बाढ़ में बहा कुलागाड़ बैली ब्रिज, पिथौरागढ़ में चीन सीमा से टूटा संपर्क

पिथौरागढ़/धारचूला:
उत्तराखंड के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में मूसलाधार बारिश, भूस्खलन और उफनते नदी-नालों ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। जिले के धारचूला क्षेत्र में हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। शुक्रवार रात ऊंचाई वाले इलाकों में हुई भारी बारिश के बाद कुलागाड़ नाले में आई बाढ़ में हाल ही में तैयार किया गया 170 फीट लंबा बैली ब्रिज बह गया।
पुल के बहने से सामरिक दृष्टि से अहम चीन सीमा सहित धारचूला की तीन प्रमुख घाटियों—व्यास, दारमा और चौदास—का शेष दुनिया और जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट गया है। सुरक्षा को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने धारचूला-तवाघाट-गुंजी मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पर पूर्ण रोक लगा दी है।
15 दिन पहले बीआरओ ने तैयार किया था पुल
गौरतलब है कि कुलागाड़ पर बना पुराना पुल बीते 18 अगस्त को पहाड़ी से गिरे विशालकाय बोल्डरों की चपेट में आकर ध्वस्त हो गया था। इसके बाद सीमा सड़क संगठन (BRO) की 67 आरसीसी/ग्रेफ टीम ने ओसी चंद्र गुप्त के नेतृत्व में 35 मजदूरों और भारी मशीनों की मदद से दिन-रात काम कर 27 अगस्त को 170 फीट लंबा नया बैली ब्रिज तैयार किया था।
28 अगस्त से इस पुल पर वाहनों की आवाजाही शुरू हुई थी, जिससे सीमावर्ती ग्रामीणों और सुरक्षाबलों ने राहत की सांस ली थी। लेकिन महज 15 दिनों के भीतर शुक्रवार रात आए तेज सैलाब में यह नया पुल भी बह गया, जिससे एक बार फिर भारी संकट खड़ा हो गया है।
गस्कू में पहाड़ी से बरसे पत्थर, जेसीबी चालक की सूझबूझ से टला हादसा
आदि कैलाश यात्रा मार्ग पर शुक्रवार को गस्कू के पास अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में पत्थर और बोल्डर गिरने लगे। गनीमत रही कि मौके पर काम कर रहे जेसीबी ऑपरेटर ने खतरे को भांपते हुए समय रहते मशीन को पीछे हटा लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
घटना को लेकर हेड कांस्टेबल सोबन सिंह बनग्याल ने बताया:
"शुक्रवार दोपहर गस्कू में बोल्डर आने से यातायात रुक गया था। बीआरओ की टीम ने मलबा हटाकर रास्ता खोला, लेकिन पहाड़ी से दोबारा पत्थर गिरने लगे। स्थिति नियंत्रित होने और बोल्डरों का गिरना बंद होने के बाद दोपहर करीब दो बजे यातायात बहाल किया जा सका।"
आदि कैलाश मार्ग पर कई जगह लैंडस्लाइड
बारिश के कारण पहाड़ियां कमजोर हो चुकी हैं, जिससे आदि कैलाश मार्ग पर कई संवेदनशील स्थानों पर लगातार भूस्खलन हो रहा है। गस्कू के अलावा कुलागाड़, एलागाड़ और मलघाट में भी पहाड़ी से भारी मलबा आने के कारण कई घंटों तक आवाजाही ठप रही। बीआरओ कर्मी जान जोखिम में डालकर बोल्डर गिरने का सिलसिला थमने के बाद मशीनों के जरिए मार्ग खोलने में जुटे हैं।
जिले में एक दर्जन सड़कें बंद, प्रशासन ने की सतर्कता की अपील
लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के कारण जिले में यातायात व्यवस्था चरमरा गई है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी भूपेंद्र महर ने बताया:
"जिले में बारिश और मलबे के कारण वर्तमान में करीब एक दर्जन प्रमुख सड़कें बंद हैं। संबंधित कार्यदायी संस्थाएं युद्धस्तर पर सड़कों को खोलने का प्रयास कर रही हैं। आपदा के इस मौसम में लोगों और यात्रियों से अपील है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।"
पुलिस और प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों व तीर्थयात्रियों को हिदायत दी है कि वे स्थिति सामान्य होने और मार्ग सुरक्षित होने तक धारचूला-तवाघाट-गुंजी मार्ग की ओर रुख न करें।
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