22,569 करोड़ रुपये का एनएसई आईपीओ दूसरे दिन ही पूरी तरह सब्सक्राइब

मुंबई। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम दूसरे ही दिन पूरी तरह भर गया। यह 22,569 करोड़ रुपये का निर्गम है और भारतीय शेयर बाजार के सबसे बड़े आईपीओ में गिना जा रहा है। निवेशकों की मजबूत रुचि और संस्थागत खरीदारों की जोरदार बोली के कारण इसे यह सफलता मिली।
पूरी तरह ऑफर फॉर सेल
यह निर्गम पूरी तरह ऑफर फॉर सेल यानी ओएफएस है, जिसमें कुल 12.64 करोड़ शेयर शामिल हैं। इसका अर्थ है कि एक्सचेंज को इस निर्गम से कोई नई पूँजी नहीं मिलेगी। बिक्री से मिलने वाली राशि सीधे उन मौजूदा शेयरधारकों के पास जाएगी जो अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं।
ग्रे मार्केट प्रीमियम इस समय करीब सात प्रतिशत के आसपास चल रहा है। यह संकेत करता है कि बाजार को सूचीबद्ध होने पर सामान्य स्तर की बढ़त की उम्मीद है। दूसरे दिन भी निवेशकों की रुचि लगातार बनी रही और योग्य संस्थागत खरीदारों की बोली विशेष रूप से मजबूत रही।
आईपीओ और ओएफएस में क्या अंतर है
- आईपीओ में कोई कंपनी पहली बार अपने शेयर आम निवेशकों को बेचती है
- ओएफएस में मौजूदा शेयरधारक अपने शेयर बेचते हैं, कंपनी को नई पूँजी नहीं मिलती
- ग्रे मार्केट प्रीमियम सूचीबद्ध होने से पहले बाजार की अपेक्षा का अनौपचारिक संकेत होता है
इस निर्गम के जरिये निवेशकों को देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज में हिस्सेदारी खरीदने का अवसर मिल रहा है। इतने बड़े आकार के निर्गम का दूसरे ही दिन भर जाना पूँजी बाजार में निवेशकों के भरोसे का संकेत माना जा रहा है।
योग्य संस्थागत खरीदारों की श्रेणी में बीमा कंपनियाँ, म्यूचुअल फंड और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक आते हैं। इस वर्ग की मजबूत भागीदारी को आमतौर पर निर्गम की गुणवत्ता का पैमाना माना जाता है, क्योंकि ये निवेशक विस्तृत विश्लेषण के बाद ही बोली लगाते हैं।
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