हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद: CM धामी का कांग्रेस पर तीखा हमला— बोले, 'समाज में विभाजन पैदा करने की हो रही कोशिश; आरोप हैं तो तथ्य सामने लाए विपक्ष'

- मुकदमा दर्ज होने के अगले दिन बोले मुख्यमंत्री— राजनीतिक लाभ के लिए संवेदनशील मुद्दों को हवा दे रही कांग्रेस
- कांग्रेस कार्यकर्ता की तहरीर पर BNS और SC/ST एक्ट के तहत दर्ज हुई FIR
- प्रदेशभर से मिली थीं 80 शिकायतें, SSP मंजूनाथ टीसी ने एसपी क्राइम को सौंपी जांच
हल्द्वानी : हल्द्वानी में 'शुद्धिकरण यज्ञ' को लेकर उपजे सियासी घमासान के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस पर सीधा और तीखा हमला बोला है। मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के ठीक अगले दिन मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि कांग्रेस के पास ऐसा कोई ठोस तथ्य या प्रमाण नहीं है, जिससे यह साबित हो सके कि हल्द्वानी में किसी व्यक्ति को अपमानित करने के उद्देश्य से शुद्धिकरण कराया गया था। सीएम ने आरोप लगाया कि राजनीतिक फायदे के लिए इस संवेदनशील मुद्दे को तूल देकर समाज में भ्रम और विभाजन की खाई पैदा करने की कोशिश की जा रही है।
मुख्यमंत्री का यह बयान भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन नबीन के दौरे से ठीक पहले आया है, जिसे राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।
'तथ्यों के आधार पर बात रखे कांग्रेस, समाज को बांटना बंद करे'
मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि संवेदनशील विषयों पर राजनीतिक रोटियां सेकने के बजाय विपक्ष को जिम्मेदारी दिखानी चाहिए। उन्होंने कहा, "कांग्रेस को समाज को जोड़ने की भूमिका निभानी चाहिए, न कि निराधार मुद्दों पर माहौल खराब करने की। अगर कांग्रेस के आरोपों में कोई सच्चाई है, तो वह तथ्यों और पुख्ता प्रमाणों के साथ अपनी बात रखे।"
कांग्रेस कार्यकर्ता की तहरीर पर FIR दर्ज
दूसरी तरफ, हल्द्वानी कोतवाली पुलिस ने इस मामले में औपचारिक प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। यह मुकदमा कांग्रेस कार्यकर्ता अंजू की शिकायत पर दर्ज किया गया है।
पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 (धर्म, जाति आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना) और धारा 299 (धार्मिक भावनाओं को आहत करने का इरादा) के अलावा एससी/एसटी (SC/ST) अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3(1)(r) के तहत केस दर्ज किया है।
पूरे प्रदेश से आई थीं 80 शिकायतें, एसपी क्राइम को सौंपी जांच
नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. मंजूनाथ टीसी ने बताया कि हल्द्वानी मामले को लेकर पुलिस को पूरे उत्तराखंड से करीब 80 शिकायतें व याचिकाएं प्राप्त हुई थीं, जिनमें से 19 शिकायतें अकेले नैनीताल जिले से थीं। इन सभी में मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई थी।
एसएसपी के अनुसार, सभी शिकायतों के कानूनी परीक्षण के बाद सबसे पहले शिकायत दर्ज कराने वाली अंजू की तहरीर के आधार पर हल्द्वानी कोतवाली में मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की संवेदनशीलता और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए एसएसपी ने इस पूरे प्रकरण की विवेचना एसपी क्राइम जगदीश चंद्र को सौंप दी है। अब पुलिस जांच में इस बात की पड़ताल की जा रही है कि शुद्धिकरण यज्ञ के पीछे वास्तविक तथ्य और मंशा क्या थी।
