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पिथौरागढ़: ₹23.63 लाख के माल के साथ तकलाकोट रवाना हुआ तीसरा व्यापारिक दल

tv10 india news desk
By tv10 india news deskNewsroom22 September 2026

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पिथौरागढ़: ₹23.63 लाख के माल के साथ तकलाकोट रवाना हुआ तीसरा व्यापारिक दल

पिथौरागढ़: कोविड महामारी के बाद प्रभावित हुआ भारत-चीन सीमा व्यापार दोबारा शुरू होने के बाद व्यापारियों की आवाजाही लगातार जारी है। सोमवार को भारतीय व्यापारियों का तीसरा बैच चीन के तकलाकोट पहुंचा। इस दल में 6 व्यापारी और 4 हेल्पर समेत कुल 10 लोग शामिल हैं। व्यापारी अपने साथ करीब 23 लाख 63 हजार रुपये मूल्य का व्यापारिक सामान लेकर चीन गए हैं।

इससे पहले व्यापार के लिए चीन गए दो बैचों में शामिल 9 व्यापारी भारत लौट चुके हैं। वापसी के दौरान उनके साथ लाई गई व्यापारिक सामग्री का कस्टम विभाग की ओर से नियमानुसार क्लीयरेंस किया जा रहा है।

तीन बैचों में 42 व्यापारी पहुंचे तकलाकोट

इस व्यापारिक सीजन में अब तक तीन कारोबारी दल चीन की तकलाकोट मंडी पहुंच चुके हैं। पहले बैच में 20 व्यापारी, जबकि दूसरे बैच में 16 व्यापारी चीन गए थे। दूसरे दल के व्यापारियों ने करीब 19 लाख रुपये मूल्य का सामान चीन ले जाकर कारोबार किया था।

तीसरे बैच में 6 व्यापारियों और 4 हेल्परों को मिलाकर अब तक चीन जाने वाले लोगों की कुल संख्या 46 हो गई है। इनमें कुल 42 व्यापारी शामिल हैं।

चीन प्रशासन से लगातार समन्वय

उपजिलाधिकारी धारचूला एवं व्यापार अधिकारी आशीष जोशी के अनुसार जिला प्रशासन आगामी व्यापारिक बैचों को भी जल्द चीन भेजने के लिए वहां के संबंधित प्रशासन के साथ लगातार समन्वय और वार्ता कर रहा है। सीमा व्यापार को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए संबंधित विभागों के बीच भी लगातार तालमेल बनाया जा रहा है।

व्यापारियों की आवाजाही के साथ माल की आवाजाही और कस्टम प्रक्रिया भी व्यापार का महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्रशासन के अनुसार इन सभी प्रक्रियाओं को निर्धारित नियमों के तहत पूरा कराया जा रहा है।

सीमांत क्षेत्र की अर्थव्यवस्था से जुड़ा है व्यापार

धारचूला से संचालित भारत-चीन सीमा व्यापार का सीमांत क्षेत्र की स्थानीय अर्थव्यवस्था से सीधा संबंध है। तकलाकोट मंडी लंबे समय से सीमावर्ती क्षेत्र के कारोबारियों के लिए महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र रही है। व्यापारिक गतिविधियां नियमित होने से सीमांत क्षेत्र में कारोबार से जुड़े लोगों को आर्थिक गतिविधियों में बढ़ोतरी की उम्मीद है।

भारत से चीन को मुख्य रूप से गुड़, मिश्री, सूखे मेवे, तांबे और स्टील के बर्तन तथा सौंदर्य प्रसाधन भेजे जाते हैं। वहीं चीन के तिब्बत क्षेत्र से भारत आने वाली प्रमुख वस्तुओं में ऊन, ऊनी वस्त्र, पश्मीना, याक के बाल, रेशम, तिब्बती जूते और अन्य परिधान शामिल हैं।

धारचूला से लिपुलेख दर्रे के रास्ते पारंपरिक भारत-तिब्बत व्यापार मार्ग के जरिए भारतीय व्यापारी तिब्बत की तकलाकोट मंडी पहुंचते हैं। इस व्यापारिक सीजन में अब तक 68 व्यापारियों को व्यापारिक पास जारी किए गए हैं।