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Char Dham Yatra 2026: दिल्ली से CM पुष्कर धामी ने की वर्चुअल समीक्षा, यमुनोत्री-केदारनाथ मार्गों के लिए जारी किए कड़े निर्देश

tv10 india news desk
By tv10 india news deskNewsroom15 September 2026

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Char Dham Yatra 2026: दिल्ली से CM पुष्कर धामी ने की वर्चुअल समीक्षा, यमुनोत्री-केदारनाथ मार्गों के लिए जारी किए कड़े निर्देश

देहरादून / नई दिल्ली:
दिल्ली दौरे पर गए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चारधाम यात्रा-2026 की व्यवस्थाओं को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने यात्रा से जुड़े सभी जनपदों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों से यात्रा मार्गों, ट्रैफिक प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं तथा सुरक्षा व्यवस्थाओं का बिंदुवार ब्योरा लिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगमता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि चारधाम यात्रा-2026 के लिए अब तक रिकॉर्ड 66,07,749 तीर्थयात्री पंजीकरण करा चुके हैं। वहीं, 14 सितंबर 2026 की शाम 7 बजे तक 50,56,160 श्रद्धालु सफलतापूर्वक दर्शन कर चुके हैं।

धामवार दर्शनार्थियों का आंकड़ा (14 सितंबर शाम 7 बजे तक):

धाम / तीर्थ स्थलदर्शन करने वाले कुल श्रद्धालु

श्री बदरीनाथ धाम 17,36,619

श्री केदारनाथ धाम 14,98,544

गंगोत्री धाम 7,89,773

यमुनोत्री धाम 7,08,407

श्री हेमकुंड साहिब 3,22,817

कुल योग 50,56,160

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश:

1. यमुनोत्री धाम: 500 मीटर पहले नया घोड़ा पड़ाव और भीड़ नियंत्रण

  • यमुनोत्री धाम में भीड़ और संकरे रास्तों को देखते हुए धाम से करीब 500 मीटर पहले एक दूसरा घोड़ा पड़ाव विकसित किया जाएगा।
  • सूर्यकुंड क्षेत्र में श्रद्धालुओं के सुचारू आवागमन के लिए विशेष क्राउड मैनेजमेंट प्लान लागू होगा।
  • खरसाली से बनने वाले वैकल्पिक मार्ग की प्रक्रिया में तेजी लाने और यमुनोत्री पैदल मार्ग के चौड़ीकरण के निर्देश दिए गए।
  • डंडी-कंडी और घोड़े-खच्चरों की आवाजाही को नियंत्रित किया जाए। पशुओं का नियमित मेडिकल चेकअप हो और पशु क्रूरता पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

2. केदारनाथ ट्रेक: चीरबासा और भैरव ग्लेशियर पर पैनी नजर

  • केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा और भैरव ग्लेशियर क्षेत्र को अत्यंत संवेदनशील मानते हुए वहां निरंतर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
  • इन ग्लेशियर प्वाइंट्स पर यात्रियों व डंडी-कंडी-घोड़ों की आवाजाही व्यवस्थित रखी जाएगी और किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए त्वरित रेस्क्यू टीमें मुस्तैद रहेंगी।

3. भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में मशीनें मुस्तैद, बंद मार्ग तुरंत खुलें

  • गंगोत्री मार्ग को गड्ढामुक्त करने व चौड़ीकरण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
  • स्यानाचट्टी और ज्योतिर्मठ-मारवाड़ी जैसे भूस्खलन संभावित संवेदनशील क्षेत्रों में जेसीबी और तकनीकी टीमें 24 घंटे तैनात रहेंगी, ताकि मार्ग अवरुद्ध होते ही उसे तत्काल खोला जा सके।
  • ट्रैफिक दबाव को नियंत्रित करने के लिए होल्डिंग क्षेत्रों में यात्रियों के बैठने, पानी और शेड की समुचित व्यवस्था की जाए।

4. हेली सेवाओं की कालाबाजारी पर वार, स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता

  • मुख्यमंत्री ने सख्त हिदायत दी कि हेली टिकटों की अनधिकृत बिक्री अथवा तय किराए से अधिक वसूली की शिकायत पर तत्काल मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए।
  • उड़ानों का संचालन पूरी तरह से मौसम की अनुकूलता देखकर ही किया जाए।
  • धामों में बढ़ती ठंड को देखते हुए अलाव (बॉर्नफायर) की व्यवस्था की जाए। केदारनाथ और बदरीनाथ पैदल मार्गों पर डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ, जीवनरक्षक दवाओं और ऑक्सीजन की कोई कमी न रहे।

5. स्वच्छता और डार्क जोन में मोबाइल कनेक्टिविटी

  • यात्रा मार्गों पर सुलभ शौचालयों की नियमित सफाई और अधिकारियों द्वारा औचक निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए।
  • घोड़ों-खच्चरों की लीद के वैज्ञानिक निस्तारण और रास्तों की लगातार धुलाई के निर्देश दिए गए।
  • जिन क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क की समस्या (डार्क जोन) है, वहां दूरसंचार कंपनियों और विभागों के समन्वय से आपातकालीन सैटेलाइट/वायरलेस संचार व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए।