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कूनो में मादा चीता ने दिया चार शावकों को जन्म, परियोजना के चार साल पूरे होने के अगले ही दिन खुशखबरी

tv10 india news desk
By tv10 india news deskNewsroom18 September 2026

AI News Reader

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कूनो में मादा चीता ने दिया चार शावकों को जन्म, परियोजना के चार साल पूरे होने के अगले ही दिन खुशखबरी

श्योपुर। मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान से चीता परियोजना के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। भारत में जन्मी मादा चीता केजीपी-12 ने चार शावकों को जन्म दिया है। यह खबर उसी दिन आई जब परियोजना को शुरू हुए पूरे चार साल बीतने के ठीक अगले दिन का समय था।

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने इसे उम्मीद, धैर्य और चीता संरक्षण की बढ़ती सफलता का प्रतीक बताया। उन्होंने कूनो और चीता परियोजना से जुड़े पूरे परिवार को बधाई दी।

भारत में जन्मी मादा चीता की संतान

इस जन्म का सबसे अहम पहलू यह है कि शावकों की माँ खुद भारत में ही जन्मी थी। इसका अर्थ है कि यहाँ जन्मी पीढ़ी अब अपनी अगली पीढ़ी को जन्म देने की स्थिति में पहुँच चुकी है। वन्यजीव संरक्षण में इसे किसी भी पुनर्वास परियोजना का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है, क्योंकि यह दर्शाता है कि प्रजाति नए वातावरण में खुद को ढाल रही है।

क्यों अहम है यह पड़ाव

  • भारत में जन्मी मादा चीता का प्रजनन करना बताता है कि नई पीढ़ी स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल है
  • एक साथ चार शावकों का जन्म आबादी बढ़ाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है
  • परियोजना के चार वर्ष पूरे होने के मौके पर आई यह खबर संरक्षण दल के लिए बड़ा प्रोत्साहन है

कूनो राष्ट्रीय उद्यान मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित है और खुले घास के मैदानों तथा बिखरे जंगलों वाला इसका भू-भाग चीतों के लिए उपयुक्त माना गया था। परियोजना की शुरुआत से ही यहाँ शावकों के जन्म, उनके स्वास्थ्य और शिकार करने की क्षमता पर लगातार निगरानी रखी जाती रही है।

नवजात शावकों के जीवन के शुरुआती महीने सबसे नाजुक होते हैं, इसलिए वन विभाग की टीम माँ और शावकों पर विशेष नजर रख रही है। संरक्षण से जुड़े लोगों का कहना है कि हर नई पीढ़ी के साथ इस आबादी के आत्मनिर्भर होने की संभावना मजबूत होती जाती है।