🔴 Latest
🔴 EPFO का बड़ा फैसला: वेतन सीमा ₹25 हजार हुई, उत्तराखंड में 40 हजार नए कर्मचारी जुड़ेंगे🔴 पिथौरागढ़: ₹23.63 लाख के माल के साथ तकलाकोट रवाना हुआ तीसरा व्यापारिक दल🔴 कॉर्बेट से राजाजी टाइगर रिजर्व भेजे जाएंगे 5 बाघ, NTCA से मिली हरी झंडी🔴 ’राई’ की थाप लेकर दुनिया के मंच तक पहुंचीं ’राधा’🔴 ऑस्ट्रेलिया के सूखे मैदान के नीचे छिपी गुफाओं का पता चला, मंगल पर जीवन खोजने में मिल सकती है मदद🔴 EPFO का बड़ा फैसला: वेतन सीमा ₹25 हजार हुई, उत्तराखंड में 40 हजार नए कर्मचारी जुड़ेंगे🔴 पिथौरागढ़: ₹23.63 लाख के माल के साथ तकलाकोट रवाना हुआ तीसरा व्यापारिक दल🔴 कॉर्बेट से राजाजी टाइगर रिजर्व भेजे जाएंगे 5 बाघ, NTCA से मिली हरी झंडी🔴 ’राई’ की थाप लेकर दुनिया के मंच तक पहुंचीं ’राधा’🔴 ऑस्ट्रेलिया के सूखे मैदान के नीचे छिपी गुफाओं का पता चला, मंगल पर जीवन खोजने में मिल सकती है मदद

उत्तराखंड में बच्चों को मोबाइल से दूर करने का अनोखा तरीका, स्कूल पर उठे सवाल; जांच के आदेश

tv10 india news desk
By tv10 india news deskNewsroom22 September 2026

AI News Reader

खबर सुनें (Listen Now)

उत्तराखंड में बच्चों को मोबाइल से दूर करने का अनोखा तरीका, स्कूल पर उठे सवाल; जांच के आदेश

खटीमा (ऊधम सिंह नगर):
बच्चों में लगातार बढ़ती स्मार्टफोन और गेमिंग की लत को छुड़ाने के लिए उत्तराखंड के खटीमा स्थित एक निजी स्कूल में अजीबोगरीब तरीका अपनाने का मामला सामने आया है। स्कूल में बच्चों को डराने के उद्देश्य से एक बच्चे की आंखों पर पट्टी बांधकर यह दावा किया गया कि ज्यादा मोबाइल चलाने के कारण डॉक्टर ने उसकी दोनों आंखें निकाल दी हैं। यह सुनकर कक्षा में मौजूद अन्य मासूम बच्चे बुरी तरह सहम गए और चीख-चीखकर रोने लगे। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है और मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

जानकारी के अनुसार, खटीमा के एक निजी विद्यालय में बच्चों के स्क्रीन टाइम को नियंत्रित करने के लिए एक 'जागरूकता गतिविधि' (इमोशनल एक्टिविटी) आयोजित की गई थी। इस दौरान एक छात्र की आंखों पर रंग लगाकर पट्टी बांधी गई और उसे अन्य बच्चों के सामने खड़ा कर दिया गया।

छात्र ने अपने सहपाठियों से कथित तौर पर कहा कि वह बहुत अधिक मोबाइल फोन चलाता था, जिसके दुष्परिणाम स्वरूप डॉक्टर ने ऑपरेशन कर उसकी दोनों आंखें निकाल ली हैं।

सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि साथी बच्चे की यह हालत और बात सुनकर कक्षा में मौजूद अन्य बच्चे गहरे सदमे में आ गए। कई मासूम रोते, चिल्लाते और हाथ जोड़कर यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि वे अब कभी भी मोबाइल फोन नहीं चलाएंगे। वीडियो में शिक्षिका बच्चों से दोबारा मोबाइल चलाने की बात कहती दिख रही हैं, जिस पर सहमे हुए बच्चे लगातार रोते हुए इनकार कर रहे हैं।

स्कूल प्रबंधन की ओर से भले ही इस गतिविधि का उद्देश्य बच्चों को मोबाइल के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करना बताया जा रहा हो, लेकिन इस तरीके को लेकर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बाल मनोवैज्ञानिकों और अभिभावकों का मानना है कि छोटे बच्चों के मन-मस्तिष्क पर इस तरह के डरावने ड्रामे का बेहद नकारात्मक और गहरा मनोवैज्ञानिक प्रभाव पड़ सकता है।

मुख्य शिक्षा अधिकारी ने दिए जांच के निर्देश

मामला तूल पकड़ने और वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। ऊधम सिंह नगर के मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीईओ) हरेंद्र मिश्रा ने बताया कि मामला संज्ञान में आते ही खटीमा के खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) को मौके पर जाकर जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।

सीईओ ने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट जल्द से जल्द मुख्यालय भेजने को कहा गया है। रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों और नियमों के उल्लंघन के आधार पर संबंधित स्कूल व शिक्षकों के खिलाफ आवश्यक विभागीय कार्रवाई की जाएगी।