कोयंबटूर में भीषण अग्निकांड: एक के बाद एक फटे 7 गैस सिलेंडर, जलकर राख हुए 40 टिन शेड; टला बड़ा हादसा

कोयंबटूर | तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित नवा इंडिया इलाके में शनिवार को एक बड़ा अग्निकांड हुआ। यहां उत्तर भारत से आए निर्माण मजदूरों की अस्थायी बस्ती में एक के बाद एक 7 रसोई गैस (LPG) सिलेंडर फट गए। इन भीषण धमाकों के चलते आग की लपटों ने देखते ही देखते 40 से अधिक टिन शेड को अपनी चपेट में ले लिया और पूरी बस्ती जलकर खाक हो गई।
राहत की बात यह रही कि इस भीषण हादसे में किसी भी व्यक्ति की जान नहीं गई और न ही कोई घायल हुआ।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एक प्राइवेट कंस्ट्रक्शन कंपनी ने नवा इंडिया इलाके में उत्तर भारतीय राज्यों से आए मजदूरों के रहने के लिए 40 से ज्यादा टिन शेड बनाए थे, जिनमें करीब 500 मजदूर रहते हैं।
सुबह के समय जब ज्यादातर मजदूर काम पर निकल रहे थे, तभी एक शेड में रखे कुकिंग गैस सिलेंडर में अचानक आग लग गई और वह फट गया।
आग तेजी से पास के शेडों में फैल गई, जिसके बाद वहां रखे 6 अन्य सिलेंडर भी एक-एक कर जोरदार धमाकों के साथ फट पड़े।
धमाकों की आवाज इतनी तेज थी कि दूर-दूर तक गूंज सुनाई दी और पूरा इलाका घने काले धुएं के गुबार से भर गया। मौके पर मौजूद कुछ मजदूरों ने भागकर अपनी जान बचाई।
अग्निशमन विभाग और पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह घटना बेहद भीषण थी, लेकिन खुशकिस्मती से अधिकांश मजदूर सुबह की शिफ्ट में काम के लिए पहले ही निकल चुके थे। यदि यह हादसा रात में हुआ होता, तो 500 से अधिक लोगों की जान पर बन सकती थी।
हादसे की सूचना मिलते ही पीलामेडु और कोयंबटूर साउथ फायर स्टेशन से 4 दमकल गाड़ियां और 30 से अधिक फायरफाइटर्स तुरंत मौके पर पहुंचे।
आग इतनी विकराल थी कि शुरुआती दौर में घटनास्थल के करीब पहुंचना भी मुश्किल हो रहा था।
दमकलकर्मियों ने चारों तरफ से पानी की बौछारें कर कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया।
इस भयानक अग्निकांड में प्रवासी मजदूरों के कपड़े, बर्तन, राशन, नकदी और जरूरी दस्तावेज जलकर पूरी तरह राख हो गए। हादसे के बाद खुले आसमान के नीचे आए मजदूरों के पुनर्वास और मदद के लिए स्थानीय प्रशासन जुट गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आग लगने के सही कारणों की जांच शुरू कर दी है।
