🔴 Latest
🔴 नंदा देवी बड़ी जात: रूपकुंड की ओर बढ़ीं देव डोलियां, वेदनी कुंड से वापस लौटी बधाण की डोली🔴 बदरीनाथ धाम में 19 और 20 सितंबर को सजेगा 'देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव-2026': सेना और चमोली प्रशासन की संयुक्त पहल; दिखेगी लोक संस्कृति और पराक्रम की झलक🔴 पहाड़ों की रानी में 29 नवंबर को दौड़ेगा देश: अभिनेता टॉम ऑल्टर का सपना साकार करेगी 'मसूरी अल्ट्रा मैराथन'🔴 'झूठ की बुनियाद पर टिके हैं कांग्रेस के आरोप': कोल प्लांट से लेकर जमीन विवाद तक पर सीएम धामी का तीखा पलटवार🔴 अब तक का सबसे कम उम्र का ग्रह खोजा गया, आयु दस लाख वर्ष से भी कम🔴 नंदा देवी बड़ी जात: रूपकुंड की ओर बढ़ीं देव डोलियां, वेदनी कुंड से वापस लौटी बधाण की डोली🔴 बदरीनाथ धाम में 19 और 20 सितंबर को सजेगा 'देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव-2026': सेना और चमोली प्रशासन की संयुक्त पहल; दिखेगी लोक संस्कृति और पराक्रम की झलक🔴 पहाड़ों की रानी में 29 नवंबर को दौड़ेगा देश: अभिनेता टॉम ऑल्टर का सपना साकार करेगी 'मसूरी अल्ट्रा मैराथन'🔴 'झूठ की बुनियाद पर टिके हैं कांग्रेस के आरोप': कोल प्लांट से लेकर जमीन विवाद तक पर सीएम धामी का तीखा पलटवार🔴 अब तक का सबसे कम उम्र का ग्रह खोजा गया, आयु दस लाख वर्ष से भी कम

दिल्ली बेचेगी कार्बन क्रेडिट, इलेक्ट्रिक बसों और पौधरोपण से हुई बचत का मिलेगा लाभ

tv10 india news desk
By tv10 india news deskNewsroom18 September 2026

AI News Reader

खबर सुनें (Listen Now)

दिल्ली बेचेगी कार्बन क्रेडिट, इलेक्ट्रिक बसों और पौधरोपण से हुई बचत का मिलेगा लाभ

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार अब कार्बन उत्सर्जन में की गई कटौती को कार्बन क्रेडिट में बदलकर बेचने की तैयारी कर रही है। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन, पौधरोपण, कचरा प्रबंधन, नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा बचत से होने वाली कमी को इसमें शामिल किया जाएगा। इससे मिलने वाली राशि संचित निधि या इसके लिए तय किए गए खाते में जमा होगी।

तीन परामर्शदाता संस्थाओं का होगा चयन

पर्यावरण विभाग ने इस काम के लिए निविदा जारी कर दी है। इसके तहत तीन परामर्शदाता संस्थाओं को सूचीबद्ध किया जाएगा। ये संस्थाएँ यह आकलन करेंगी कि किस कार्यक्रम से कितना उत्सर्जन घटा, उसका वैज्ञानिक हिसाब तैयार करेंगी और तीसरे पक्ष से सत्यापन कराएंगी। सत्यापन पूरा होने के बाद ही कार्बन क्रेडिट जारी किए जाएंगे।

निविदा के प्रारंभिक आकलन के अनुसार मध्यम अवधि में दिल्ली हर साल करीब ढाई से तीन करोड़ टन कार्बन डाइऑक्साइड के समकक्ष उत्सर्जन में कमी हासिल कर सकती है। यह आँकड़ा बताता है कि राजधानी में चल रहे पर्यावरणीय कार्यक्रमों का दायरा कितना बड़ा हो चुका है।

किन कार्यक्रमों से बनेगा क्रेडिट

  • इलेक्ट्रिक बसों का संचालन और सार्वजनिक परिवहन का विद्युतीकरण
  • शहर में किया जा रहा पौधरोपण
  • ठोस कचरा प्रबंधन की परियोजनाएँ
  • सौर सहित नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग
  • सरकारी भवनों और प्रतिष्ठानों में ऊर्जा की बचत

कार्बन क्रेडिट एक ऐसी इकाई है जो एक टन कार्बन डाइऑक्साइड के बराबर उत्सर्जन में कटौती को दर्शाती है। जो संस्थाएँ अपने तय लक्ष्य से अधिक कटौती करती हैं, वे इन क्रेडिट को उन संस्थाओं को बेच सकती हैं जिन्हें अपने उत्सर्जन की भरपाई करनी होती है। इस तरह पर्यावरण के लिए किया गया काम आमदनी का जरिया भी बन जाता है।

अधिकारियों के मुताबिक क्रेडिट जारी होने से पहले हर स्तर पर वैज्ञानिक हिसाब-किताब जरूरी होगा, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में बिना स्वतंत्र सत्यापन वाले क्रेडिट को स्वीकार नहीं किया जाता। इसी वजह से तीसरे पक्ष से जाँच को प्रक्रिया का अनिवार्य हिस्सा रखा गया है।