🔴 Latest
🔴 दूर होंगे सारे कष्ट और बनेंगे बिगड़े काम! सपने में भगवान गणेश के दर्शन का क्या है मतलब?🔴 टाटा संस के IPO का रास्ता साफ: RBI ने NBFC पंजीकरण सरेंडर करने की अर्जी खारिज की; शेयर बाजार में लिस्टिंग होगी अनिवार्य🔴 ऋषिकेश: रामझूला पुल के जीर्णोद्धार का 60% काम पूरा, कुंभ से पहले जनवरी 2027 तक शुरू करने का लक्ष्य🔴 उत्तराखंड में बेरोजगारी और पलायन के खिलाफ कांग्रेस का शंखनाद: शुरू होगा ‘काम मांगो अभियान’🔴 चतुर्थ केदार रुद्रनाथ मंदिर के कपाट 17 अक्तूबर को होंगे बंद🔴 दूर होंगे सारे कष्ट और बनेंगे बिगड़े काम! सपने में भगवान गणेश के दर्शन का क्या है मतलब?🔴 टाटा संस के IPO का रास्ता साफ: RBI ने NBFC पंजीकरण सरेंडर करने की अर्जी खारिज की; शेयर बाजार में लिस्टिंग होगी अनिवार्य🔴 ऋषिकेश: रामझूला पुल के जीर्णोद्धार का 60% काम पूरा, कुंभ से पहले जनवरी 2027 तक शुरू करने का लक्ष्य🔴 उत्तराखंड में बेरोजगारी और पलायन के खिलाफ कांग्रेस का शंखनाद: शुरू होगा ‘काम मांगो अभियान’🔴 चतुर्थ केदार रुद्रनाथ मंदिर के कपाट 17 अक्तूबर को होंगे बंद

हरिद्वार: जिला जेल अधीक्षक को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से मिली धमकी

tv10 india news desk
By tv10 india news deskNewsroom13 September 2026

AI News Reader

खबर सुनें (Listen Now)

हरिद्वार: जिला जेल अधीक्षक को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से मिली धमकी

हरिद्वार। हरिद्वार स्थित जिला कारागार के वरिष्ठ अधीक्षक (जेल सुपरिंटेंडेंट) मनोज कुमार आर्य को कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर जान से मारने और जेल को नुकसान पहुंचाने की धमकी मिलने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। फोन और व्हाट्सएप के जरिए लगातार दी जा रही धमकियों के बाद जेल अधीक्षक की शिकायत पर सिडकुल पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच में धमकी देने वाला जेल में बंद एक महिला कैदी का पति निकला है, जो खुद भी पूर्व में आपराधिक मामलों में जेल की सजा काट चुका है।

वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज कुमार आर्य द्वारा हरिद्वार एसएसपी को दी गई तहरीर के अनुसार, 11 सितंबर की रात करीब 10:47 बजे उनके निजी मोबाइल नंबर पर एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। देर रात होने के कारण उन्होंने सुबह बात करने को कहा। इसके बाद रात 11:24 बजे उसी नंबर से व्हाट्सएप पर संदेश भेजा गया, जिसमें कॉलर ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई समूह का सदस्य बताया।

अगले दिन 12 सितंबर को आरोपी ने फिर लगातार कई फोन किए। कॉल न उठाने पर उसने व्हाट्सएप पर धमकी भरे कई संदेश भेजे। आरोपी ने आरोप लगाया कि जेल में बंद उसकी पत्नी को मुलाकात के दौरान परेशान किया जा रहा है। उसने जेल अधीक्षक और कारागार को बड़ा नुकसान पहुंचाने की धमकी देते हुए दावा किया कि वह सीधे लॉरेंस के साथ रहता है।

12 सितंबर की सुबह करीब 10:12 बजे आरोपी ने दोबारा फोन किया, जिस पर जेल अधीक्षक ने सूझबूझ दिखाते हुए पूरी बातचीत रिकॉर्ड कर ली। इसके बाद जेल में निरुद्ध संबंधित महिला बंदी को वह ऑडियो रिकॉर्डिंग सुनाई गई। रिकॉर्डिंग सुनते ही महिला ने फोन करने वाले की पहचान अपने पति हिमांशु चड्ढा (पुत्र श्याम लाल चड्ढा) के रूप में की। महिला ने स्वीकार किया कि हिमांशु समय-समय पर उससे जेल में मिलने आता रहता है।

इसके बाद जेल प्रशासन ने जब ‘ई-प्रिजन पोर्टल’ पर हिमांशु का रिकॉर्ड खंगाला, तो पता चला कि वह पुराना हिस्ट्रीशीटर है। वह 2017 से 2019 तक देहरादून जिला जेल में बंद रहा और बाद में उसे सितारगंज केंद्रीय कारागार स्थानांतरित किया गया था, जहां से वह 13 दिसंबर 2022 को रिहा हुआ था। वहीं, जेल में बंद उसकी पत्नी पर भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

मामले की पृष्ठभूमि स्पष्ट करते हुए जेल अधीक्षक मनोज कुमार आर्य ने बताया,
“जेल में निरुद्ध उक्त महिला बंदी ने दाखिले के समय डिप्टी जेलर के साथ अभद्र व्यवहार किया था। इस अनुशासनहीनता पर उसे सख्त चेतावनी देते हुए जेल नियमों के पालन की हिदायत दी गई थी। दो दिन पूर्व जब उसका पति जेल में मुलाकात के लिए आया, तो महिला ने उसे भड़का दिया। इसके बाद से ही आरोपी पति खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का बताकर फोन और मैसेज पर लगातार धमकियां दे रहा था।”

वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने धमकी भरे व्हाट्सएप मैसेज के स्क्रीनशॉट, कॉल की ऑडियो रिकॉर्डिंग और मुलाकाती रजिस्टर के विवरण पुलिस को सौंपते हुए सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मामले में सिडकुल थाना प्रभारी अजय शाह ने बताया कि जेल अधीक्षक की तहरीर के आधार पर आरोपी हिमांशु चड्ढा के खिलाफ विभिन्न आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।