहीनता पर रोक: विवि द्वारा पूर्व में दंडित छात्र चुनाव नहीं लड़ सकेगा। प्रत्याशी को निर्धारित प्रारूप में शपथपत्र देना होगा।
यदि मतगणना के दौरान किसी भी पद पर दो या दो से अधिक प्रत्याशियों को बिल्कुल बराबर वोट (टाई) मिलते हैं, तो हार-जीत का फैसला लॉटरी (ड्रॉ) प्रक्रिया के जरिए मौके पर ही किया जाएगा।
मतदान के दिन परिसर के भीतर किसी भी प्रकार की प्रचार सामग्री (पर्चे, पोस्टर, बैनर) लेकर जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने पर प्रत्याशी का निर्वाचन तुरंत अवैध घोषित किया जा सकता है।
