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चतुर्थ केदार रुद्रनाथ मंदिर के कपाट 17 अक्तूबर को होंगे बंद

tv10 india news desk
By tv10 india news deskNewsroom13 September 2026

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चतुर्थ केदार रुद्रनाथ मंदिर के कपाट 17 अक्तूबर को होंगे बंद

गोपेश्वर (चमोली)। पंचकेदारों में चतुर्थ केदार के रूप में विख्यात भगवान रुद्रनाथ के कपाट इस वर्ष 17 अक्तूबर को विधि-विधान एवं धार्मिक परंपराओं के अनुसार शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इसके बाद भगवान रुद्रनाथ की चल-विग्रह उत्सव डोली विभिन्न पड़ावों से होते हुए 20 अक्तूबर को अपने शीतकालीन गद्दीस्थल गोपेश्वर स्थित ऐतिहासिक गोपीनाथ मंदिर में विराजमान होगी। आगामी छह माह तक भगवान रुद्रनाथ की पूजा-अर्चना यहीं संपन्न होगी।

कार्तिक संक्रांति पर रात 8 बजे बंद होंगे कपाट

रुद्रनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य पंडित हरीश भट्ट ने कपाट बंदी के शुभ मुहूर्त की जानकारी देते हुए बताया कि 17 अक्तूबर को कार्तिक संक्रांति के पावन पर्व पर शाम 7 बजकर 47 मिनट पर सूर्य के तुला राशि में प्रवेश करते ही कपाट बंद करने की धार्मिक प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके बाद रात ठीक 8:00 बजे वैदिक मंत्रोच्चार और विशेष पूजा-अर्चना के साथ मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।

उत्सव डोली का शीतकालीन यात्रा कार्यक्रम

पुजारी हरीश भट्ट ने बताया कि कपाट बंद होने के बाद भगवान की उत्सव डोली का शीतकालीन पड़ाव इस प्रकार रहेगा:

  • 18 अक्तूबर: सुबह ठीक 8:00 बजे भगवान रुद्रनाथ की डोली मंदिर परिसर से प्रस्थान करेगी और पैदल मार्गों से होते हुए रात्रि प्रवास के लिए पहले पड़ाव डुमक गांव पहुंचेगी।
  • 19 अक्तूबर: डुमक गांव से प्रस्थान कर उत्सव डोली दूसरे रात्रि प्रवास के लिए कुजौं गांव पहुंचेगी, जहां ग्रामीणों द्वारा भगवान का भव्य स्वागत किया जाएगा।
  • 20 अक्तूबर: डोली कुजौं से प्रस्थान कर देवर गांव होते हुए अपने शीतकालीन गद्दीस्थल गोपीनाथ मंदिर (गोपेश्वर) पहुंचेगी। यहां पूरे विधि-विधान के साथ डोली को मंदिर में विराजमान किया जाएगा।

डोली के गोपीनाथ मंदिर पहुंचने पर भव्य स्वागत और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे, जिसके साथ ही भगवान रुद्रनाथ की शीतकालीन पूजाएं शुरू हो जाएंगी।