हल्द्वानी और लालकुआं को केंद्र की बड़ी सौगात: दो प्रमुख सड़क परियोजनाओं को मिली मंजूरी, जाम से मिलेगी मुक्ति

- गौला पुल से नरीमन तिराहे तक बनेगी फोरलेन सड़क
- नगला से लालकुआं तक 7 किमी लंबे बाईपास को हरी झंडी; पहाड़ जाने वाले वाहनों को नहीं झेलना पड़ेगा शहर का ट्रैफिक
हल्द्वानी (नैनीताल):
कुमाऊं के प्रवेश द्वार हल्द्वानी और लालकुआं के निवासियों के साथ-साथ पहाड़ का रुख करने वाले लाखों यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने क्षेत्र की दो अत्यंत महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को अपनी स्वीकृति दे दी है। इसके तहत बनभूलपुरा स्थित गौला पुल से नरीमन तिराहे तक फोरलेन सड़क और नगला से लालकुआं वन विभाग गोदाम तक सात किलोमीटर लंबा बाईपास बनाया जाएगा। इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से क्षेत्र में वर्षों पुरानी भीषण जाम की समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा।
पहली परियोजना: गौला पुल से नरीमन तिराहा तक बनेगी फोरलेन सड़क
परियोजना के तहत बनभूलपुरा क्षेत्र में गौला पुल से लेकर नरीमन तिराहे (काठगोदाम मार्ग) तक के मार्ग को फोरलेन में तब्दील किया जाएगा। यह मार्ग हल्द्वानी शहर के सबसे व्यस्त हिस्सों में गिना जाता है, जहां रोजाना हजारों छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही रहती है। संकरी सड़क के कारण पीक ऑवर्स और छुट्टियों के दिनों में यहां वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। फोरलेन बनने के बाद शहर के भीतरी इलाके में ट्रैफिक का दबाव काफी कम हो जाएगा और लोगों को घंटों जाम में फंसने से मुक्ति मिलेगी।
दूसरी परियोजना: नगला से लालकुआं तक 7 किमी लंबा बाईपास
दूसरी बड़ी सौगात लालकुआं क्षेत्र को मिली है। नगला से लालकुआं वन विभाग गोदाम तक लगभग सात किलोमीटर लंबे नए बाईपास के निर्माण को मंजूरी दी गई है। यह बाईपास लालकुआं मुख्य बाजार और रेलवे क्रॉसिंग पर आए दिन लगने वाले भीषण जाम का स्थायी समाधान साबित होगा। इस बाईपास के बनने के बाद पर्वतीय क्षेत्रों (अल्मोड़ा, नैनीताल, पिथौरागढ़ आदि) की ओर जाने वाले भारी और बाहरी वाहनों को लालकुआं शहर के भीतर प्रवेश नहीं करना पड़ेगा, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।
NHAI के प्रस्ताव पर लगी मुहर, जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य
विभागीय सूत्रों के अनुसार, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने करीब दो माह पहले इन दोनों परियोजनाओं का विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर केंद्रीय मंत्रालय को भेजा था। केंद्र से औपचारिक हरी झंडी मिलने के बाद अब जल्द ही विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर टेंडर व निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
पर्यटन, व्यापार और कुमाऊं की कनेक्टिविटी को मिलेगी रफ्तार
स्थानीय जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने केंद्र के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका मानना है कि इन दोनों परियोजनाओं के पूरा होने से न केवल आम जनता को जाम के झंझट से मुक्ति मिलेगी, बल्कि कुमाऊं मंडल के पर्यटन, स्थानीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। बाहरी राज्यों से नैनीताल, भीमताल और मुक्तेश्वर जाने वाले पर्यटकों का सफर भी सुगम और तेज हो सकेगा।
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