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घर ला रहे हैं बप्पा? स्थापना से पहले भूलकर भी न छोड़ें ये 7 जरूरी काम; जानिए सही नियम और पूजन विधि

30 August 2026

AI News Reader

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घर ला रहे हैं बप्पा? स्थापना से पहले भूलकर भी न छोड़ें ये 7 जरूरी काम; जानिए सही नियम और पूजन विधि

धर्म डेस्क: भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर देशभर में गणेश जन्मोत्सव यानी गणेश चतुर्थी का पावन पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। विघ्नहर्ता भगवान श्रीगणेश की कृपा और आशीर्वाद पाने के लिए भक्त अपने घरों में बप्पा की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गणपति स्थापना से पहले घर और पूजा स्थल पर कुछ विशेष व्यवस्थाएं करना बेहद शुभ माना जाता है। इससे न केवल घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, बल्कि स्थापना के समय पूजा निर्विघ्न संपन्न होती है। यदि आप भी इस बार घर में गणपति बप्पा को विराजने जा रहे हैं, तो स्थापना से पहले इन 7 जरूरी बातों का खास ध्यान रखें:

1. घर और पूजा स्थल की संपूर्ण शुद्धि

गणपति स्थापना से पहले पूरे घर, विशेषकर पूजा वाले स्थान की अच्छी तरह साफ-सफाई करें। पूजा स्थल और घर के मुख्य द्वार पर गंगाजल का छिड़काव करें। धार्मिक मान्यता है कि जहां पूर्ण स्वच्छता और पवित्रता होती है, वहीं देवताओं का वास होता है।

2. शुभ दिशा में तैयार करें पूजा की चौकी

भगवान गणेश की स्थापना के लिए लकड़ी की नई या साफ चौकी (पाट) का इस्तेमाल करें। चौकी पर लाल या पीले रंग का नया वस्त्र बिछाएं। स्थापना के लिए घर का ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) सबसे उत्तम माना जाता है। चौकी ऐसी जगह लगाएं जहां परिवार के सभी सदस्य बैठकर आसानी से पूजा और आरती कर सकें।

3. पहले से जुटा लें पूजन सामग्री

स्थापना के समय किसी भी तरह की हड़बड़ाहट से बचने के लिए पूजन सामग्री की सूची बनाकर पहले से तैयार रख लें। सामग्री में मुख्य रूप से:

रोली, चंदन, अक्षत (अखंडित चावल), कलावा, जनेऊ

दूर्वा (कम से कम 21 दूर्वा घास की गांठें)

ताजे लाल फूल/गुड़हल और माला

धूप, दीपक, कपूर, पंचामृत और भोग के लिए मोदक/लड्डू

4. शुभ मुहूर्त का रखें विशेष ध्यान

गणपति बप्पा की स्थापना हमेशा शुभ मुहूर्त में ही करनी चाहिए। पंचांग के अनुसार चतुर्थी तिथि पर 'मध्याह्न काल' (दोपहर का समय) गणेश पूजन और स्थापना के लिए सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। स्थापना से पहले स्थानीय पंचांग या ज्योतिषाचार्य से शुभ चौघड़िया और मुहूर्त की जानकारी अवश्य ले लें।

5. मंगल कलश की स्थापना की तैयारी

गणेश स्थापना के साथ मंगल कलश स्थापित करना अनिवार्य माना जाता है। इसके लिए तांबे, पीतल या मिट्टी के कलश में शुद्ध जल, गंगाजल, सुपारी, सिक्का और अक्षत डालें। कलश के मुख पर आम या अशोक के पांच या सात पत्ते लगाएं और ऊपर लाल कपड़े/मौली में लपेटा हुआ सूखा नारियल (श्रीफल) स्थापित करें।

6. परिवार के साथ पूजा का संकल्प

गणपति स्थापना केवल एक अनुष्ठान नहीं, बल्कि पूरे परिवार का उत्सव है। स्थापना से पूर्व परिवार के सभी सदस्य स्वच्छ वस्त्र धारण करें और एक साथ बैठकर पूजा में शामिल होने तथा घर में सुख, शांति व समृद्धि बनाए रखने का मन में सकारात्मक संकल्प लें।

7. प्राण प्रतिष्ठा और विधिवत आरती

प्रतिमा को चौकी पर विराजने के बाद हाथ में अक्षत और पुष्प लेकर भगवान गणेश का आह्वान करें। उन्हें दूर्वा, सिंदूर, वस्त्र और मोदक अर्पित करें। धूप-दीप प्रज्वलित कर परिवार सहित गणेश जी की आरती गाएं और सभी में प्रसाद वितरित करें।

विशेष टिप: भगवान गणेश को तुलसी दल अर्पित करना वर्जित माना गया है, इसलिए पूजन सामग्री में तुलसी की जगह ताजी दूर्वा को प्राथमिकता दें।