हैदराबाद मैराथन में उत्तराखंड की धाक: चमोली की भागीरथी ने 42 किमी दौड़ में जीता सिल्वर

चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले के सीमांत वाण गांव (देवाल ब्लॉक) की बेटी भागीरथी बिष्ट ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का मान बढ़ाया है। हैदराबाद में आयोजित प्रतिष्ठित मैराथन प्रतियोगिता में भागीरथी ने 42 किलोमीटर की कठिन दौड़ में दूसरा स्थान हासिल कर रजत पदक (सिल्वर मेडल) अपने नाम किया।
भागीरथी ने 42 किलोमीटर की यह मैराथन महज 2 घंटे 51 मिनट में पूरी की। समापन समारोह में तेलंगाना के मुख्यमंत्री अनुमुला रेवंत रेड्डी ने भागीरथी को मेडल प्रदान कर सम्मानित किया और उनकी इस उपलब्धि की सराहना की।
भागीरथी के कोच सुनील शर्मा ने बताया कि भागीरथी लगातार कड़े अनुशासन और समर्पण के साथ प्रशिक्षण ले रही हैं। उन्होंने बताया कि भागीरथी इससे पहले ईरान में आयोजित 42 किमी की अंतरराष्ट्रीय मैराथन में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। इसके अलावा देश के विभिन्न राज्यों में आयोजित मैराथन प्रतियोगिताओं में भी उन्होंने कई पदक जीते हैं।
सिल्वर मेडल जीतने के बाद भागीरथी बिष्ट ने कहा, "मेरा अंतिम सपना ओलंपिक खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करना और भारत की झोली में स्वर्ण पदक डालना है। मैं इसी लक्ष्य को ध्यान में रखकर अपनी ट्रेनिंग पर पूरा फोकस कर रही हूं।"
भागीरथी की इस ऐतिहासिक कामयाबी के बाद उनके पैतृक गांव वाण और पूरे चमोली जिले में जश्न का माहौल है। क्षेत्रीय विधायक भूपाल राम टम्टा, कांग्रेस नेता संदीप पटवाल समेत स्थानीय जनप्रतिनिधियों व खेल प्रेमियों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
