'मेड इन उत्तराखंड' बनेगा ग्लोबल ब्रांड: कुमाऊं के उद्यमियों के साथ संवाद में सीएम धामी ने दिया हर समस्या के समाधान का भरोसा

हल्द्वानी | उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी में कुमाऊं मंडल के व्यापारियों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ सीधा संवाद किया। राष्ट्रीय खेल दिवस के कार्यक्रमों के बाद आईटीसी फॉर्च्यून में आयोजित इस संवाद सत्र में सीएम ने व्यापारियों की समस्याएं और सुझाव सुने तथा उनके त्वरित समाधान का भरोसा दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापारी और उद्योग जगत प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। सरकार का लक्ष्य उद्योगों के रास्ते में रोड़े अटकाना नहीं, बल्कि उन्हें एक सहयोगी और पारदर्शी वातावरण उपलब्ध कराना है। सीएम धामी ने इस दौरान बताया कि राज्य में अब तक 29 हजार से अधिक नई एमएसएमई (MSME) इकाइयां स्थापित हो चुकी हैं, जिनसे करीब 1.27 लाख युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है।
व्यापारियों ने रखीं GST, मंडी शुल्क और पार्किंग की समस्याएं
संवाद कार्यक्रम में कुमाऊं मंडल के विभिन्न व्यापार मंडलों और औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी मांगें और सुझाव मुख्यमंत्री के सामने रखे:
प्रक्रियाओं का सरलीकरण: जीएसटी (GST) से जुड़ी प्रक्रियाओं को और अधिक सरल व व्यावहारिक बनाने की मांग।
बुनियादी ढांचा: औद्योगिक क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार, लीज नवीनीकरण की प्रक्रिया को सुगम बनाना।
स्थानीय समस्याएं: बाजारों में अतिक्रमण, पार्किंग की किल्लत और मंडी शुल्क से जुड़े मुद्दों पर राहत देने की मांग।
स्थानीय उत्पाद व युवा उद्यमी: स्थानीय उत्पादों को बेहतर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार दिलाने और युवा उद्यमियों को प्रोत्साहन देने पर भी चर्चा हुई।
सिंगल विंडो पर 206 सेवाएं, 'निवेश मित्र' कर रहे मदद
मुख्यमंत्री धामी ने उद्यमियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business) को प्रभावी बनाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम को पूरी तरह आधुनिक और मजबूत किया गया है:
वर्तमान में 26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं सिंगल विंडो पोर्टल पर पूरी तरह ऑनलाइन उपलब्ध हैं।
निवेशकों और उद्यमियों की फाइलों और समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए “निवेश मित्र” की व्यवस्था लागू की गई है।
₹200 करोड़ का वेंचर फंड और 'मेड इन उत्तराखंड' ब्रांड
युवाओं को नौकरी तलाशने वाले के बजाय नौकरी देने वाला (Job Creator) बनाने के संकल्प को दोहराते हुए सीएम ने कहा:
स्टार्टअप नीति व वेंचर फंड: राज्य की नई स्टार्टअप नीति के तहत 200 करोड़ रुपये का वेंचर फंड बनाया गया है, ताकि युवाओं को अपना उद्यम शुरू करने में फंड की कमी न हो।
पहाड़ में रोजगार: सरकार की मंशा है कि पर्वतीय क्षेत्रों का युवा अपने गांव और कस्बे में रहकर भी देश-दुनिया के बाजार के लिए अपना स्टार्टअप खड़ा कर सके।
'वन डिस्ट्रिक्ट, टू प्रोडक्ट': स्थानीय शिल्प और कृषि उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए 'वन डिस्ट्रिक्ट, टू प्रोडक्ट' योजना तेजी से काम कर रही है। सरकार “मेड इन उत्तराखंड” को देश और दुनिया में एक मजबूत ग्लोबल ब्रांड बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
